Know why Meerut College became the first choice of military officers, more than 80 military officers have done PhD – News18 हिंदी

पश्चिम उत्तर प्रदेश का मेरठ कॉलेज Meerut college जो छात्र-छात्राओं की तो पहली पसंद रहता ही है.लेकिन अब सैन्य अधिकारियों की भी यह कॉलेज पहली पसंद बन गया है.मेरठ कॉलेज से रिसर्च वर्क करने में आर्मी के अधिकारी ज्यादा विश्वास रखते हैं.जिसकी बानगी आपको मेरठ कॉलेज में संचालित रक्षा अध्ययन विभाग में देखने को मिलेगी.रक्षा अध्ययन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ हेमंत पांडे ने बताया कि गत 10 वर्षों में 80 से अधिक सैन्य अधिकारी मेरठ कॉलेज से रिसर्च कर चुके हैं.साथ ही अन्य अधिकारियों के भी आवेदन आए हुए हैं.

इन अधिकारियों ने की है मेरठ कॉलेज से रिसर्च
सैन्य अधिकारियों की बात की जाए तो मेरठ कॉलेज से सीडीएस जनरल रहे स्वर्गीय डॉ बिपिन रावत, केंद्रीय मंत्री जनरल डॉ वीके सिंह, डिप्टी चीफ आर्मी, लेफ्टिनेंट जनरल आरएन सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल नितिन कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल वीएस अहलावत,लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद महाजनलेफ्टिनेंट जनरल आरआर निंबोरकर, डॉ.ओपी गुलिया,एसके जैनी, अनिल छिब्बर सहित लगभग 80 सैन्य अधिकारी अब तक यहां से पीएचडी कर चुके हैं साथ ही अन्य कर भी रहे हैं.

यूजीसी के अनुसार सैन्य अधिकारियों को मिलती है कोर्स वर्क में छूट
पश्चिम उत्तर प्रदेश में मेरठ कॉलेज की स्थापना 1892 में हुई थी.सबसे पुराना कॉलेज होने के नाते अत्यंत सुविधाएं भी इस कॉलेज में मिलती हैं.यही कारण है कि सैन्य अधिकारियों की भी पहली पसंद मेरठ कॉलेज ही रहता है,अपने अनुभवों को एकेडमिक प्लेटफॉर्म में ढालने के लिए सेना के अधिकारी मेरठ कॉलेज में पीएचडी ज्वाइन करते हैं. यूजीसी द्वारा सैन्य अधिकारियों को पीएचडी एंट्रेंस से छूट प्रदान की हुई है.

रिपोर्ट
विशाल भटनागर
मेरठ

आपके शहर से (मेरठ)

उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश

Tags: Meerut College, Meerut news

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