Doctor said – parents should not hesitate, vaccine will protect against complications caused by Kovid | डॉक्टर बोले- अभिभावक हिचकें न, कोविड से होने वाले कॉम्प्लिकेशन से बचाएगी वैक्सीन

नोएडा44 मिनट पहले

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बच्‍चों को कोरोना वैक्सीन का टीका लगवाने में कुछ अभिभावकों को हिचक महसूस हो रही होगी। उन्‍हें यह समझ नहीं आ रहा कि टीका लगवाएं अथवा कुछ समय इंतजार करें। इस पर नोएडा फेलिक्स अस्पताल के चेयरमैन व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके गुप्ता ने वैक्सीन को पूरी तरह से सुरक्षित बताया है। उनका कहना है कि फिलहाल बच्‍चों को कोविड जैसी संक्रामक बीमारी से बचाने का सबसे सही तरीका कोरोना की वैक्‍सीन ही है।

चिंता करने की जरूरत नहीं

डॉ. डीके गुप्ता ने कहा कि ड्रग्‍स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया एवं अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं के द्वारा प्रमाणित करने के बाद ही बच्‍चों के लिए वैक्‍सीन को मंजूरी मिली है। इसलिए आपको इसकी प्रभावशीलता और जटिलताओं को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। डीजीसीआई ने देश में बच्‍चों के लिए दो वैक्‍सीन को मंजूरी दी थी, लेकिन अभी 15 से 18 की आयु के बच्चों को कोवैक्‍सीन ही लगेगी। वैक्‍सीन से कोई गंभीर साइड इफेक्‍ट नहीं होंगे।

कई देशों में बच्चों को लग रही वैक्सीन

बुखार, इंजेक्‍शन वाली जगह पर दर्द, लालीपन, सुस्‍ती, बदन दर्द, बुखार और थकान जैसे कुछ हल्‍के लक्षण दिख सकते हैं। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। यह लक्षण मामूली दवा के सेवन से ठीक हो जाते हैं। वयस्कों के बाद बच्चों को कम से कम एक साल के बाद टीका मिल रहा है और अब शायद वो भी वयस्कों की तरह कोरोना से इम्‍यून हो पाएंगे। कई पश्चिमी और यूरोपीय देशों में पहले से ही बच्‍चों के लिए टीकाकरण शुरू हो चुका है। इसलिए अभिभावकों को चाहिए कि वह वैक्सीन के लिए बच्चों को प्रेरित करें।

इन बातों का रखें ध्यान

  • वैक्सीनेशन के दौरान डॉक्टर से मेडिकल हिस्ट्री पर चर्चा जरूर करें, क्योंकि किसी दवा से अगर एलर्जी होती तो वैक्सीनेशन से भी थोड़ी दिक्कत आ सकती है।
  • अगर बच्चों को डायबिटीज, ब्‍लड प्रेशर, अस्थमा, एलर्जी, दिल की बीमारी अथवा कोई अन्य बीमारी है तो डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।
  • वैक्‍सीनेशन से पहले अच्छी तरह से खाना खाकर और भरपूर नींद लेना जरूरी है। टीका लगने के बाद भी जितना संभव हो उतना आराम करने की कोशिश करें।
  • अगर बच्चे कोरोना संक्रमित हो चुके हैं तो कम से कम वैक्सीन के लिए एक माह का अंतर रखें।
  • बच्चे को पहले से सांस संंबंंधी, अस्थमा, किडनी, थाइराइड, एचआईवी, अर्थराइटिस, पोलियो, टीबी, कैंसर, लीवर संबंधी बीमारी है तो भी घबराने की जरूरत है। डॉक्टर की सलाह पर बच्चों को वैक्सीन लगवाएं।
  • वैक्सीन लगने के बाद भी बच्चों को मास्क पहनने और शारीरिक दूरी का पालन करने और हाथों को बार-बार धोने के लिए प्रेरित करें।

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