Case – लेखपाल ने कंपनी की भूमि भू-माफिया के नाम की, तीन पर मुकदमा


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पोखरे की भूमि पर अभिलेखों की हेराफेरी कर दर्ज कर दिया था नाम
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ केस, भू माफिया पर थानों में दर्ज हैं कई मामले
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी कर लेखपाल ने बेशकीमती भूमि भू-माफिया के नाम पर कर दी। एसडीएम भाटपाररानी की जांच में यह मामला सामने आया। कंपनी के मुख्तारेआम ने इस संबंध में तहरीर भाटपाररानी पुलिस को दी। लेकिन मुकदमा पुलिस ने दर्ज नहीं किया। इस पर उन्होंने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में वाद दाखिल किया। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने उस दौरान तैनात रहे लेखपाल सहित तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
शारदा इंवेस्टमेंट लिमिटेड कोलकाता के मुख्तारेआम लाल बिहारी निवासी मैरवा बिहार ने भाटपाररानी के एसडीएम से शिकायत की थी कि राजपुर ग्राम पंचायत में कंपनी के सात एकड़ पोखरे की भूमि पर हल्का लेखपाल की मिलीभगत से राजपुर गांव निवासी जटाशंकर सिंह और बाबूलाल सिंह ने अपने नाम करा लिया है। इस पर एसडीएम ने तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कानूनगो से जांच कराई। जांच में यह बात सामने आई कि कूटरचना कर भूमि पर आरोपियों ने अपना नाम अभिलेखों में दर्ज करा लिया है। मुख्तारेआम ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की गुहार लगाई लेकिन पुलिस ने नहीं सुनी। उन्होंने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में मुकदमा दर्ज करने के लिए वाद दाखिल किया। इस पर कोर्ट के आदेश पर भाटपाररानी पुलिस ने जटाशंकर और बाबूलाल, तत्कालीन लेखपाल सुमित श्रीवास्तव पर धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
जटाशंकर व बाबूलाल शासन की ओर से बनी भू-माफिया की सूची शामिल हैं। जटाशंकर पर 2000 वर्ष में गैंगस्टर के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है। पुलिस रिकार्ड के अनुसार उस पर विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। आरोपित जटाशंकर ने कहा कि पांच साल पहले मेरा नाम एक डिस्मिल भूमि के विवाद में भू माफिया की सूची में डाल दिया गया था। मेरे खिलाफ इस समय सात मुकदमे हैं और अन्य समाप्त हो चुके हैं। जिस भूमि का विवाद है, उस पर मेरे पिता का 1956 से नाम था। उनके मरने के बाद दोनों भाइयों के नाम वरासत हो गई, जो मार्च 2021 तक अभिलेख में थी। वहीं एसओ भाटपाररानी दिलीप सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश लेखपाल समेत तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना की जा रही है।

पोखरे की भूमि पर अभिलेखों की हेराफेरी कर दर्ज कर दिया था नाम

कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ केस, भू माफिया पर थानों में दर्ज हैं कई मामले

संवाद न्यूज एजेंसी

देवरिया। राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी कर लेखपाल ने बेशकीमती भूमि भू-माफिया के नाम पर कर दी। एसडीएम भाटपाररानी की जांच में यह मामला सामने आया। कंपनी के मुख्तारेआम ने इस संबंध में तहरीर भाटपाररानी पुलिस को दी। लेकिन मुकदमा पुलिस ने दर्ज नहीं किया। इस पर उन्होंने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में वाद दाखिल किया। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने उस दौरान तैनात रहे लेखपाल सहित तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।

शारदा इंवेस्टमेंट लिमिटेड कोलकाता के मुख्तारेआम लाल बिहारी निवासी मैरवा बिहार ने भाटपाररानी के एसडीएम से शिकायत की थी कि राजपुर ग्राम पंचायत में कंपनी के सात एकड़ पोखरे की भूमि पर हल्का लेखपाल की मिलीभगत से राजपुर गांव निवासी जटाशंकर सिंह और बाबूलाल सिंह ने अपने नाम करा लिया है। इस पर एसडीएम ने तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कानूनगो से जांच कराई। जांच में यह बात सामने आई कि कूटरचना कर भूमि पर आरोपियों ने अपना नाम अभिलेखों में दर्ज करा लिया है। मुख्तारेआम ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की गुहार लगाई लेकिन पुलिस ने नहीं सुनी। उन्होंने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में मुकदमा दर्ज करने के लिए वाद दाखिल किया। इस पर कोर्ट के आदेश पर भाटपाररानी पुलिस ने जटाशंकर और बाबूलाल, तत्कालीन लेखपाल सुमित श्रीवास्तव पर धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।

जटाशंकर व बाबूलाल शासन की ओर से बनी भू-माफिया की सूची शामिल हैं। जटाशंकर पर 2000 वर्ष में गैंगस्टर के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है। पुलिस रिकार्ड के अनुसार उस पर विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। आरोपित जटाशंकर ने कहा कि पांच साल पहले मेरा नाम एक डिस्मिल भूमि के विवाद में भू माफिया की सूची में डाल दिया गया था। मेरे खिलाफ इस समय सात मुकदमे हैं और अन्य समाप्त हो चुके हैं। जिस भूमि का विवाद है, उस पर मेरे पिता का 1956 से नाम था। उनके मरने के बाद दोनों भाइयों के नाम वरासत हो गई, जो मार्च 2021 तक अभिलेख में थी। वहीं एसओ भाटपाररानी दिलीप सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश लेखपाल समेत तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना की जा रही है।

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