Anshan For Road, Two Fallen Ill – रास्ते के लिए अनशन पर बैठे दो लोगों की हालत बिगड़ी, तीन दिन बाद भी नहीं पहुंचा रेलवे का कोई जिम्मेदार


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रास्ते के लिए अनशन पर बैठे दो लोगों की हालत बिगड़ी, तीन दिन बाद भी नहीं पहुंचा रेलवे का कोई जिम्मेदार
सलेमपुर। क्रमिक अनशन पर बैठे दो किसानों की बारिश में भीगने से हालत बिगड़ गई। खबर मिलते ही ग्राम प्रधान ने दोनों किसानों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। धरना स्थल पर क्षेत्र के लोग नारेबाजी करने लगे।
भटनी-वाराणसी रेलखंड पर पिवकोल से भटनी के लिए तीन और नई रेल लाइन बन रही है। इससे पिवकोल गांव दो भागों में बंट जा रहा है। सेमरा घुसरी, मड़पही, विंदवलिया, इनरहा आदि गांवों के किसानों का रास्ता अवरुद्ध हो रहा है। इसके विरोध में रविवार से क्षेत्र के किसान पिवकोल रेलवे स्टेशन के समीप क्रमिक अनशन कर रहे हैं। अनशनकारी धरना स्थल पर ही टेंट डाल दिए हैं। मंगलवार की रात रमाकांत, भोला प्रसाद, सत्येंद्र कुमार, शिव शंकर राजभर, रामायण यादव व गुलाब राजभर रात में टेंट में सो रहे थे। इसी बीच बारिश होने लगी और ये लोग भीग गए। बुधवार की सुबह अनशन में शामिल रमाकांत व भोला प्रसाद की हालत बिगड़ गई। ग्राम प्रधान वीर बहादुर कुशवाहा ने ग्रामीणों की मदद से दोनों को पिवकोल चौराहा स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि तीन दिन से अनशन चल रहा है, लेकिन अब तक रेलवे का कोई जिम्मेदार यहां नहीं पहुंचा। अगर रास्ते का निस्तारण नहीं किया जाता है तो किसान उग्र आंदोलन करेंगे। उसकी जिम्मेदारी रेलवे के अधिकारियों की होगी। धरना स्थल पर कमलेश यादव, श्रवण कुमार, गंगा सागर तिवारी, हरेराम, महेश यादव, विकास, रजनीश कुमार, सलहंती, कुसमावती, राजकुमारी देवी व श्रद्धा देवी मौजूद रहे।

रास्ते के लिए अनशन पर बैठे दो लोगों की हालत बिगड़ी, तीन दिन बाद भी नहीं पहुंचा रेलवे का कोई जिम्मेदार

सलेमपुर। क्रमिक अनशन पर बैठे दो किसानों की बारिश में भीगने से हालत बिगड़ गई। खबर मिलते ही ग्राम प्रधान ने दोनों किसानों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। धरना स्थल पर क्षेत्र के लोग नारेबाजी करने लगे।

भटनी-वाराणसी रेलखंड पर पिवकोल से भटनी के लिए तीन और नई रेल लाइन बन रही है। इससे पिवकोल गांव दो भागों में बंट जा रहा है। सेमरा घुसरी, मड़पही, विंदवलिया, इनरहा आदि गांवों के किसानों का रास्ता अवरुद्ध हो रहा है। इसके विरोध में रविवार से क्षेत्र के किसान पिवकोल रेलवे स्टेशन के समीप क्रमिक अनशन कर रहे हैं। अनशनकारी धरना स्थल पर ही टेंट डाल दिए हैं। मंगलवार की रात रमाकांत, भोला प्रसाद, सत्येंद्र कुमार, शिव शंकर राजभर, रामायण यादव व गुलाब राजभर रात में टेंट में सो रहे थे। इसी बीच बारिश होने लगी और ये लोग भीग गए। बुधवार की सुबह अनशन में शामिल रमाकांत व भोला प्रसाद की हालत बिगड़ गई। ग्राम प्रधान वीर बहादुर कुशवाहा ने ग्रामीणों की मदद से दोनों को पिवकोल चौराहा स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि तीन दिन से अनशन चल रहा है, लेकिन अब तक रेलवे का कोई जिम्मेदार यहां नहीं पहुंचा। अगर रास्ते का निस्तारण नहीं किया जाता है तो किसान उग्र आंदोलन करेंगे। उसकी जिम्मेदारी रेलवे के अधिकारियों की होगी। धरना स्थल पर कमलेश यादव, श्रवण कुमार, गंगा सागर तिवारी, हरेराम, महेश यादव, विकास, रजनीश कुमार, सलहंती, कुसमावती, राजकुमारी देवी व श्रद्धा देवी मौजूद रहे।

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