Bijli – बिजली बिल देने के साथ जमा भी करेगी नई एजेंसी


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बिजली बिल देने के साथ जमा भी करेगी नई एजेंसी
मौके पर ही दी जाएगी रसीद, बिल जमा करने के झंझट से भी मिलेगी निजात
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बंगलुरु की कंपनी क्वैस क्राप ने सोमवार से जिले में काम करना शुरू कर दिया। यह बिलिंग एजेंसी जितना बिल तैयार करेगी, उतना बिल मीटर रीडर द्वारा वसूली करने की जिम्मेदारी भी होगी। यह नई शर्त अनुबंध में जोड़ी गई है।
जनपद के 4.25 लाख के करीब उपभोक्ताओं की बिजली बिलिंग की जिम्मेदारी क्वैस क्राप एजेंसी को मिली है। कंपनी से बिजली निगम का अनुबंध हुआ है कि कुल उपभोक्ताओं में 60 प्रतिशत का बिल इस कंपनी को जमा करना होगा। सबसे खास बात हो यह है कि अगर त्रुटिपूर्ण बिल कोई भी मीटर रीडर तैयार करता है तो उसकी जिम्मेदारी होगी, उतनी धनराशि को जमा कराए। इससे फाल्स बिलिंग पर रोक की उम्मीद जगी है। घर पर बिल देने आने वाले मीटर रीडर ही बिल की रकम भी जमा कर लेंगे और उपभोक्ता को बिल जमा होने की रसीद भी देंगे। इसके हो जाने से सबसे बड़ा फायदा यह भी होगा कि ऑनलाइन बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को छोड़कर बाकी अन्य को भी बिल जमा करने के लिए बिजली निगम के कार्यालय पर नहीं आना होगा।
सीधे निगम के खाते में जाएगा धन
नई बिलिंग एजेंसी सभी मीटर रीडरों के स्मार्ट फोन में एक पेमेंट वॉलेट भी इंस्टॉल कराएगी। इसमें कम से कम 20 हजार तक बैलेंस उपलब्ध होगा। इसे ब्लू टूथ वाले प्रिंटर सेट से बिल राशि लेकर रकम वॉलेट के जरिये सीधे निगम के खाते में जमा किया जा सकेगा।
नई एजेंसी को काम सौंप दिया गया है। यह एजेंसी बिल निकाल कर जमा भी करेगी। अगर किसी के पास मौके पर रुपये नहीं है तो वह काउंटर पर आकर जमा कर सकता है। इससे गलत बिलिंग पर रोक लगेगी। किसी भी उपभोक्ता का गलत बिल आ गया है तो वह सुधार करा सकता है।
– जीसी यादव, अधीक्षण अभियंता

बिजली बिल देने के साथ जमा भी करेगी नई एजेंसी

मौके पर ही दी जाएगी रसीद, बिल जमा करने के झंझट से भी मिलेगी निजात

संवाद न्यूज एजेंसी

देवरिया। बंगलुरु की कंपनी क्वैस क्राप ने सोमवार से जिले में काम करना शुरू कर दिया। यह बिलिंग एजेंसी जितना बिल तैयार करेगी, उतना बिल मीटर रीडर द्वारा वसूली करने की जिम्मेदारी भी होगी। यह नई शर्त अनुबंध में जोड़ी गई है।

जनपद के 4.25 लाख के करीब उपभोक्ताओं की बिजली बिलिंग की जिम्मेदारी क्वैस क्राप एजेंसी को मिली है। कंपनी से बिजली निगम का अनुबंध हुआ है कि कुल उपभोक्ताओं में 60 प्रतिशत का बिल इस कंपनी को जमा करना होगा। सबसे खास बात हो यह है कि अगर त्रुटिपूर्ण बिल कोई भी मीटर रीडर तैयार करता है तो उसकी जिम्मेदारी होगी, उतनी धनराशि को जमा कराए। इससे फाल्स बिलिंग पर रोक की उम्मीद जगी है। घर पर बिल देने आने वाले मीटर रीडर ही बिल की रकम भी जमा कर लेंगे और उपभोक्ता को बिल जमा होने की रसीद भी देंगे। इसके हो जाने से सबसे बड़ा फायदा यह भी होगा कि ऑनलाइन बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को छोड़कर बाकी अन्य को भी बिल जमा करने के लिए बिजली निगम के कार्यालय पर नहीं आना होगा।

सीधे निगम के खाते में जाएगा धन

नई बिलिंग एजेंसी सभी मीटर रीडरों के स्मार्ट फोन में एक पेमेंट वॉलेट भी इंस्टॉल कराएगी। इसमें कम से कम 20 हजार तक बैलेंस उपलब्ध होगा। इसे ब्लू टूथ वाले प्रिंटर सेट से बिल राशि लेकर रकम वॉलेट के जरिये सीधे निगम के खाते में जमा किया जा सकेगा।

नई एजेंसी को काम सौंप दिया गया है। यह एजेंसी बिल निकाल कर जमा भी करेगी। अगर किसी के पास मौके पर रुपये नहीं है तो वह काउंटर पर आकर जमा कर सकता है। इससे गलत बिलिंग पर रोक लगेगी। किसी भी उपभोक्ता का गलत बिल आ गया है तो वह सुधार करा सकता है।

– जीसी यादव, अधीक्षण अभियंता

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