Bharti Airtel’s Chief Technical Officer Randeep Sekhon told how 5g network will helpful to end unemployment in uttar pradesh | भारती एयरटेल के चीफ टेक्निकल ऑफिसर ने बताया कैसे यह दूर करेगा बेरोजगारी

लखनऊ30 मिनट पहले

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भारती एयरटेल के चीफ टेक्निकल ऑफिसर रणदीप सेखों से दैनिक भास्कर ने विशेष चर्चा की।

आज के दौर में इंटरनेट पर वीडियो सबसे ज्यादा देखे जा रहे हैं। लोग सर्च इंजन और अन्य सोशल साइट पर काफी डेटा वीडियो पर खर्च करते हैं। इसी वजह से इंटरनेट की स्पीड आज की जरूरत हो गई है। कंपनियां 5जी को लॉन्च करने के लिए आतुर हैं। इस बारे में भारती एयरटेल के चीफ टेक्निकल ऑफिसर रणदीप सेखों से दैनिक भास्कर ने विशेष चर्चा की। आज कनेक्टिविटी के साथ इंटरनेट स्पीड वक्त की जरूरत है। इस दौरान उन सभी सवालों के जवाब जानने की कोशिश की, जो आम लोगों के मन में उठते हैं। जानिए इनके बारे में…

सवाल: 5जी आम लोगों के लिए कैसे उपयोगी हो सकती है?
जवाब : यूपी के उपभोक्ता को इंटरनेट की अधिक जरूरत है, क्योंकि वहां के गांवों में ऑप्टिकल फाइबर की सुविधा नहीं है। पहले 2जी में काम चलता था। मगर, आज गांव का किसान भी अगले दिन के मौसम का हाल जानने के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल करता है। इसे देखते हुए मेरा मानना है कि यूपी सहित पूरे देश में 5जी एक साथ लांच होगा। हालांकि, जिन राज्यों में इंटरनेट कम है वहां पहले लांच होगा, क्योंकि वहां पर इसकी जरूरत ज्यादा है।

सवाल : यूपी में कितने टावर लगाए जाएंगे?
जवाब : 5जी के लिए कोई अतिरिक्त टॉवर इंस्टॉल नहीं करना पड़ता है। इसके लिए पहले से लगे टावर पर तीन रेडियो, तीन दिशाओं में लगाए जाएंगे। साथ में एक एंटीना इंस्टॉल किया जाएगा और 5जी की सुविधा चालू हो जाएगी। हर साल हमारी कंपनी हजारों टावर लगाती है। अब रिमोट एरिया और गांवों में भी टावर लगाए जा रहे हैं। बाकी राज्यों की तुलना में यूपी हमारी प्राथमिकता में है, जहां दूसरे राज्यों से अधिक निवेश कर रहे हैं। यहां इंटरनेट की खपत भी अधिक है। यूपी ईस्ट और बिहार में डेटा की खपत बेहद अधिक है।

सवाल : यूपी में बेरोजगारी दूर करने में क्या 5जी सहायक हो सकता है?
जवाब : हां, 5जी जरूर बेरोजगारी दूर करने में सहायक होगा। कोविड काल ने लोगों द्वारा किए जाने वाले रिमोट वर्क प्रोसेस को बढ़ावा दिया है। इसके लिए हाई-स्पीड इंटरनेट की जरूरत होती है। आज हम कह सकते हैं कि फास्ट इंटरनेट का जीडीपी ग्रोथ के साथ सीधा संबंध है। उदाहरण के लिए अगर आपको रिमोट कॉल सेंटर चलाना है, तो आप 5जी के माध्यम से आसानी से चला सकते हैं। इससे ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा।
सवालः 5जी का उपभोक्ता पर क्या प्रभाव पड़ेगा, कब तक ये सेवा शुरू होगी?
जवाब : 4जी में 55 से 60 मेगाहर्ट्ज का स्पैक्ट्रम होता है, जबकि 5जी में 60 से 100 मेगाहर्ट्ज का स्पैक्ट्रम ऑपरेटर को मिलता है। इसी पर निर्भर होता है कि कंपनी कितनी इंटरनेट दे सकती है। 4जी और 5जी में जो सबसे बड़ा मुद्दा स्पीड का है। आज अधिक डिवाइसेस की कनेक्टिविटी के चलते स्पीड कम होने की समस्या आती है, जो 5जी इंटरनेट में नहीं होगी। 5जी से लीटेंसी (रिस्पॉन्स टाइम) भी कम हो जाएगा। यानी वीडियो की बफरिंग में समय नहीं लगेगा। आगामी जून या अगस्त तक 5जी सेवाएं शुरू होने की संभावना है। नेटवर्क तैयार है सिर्फ टावर पर रेडियो इंस्टॉल करने हैं।

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