Jain – नौवें तीर्थंकर के जन्म कल्याणक महोत्सव में उमड़े श्रद्धालु


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नौवें तीर्थंकर के जन्म कल्याणक महोत्सव में उमड़े श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
खुखुंदू। जैन धर्म के नौवें तीर्थंकर भगवान पुष्पदंत नाथ की जन्मस्थली खुखुंदू में रविवार को भगवान का जन्म कल्याणक महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विभिन्न प्रांतों से जैन धर्म के अनुयायी पहुंचे। महोत्सव के कार्यक्रमों की शुरूआत सर्वोषधि से भगवान के महामस्तकाभिषेक से हुई। कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए शनिवार सायंकाल से ही जैन धर्मावलंबी मंदिर परिसर में पहुंचने लगे थे।
रविवार सुबह से शुरू हुए जन्म कल्याणक महोत्सव में सबसे पहले भगवान का जल, नारियल, इच्छू रस, (गन्ने का रस), घृतरस, दूध, दही और फिर सर्वोषधि से महामस्तकाभिषेक किया गया। इसके बाद चंदन, पुष्पवृष्टि, सुगंधित जल से भगवान की मंगल आरती की गई। अष्ट द्रव्य और जल, चंदन, अक्षत, नैवेद्य, पुष्प, धूप, दीपक, फल और जयमाला अर्घ्य से विधि-विधान से पूजन अर्चन किया गया। मंदिर परिसर में दोपहर तक भगवान पुष्पदंत नाथ की प्रतिमा पर पूजन-अर्चन चलता रहा।
घी के 1008 दीपों से हुई सायंकाल की आरती
देर शाम को पुष्पदंत नाथ महाराज के मंदिर में स्थापित प्रतिमा की देसी घी 1008 दीपों से आरती की गई। इसके बाद उपस्थित भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया। प्रबंधक बसंत लाल जैन ने बताया कि दिनभर चले पूजन-अर्चन के बाद सायंकाल भगवान की भव्य आरती की गई। कार्यक्रम में भंडारे का भी आयोजन हुआ। प्रबंधक बसंत लाल जैन ने बताया कि विधि विधान से जन्मोत्सव कार्यक्रम संपन्न हुआ।
वर्तमान में विचारों का हो रहा है संघर्ष : डॉ .अभय
महोत्सव में पूजा अर्चन के बाद ‘अनेकांत सिद्धांत की प्रासंगिकता’ विषय पर गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें लखनऊ, गोरखपुर, कसया आदि स्थानों के साथ ही बिहार, मध्यप्रदेश समेत विभिन्न प्रदेशों के अनुयायियों ने भाग लिया। उत्तर प्रदेश जैन विद्या शोध संस्थान लखनऊ की ओर से आयोजित विचार गोष्ठी में उपाध्यक्ष प्रो. अभय कुमार जैन ने कहा कि वर्तमान समय में विचारों का संघर्ष हो रहा है। ऐसे में हम सब मिलकर एक दूसरे की बात को समझें। अनेकांत सिद्धांत हमें सहिष्णुता प्रदान कर मानवतावादी बनाता है। रोहित जैन ने बताया कि महावीर का अनेकांतवाद प्रेम बढ़ाता है। कोषाध्यक्ष पुष्पदंत जैन ने कहा कि समाज के अंदर प्रेम तभी बढ़ेगा, जब हम अनेकान्त का पालन करेंगे। गोष्ठी में पुखराज जैन, अशोक जैन, अनिल श्रीवास्तव ने भी विचार रखे। संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश सिंह और उपाध्यक्ष डॉ. अभय कुमार जैन ने आगंतुकों को संस्थान की ओर से प्रतीक चिह्न व शॉल भेंटकर सम्मानित किया।

नौवें तीर्थंकर के जन्म कल्याणक महोत्सव में उमड़े श्रद्धालु

संवाद न्यूज एजेंसी

खुखुंदू। जैन धर्म के नौवें तीर्थंकर भगवान पुष्पदंत नाथ की जन्मस्थली खुखुंदू में रविवार को भगवान का जन्म कल्याणक महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विभिन्न प्रांतों से जैन धर्म के अनुयायी पहुंचे। महोत्सव के कार्यक्रमों की शुरूआत सर्वोषधि से भगवान के महामस्तकाभिषेक से हुई। कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए शनिवार सायंकाल से ही जैन धर्मावलंबी मंदिर परिसर में पहुंचने लगे थे।

रविवार सुबह से शुरू हुए जन्म कल्याणक महोत्सव में सबसे पहले भगवान का जल, नारियल, इच्छू रस, (गन्ने का रस), घृतरस, दूध, दही और फिर सर्वोषधि से महामस्तकाभिषेक किया गया। इसके बाद चंदन, पुष्पवृष्टि, सुगंधित जल से भगवान की मंगल आरती की गई। अष्ट द्रव्य और जल, चंदन, अक्षत, नैवेद्य, पुष्प, धूप, दीपक, फल और जयमाला अर्घ्य से विधि-विधान से पूजन अर्चन किया गया। मंदिर परिसर में दोपहर तक भगवान पुष्पदंत नाथ की प्रतिमा पर पूजन-अर्चन चलता रहा।

घी के 1008 दीपों से हुई सायंकाल की आरती

देर शाम को पुष्पदंत नाथ महाराज के मंदिर में स्थापित प्रतिमा की देसी घी 1008 दीपों से आरती की गई। इसके बाद उपस्थित भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया। प्रबंधक बसंत लाल जैन ने बताया कि दिनभर चले पूजन-अर्चन के बाद सायंकाल भगवान की भव्य आरती की गई। कार्यक्रम में भंडारे का भी आयोजन हुआ। प्रबंधक बसंत लाल जैन ने बताया कि विधि विधान से जन्मोत्सव कार्यक्रम संपन्न हुआ।

वर्तमान में विचारों का हो रहा है संघर्ष : डॉ .अभय

महोत्सव में पूजा अर्चन के बाद ‘अनेकांत सिद्धांत की प्रासंगिकता’ विषय पर गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें लखनऊ, गोरखपुर, कसया आदि स्थानों के साथ ही बिहार, मध्यप्रदेश समेत विभिन्न प्रदेशों के अनुयायियों ने भाग लिया। उत्तर प्रदेश जैन विद्या शोध संस्थान लखनऊ की ओर से आयोजित विचार गोष्ठी में उपाध्यक्ष प्रो. अभय कुमार जैन ने कहा कि वर्तमान समय में विचारों का संघर्ष हो रहा है। ऐसे में हम सब मिलकर एक दूसरे की बात को समझें। अनेकांत सिद्धांत हमें सहिष्णुता प्रदान कर मानवतावादी बनाता है। रोहित जैन ने बताया कि महावीर का अनेकांतवाद प्रेम बढ़ाता है। कोषाध्यक्ष पुष्पदंत जैन ने कहा कि समाज के अंदर प्रेम तभी बढ़ेगा, जब हम अनेकान्त का पालन करेंगे। गोष्ठी में पुखराज जैन, अशोक जैन, अनिल श्रीवास्तव ने भी विचार रखे। संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश सिंह और उपाध्यक्ष डॉ. अभय कुमार जैन ने आगंतुकों को संस्थान की ओर से प्रतीक चिह्न व शॉल भेंटकर सम्मानित किया।

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