Double Murder – चेहरे पर मायूसी, सिर्फ सुनाई दे रहीं सिसकियां और बूटों की धमक


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चेहरे पर मायूसी, सिर्फ सुनाई दे रहीं सिसकियां और बूटों की धमक
तीसरे दिन भी चकरा नोनार में दो भाइयों की मौत के गम में डूबे रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बरहज थाना क्षेत्र के चकरा नोनार गांव में दो भाइयों की हत्या से गांव के लोग गमजदा हैं। बृहस्पतिवार को भी हर चेहरे पर मायूसी दिखी। यहां सिर्फ पीड़ित परिवार के लोगों की सिसकियां और पुलिस के बूटों की धमक सुनाई दे रही है। गोलियों की तड़तड़ाहट लोगों की जेहन में अभी भी कौंध रही है। घटना की गांव की हर गली में महिलाएं घूंघट की ओट से चर्चा करतीं दिखीं।
चकरा नोनार गांव के पूर्व प्रधान रहे स्व.लल्लन यादव के परिवार का दुख देख कर गांव में तीसरे दिन भी सन्नाटा पसरा हुआ था। गांव में तनाव को देखते पुलिस के जवान गश्त करते रहे। हर किसी के चेहरे पर मायूसी छाई हुई थी। केवल खाकी के बूट की धमक और पूर्व प्रधान के घर से रोने के साथ सिसकियां सुनाई पड़ रही थी। हर किसी की जुबां से रमेश और कोकिल की हत्या के बारे में चर्चा हो रही थी। मृतक के घर पर लोगों का आना जाना और ढांढस बंधा कर आंसू पोंछ कर चले जाने का क्रम चलता रहा। पुलिस की कार्यशैली पर भी ग्रामीण सवाल खड़ा कर रहे थे। अभी नामजद दस आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से परिजनों नाराजगी व्यक्त कर रहे।
पुलिस सूत्रों की मानें बुधवार की रात में पुलिस ने कई जगहों पर दबिश दी। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने दियारा क्षेत्र में शरण ले ली है। इस कारण मऊ जनपद के गई गांवों में एसओजी और पुलिस की टीम ने छापा मार और कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। सीओ देव आनंद ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस टीम जुटी हुई है। जल्द ही बचे आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस ने पीड़ित परिजनों से की पूछताछ
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। चकरा नोनार में दो भाइयों की हत्या के मामले में बृहस्पतिवार को पुलिस ने मृतकों के परिजनों से पूछताछ की। वहीं नजरी-नक्शा बनाया।
बताया जा रहा है कि गोली लगने से घर से आठ कदम पर रमेश और कोकिल मृत अवस्था में पडे़ थे। लगातार हो रही गोलीबारी से कुछ ही फासले पर बेचू, राजाराम, अंकित और देवानंद घायल होकर औंधे मुंह गिर गए थे। पुलिस से परिजन हत्यारोपियों की गिरफ्तारी और कठोर सजा दिलाने की मांग कर रहे थे। करीब तीन घंटे तक पुलिस ने घटनास्थल की जांच करते हुए परिजनों से पूछताछ की। मौके पर इंस्पेक्टर टीजे सिंह, एसएसआई सुभाष चंद्र पांडेय, अमरनाथ सोनकर, सुमित राय, वीरेंद्र मौर्य, अखिलेश आदि मौजूद रहे।
भतीजों की मौत के सदमे से नहीं उबर पा रहे पीजीआई से लौटे राजाराम
सोनाडी। बरहज थाना क्षेत्र के चकरा नोनार गांव में गोली हत्याकांड मामले में गंभीर रूप से घायल राजाराम का पीजीआई से इलाज कराकर लौटे हैं। घटना से आहत गांव पहुंचे राजाराम भतीजों की मौत के सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं।
दरअसल, भूमि विवाद में चली गोली में राजाराम और बेचू गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिनका पीजीआई में इलाज चल रहा था। राजाराम के सिर और बेचू के सीने में गोली लगी थी। इलाज कराकर गांव आए राजाराम का कहना है कि आंख के सामने आरोपियों ने गोली मारकर दोनों भतीजों की हत्या कर दी गई। उन्होंने बताया कि सभी दरवाजे पर बैठ थे। जहां 25 नवंबर को बडे़ भाई लल्लन के ब्रह्मभोज की तैयारी की चर्चा चल रही थी। रमेश और कोकिल साफ-सफाई कर रहे थे। इसी बीच विवाद हो गया। जब तक कोई कुछ समझ पाता, गोली चलने लगी। जिससे भगदड़ मच गई। लोग पेड़ आदि के ओट में छिपकर जान बचा रहे थे। घटना की यादें राजाराम के जेहन में कौंध रही हैं।
प्राथमिक विद्यालय के छात्रों में भी दिखा खौफ
सोनाडी। प्राथमिक विद्यालय चकरा नोनार के विभिन्न कक्षाओं में 31 छात्र पंजीकृत हैं। बृहस्पतिवार को घटना के तीसरे दिन स्कूल में महज छह छात्र उपस्थित मिले। उपस्थित विद्यार्थियों को प्रधानाध्यापिका विमला देवी और शिक्षामित्र कविता पढ़ा रही थीं। घटनास्थल से महज 50 मीटर की दूरी पर पढ़ाई कर रहे बच्चों का कहना था कि गोली चलने से मौत हो गई है। इससे स्कूल आने में डर लग रहा है। गांव में पुलिस आ और जा रही है। हत्यारोपियों के दरवाजे पर बंधे मवेशी दो दिनों से भूख-प्यास से बिलबिला रहे थे। जिन्हें पुलिस ने दाना पानी दिया।

चेहरे पर मायूसी, सिर्फ सुनाई दे रहीं सिसकियां और बूटों की धमक

तीसरे दिन भी चकरा नोनार में दो भाइयों की मौत के गम में डूबे रहे लोग

संवाद न्यूज एजेंसी

देवरिया। बरहज थाना क्षेत्र के चकरा नोनार गांव में दो भाइयों की हत्या से गांव के लोग गमजदा हैं। बृहस्पतिवार को भी हर चेहरे पर मायूसी दिखी। यहां सिर्फ पीड़ित परिवार के लोगों की सिसकियां और पुलिस के बूटों की धमक सुनाई दे रही है। गोलियों की तड़तड़ाहट लोगों की जेहन में अभी भी कौंध रही है। घटना की गांव की हर गली में महिलाएं घूंघट की ओट से चर्चा करतीं दिखीं।

चकरा नोनार गांव के पूर्व प्रधान रहे स्व.लल्लन यादव के परिवार का दुख देख कर गांव में तीसरे दिन भी सन्नाटा पसरा हुआ था। गांव में तनाव को देखते पुलिस के जवान गश्त करते रहे। हर किसी के चेहरे पर मायूसी छाई हुई थी। केवल खाकी के बूट की धमक और पूर्व प्रधान के घर से रोने के साथ सिसकियां सुनाई पड़ रही थी। हर किसी की जुबां से रमेश और कोकिल की हत्या के बारे में चर्चा हो रही थी। मृतक के घर पर लोगों का आना जाना और ढांढस बंधा कर आंसू पोंछ कर चले जाने का क्रम चलता रहा। पुलिस की कार्यशैली पर भी ग्रामीण सवाल खड़ा कर रहे थे। अभी नामजद दस आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से परिजनों नाराजगी व्यक्त कर रहे।

पुलिस सूत्रों की मानें बुधवार की रात में पुलिस ने कई जगहों पर दबिश दी। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने दियारा क्षेत्र में शरण ले ली है। इस कारण मऊ जनपद के गई गांवों में एसओजी और पुलिस की टीम ने छापा मार और कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। सीओ देव आनंद ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस टीम जुटी हुई है। जल्द ही बचे आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पुलिस ने पीड़ित परिजनों से की पूछताछ

संवाद न्यूज एजेंसी

बरहज। चकरा नोनार में दो भाइयों की हत्या के मामले में बृहस्पतिवार को पुलिस ने मृतकों के परिजनों से पूछताछ की। वहीं नजरी-नक्शा बनाया।

बताया जा रहा है कि गोली लगने से घर से आठ कदम पर रमेश और कोकिल मृत अवस्था में पडे़ थे। लगातार हो रही गोलीबारी से कुछ ही फासले पर बेचू, राजाराम, अंकित और देवानंद घायल होकर औंधे मुंह गिर गए थे। पुलिस से परिजन हत्यारोपियों की गिरफ्तारी और कठोर सजा दिलाने की मांग कर रहे थे। करीब तीन घंटे तक पुलिस ने घटनास्थल की जांच करते हुए परिजनों से पूछताछ की। मौके पर इंस्पेक्टर टीजे सिंह, एसएसआई सुभाष चंद्र पांडेय, अमरनाथ सोनकर, सुमित राय, वीरेंद्र मौर्य, अखिलेश आदि मौजूद रहे।

भतीजों की मौत के सदमे से नहीं उबर पा रहे पीजीआई से लौटे राजाराम

सोनाडी। बरहज थाना क्षेत्र के चकरा नोनार गांव में गोली हत्याकांड मामले में गंभीर रूप से घायल राजाराम का पीजीआई से इलाज कराकर लौटे हैं। घटना से आहत गांव पहुंचे राजाराम भतीजों की मौत के सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं।

दरअसल, भूमि विवाद में चली गोली में राजाराम और बेचू गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिनका पीजीआई में इलाज चल रहा था। राजाराम के सिर और बेचू के सीने में गोली लगी थी। इलाज कराकर गांव आए राजाराम का कहना है कि आंख के सामने आरोपियों ने गोली मारकर दोनों भतीजों की हत्या कर दी गई। उन्होंने बताया कि सभी दरवाजे पर बैठ थे। जहां 25 नवंबर को बडे़ भाई लल्लन के ब्रह्मभोज की तैयारी की चर्चा चल रही थी। रमेश और कोकिल साफ-सफाई कर रहे थे। इसी बीच विवाद हो गया। जब तक कोई कुछ समझ पाता, गोली चलने लगी। जिससे भगदड़ मच गई। लोग पेड़ आदि के ओट में छिपकर जान बचा रहे थे। घटना की यादें राजाराम के जेहन में कौंध रही हैं।

प्राथमिक विद्यालय के छात्रों में भी दिखा खौफ

सोनाडी। प्राथमिक विद्यालय चकरा नोनार के विभिन्न कक्षाओं में 31 छात्र पंजीकृत हैं। बृहस्पतिवार को घटना के तीसरे दिन स्कूल में महज छह छात्र उपस्थित मिले। उपस्थित विद्यार्थियों को प्रधानाध्यापिका विमला देवी और शिक्षामित्र कविता पढ़ा रही थीं। घटनास्थल से महज 50 मीटर की दूरी पर पढ़ाई कर रहे बच्चों का कहना था कि गोली चलने से मौत हो गई है। इससे स्कूल आने में डर लग रहा है। गांव में पुलिस आ और जा रही है। हत्यारोपियों के दरवाजे पर बंधे मवेशी दो दिनों से भूख-प्यास से बिलबिला रहे थे। जिन्हें पुलिस ने दाना पानी दिया।

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