Kurk Sampatti Will Be Release Of Ram Pravesh Yadav – पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्क संपत्ति के आदेश को कोर्ट ने किया निरस्त


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पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्क संपत्ति के आदेश को कोर्ट ने किया निरस्त
गैंगस्टर कोर्ट ने सुनवाई के दौरान दिया फैसला, जब्त ईंट भट्टा, पोल्ट्री फार्म, वाहन रिलीज
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। गैंगस्टर के तहत पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव की कुर्र्क इंट भट्टा, पोल्ट्री फार्म और सात वाहनों की जब्ती की कार्रवाई को गैंगस्टर कोर्ट के न्यायाधीश शाश्वत पांडेय ने सुनवाई के बाद फैसले में गलत करार दिया है। उन्होंने जब्त सभी संपत्तियों को रिलीज करने का आदेश पारित किया है।
वादी के अधिवक्ता अजय राय के अनुसार 17 सितंबर 2020 को जिला मजिस्ट्रेट द्वारा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई करते हुए ईंट भट्टा, मकान, खेत, गाड़ी, पोल्ट्री फार्म आदि को जब्त करके गैंगस्टर कोर्ट को अंतरित कर दिया था। जिस पर शमन के द्वारा पूर्व अध्यक्ष ने कोर्ट में हाजिर होकर अपने समस्त प्रापर्टी के कागजात को 2010 से 2017 के पहले का होने के कागजात प्रस्तुत किया। अधिवक्ता के अनुसार पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ पहला केस 2017 में दर्ज हुआ। जबकि सभी संपत्ति इसके पहले की है। गैंगस्टर कोर्ट ने विवेचक एसओ रामपुर कारखाना एवं तहसीलदार और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता की रिपोर्ट के आधार पर जब्ती की कार्रवाई की गई थी। उसी आख्या को सत्य मानकर आदेश डीएम ने पारित कर किया जो सही नहीं है। कोर्ट ने दोनों पक्षों के समस्त प्रपत्रों एवं दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद विस्तृत 24 पेज का आदेश पारित कर समस्त जब्त संपत्ति को रिलीज करने का आदेश दिया है।
यह था मामला
रामप्रवेश यादव ने जिला पंचायत अध्यक्ष रहने के दौरान देवरिया खास निवासी दीपक मणि को अगवा कर उनकी भूमि का बैनामा करा लिया था। इस मामले में दीपक की बहन डॉ. शालिनी शुक्ला ने दो मई 2018 को कोतवाली थाने में केस दर्ज कराया। इसमें रामप्रवेश यादव सहित 14 लोगों को आरोपी बनाया। इस मामले में पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। इसमें डीएम ने संपत्ति जब्त कर कोर्ट को भेज दिया था। लेकिन बाद में डीएम ने मकान एवं भूमि अपने ही आदेश से रिलीज कर दिया था। शेष संपत्ति जब्त थी, जिसे कोर्ट ने रिलीज कर दिया है।

पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्क संपत्ति के आदेश को कोर्ट ने किया निरस्त

गैंगस्टर कोर्ट ने सुनवाई के दौरान दिया फैसला, जब्त ईंट भट्टा, पोल्ट्री फार्म, वाहन रिलीज

संवाद न्यूज एजेंसी

देवरिया। गैंगस्टर के तहत पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव की कुर्र्क इंट भट्टा, पोल्ट्री फार्म और सात वाहनों की जब्ती की कार्रवाई को गैंगस्टर कोर्ट के न्यायाधीश शाश्वत पांडेय ने सुनवाई के बाद फैसले में गलत करार दिया है। उन्होंने जब्त सभी संपत्तियों को रिलीज करने का आदेश पारित किया है।

वादी के अधिवक्ता अजय राय के अनुसार 17 सितंबर 2020 को जिला मजिस्ट्रेट द्वारा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई करते हुए ईंट भट्टा, मकान, खेत, गाड़ी, पोल्ट्री फार्म आदि को जब्त करके गैंगस्टर कोर्ट को अंतरित कर दिया था। जिस पर शमन के द्वारा पूर्व अध्यक्ष ने कोर्ट में हाजिर होकर अपने समस्त प्रापर्टी के कागजात को 2010 से 2017 के पहले का होने के कागजात प्रस्तुत किया। अधिवक्ता के अनुसार पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ पहला केस 2017 में दर्ज हुआ। जबकि सभी संपत्ति इसके पहले की है। गैंगस्टर कोर्ट ने विवेचक एसओ रामपुर कारखाना एवं तहसीलदार और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता की रिपोर्ट के आधार पर जब्ती की कार्रवाई की गई थी। उसी आख्या को सत्य मानकर आदेश डीएम ने पारित कर किया जो सही नहीं है। कोर्ट ने दोनों पक्षों के समस्त प्रपत्रों एवं दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद विस्तृत 24 पेज का आदेश पारित कर समस्त जब्त संपत्ति को रिलीज करने का आदेश दिया है।

यह था मामला

रामप्रवेश यादव ने जिला पंचायत अध्यक्ष रहने के दौरान देवरिया खास निवासी दीपक मणि को अगवा कर उनकी भूमि का बैनामा करा लिया था। इस मामले में दीपक की बहन डॉ. शालिनी शुक्ला ने दो मई 2018 को कोतवाली थाने में केस दर्ज कराया। इसमें रामप्रवेश यादव सहित 14 लोगों को आरोपी बनाया। इस मामले में पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। इसमें डीएम ने संपत्ति जब्त कर कोर्ट को भेज दिया था। लेकिन बाद में डीएम ने मकान एवं भूमि अपने ही आदेश से रिलीज कर दिया था। शेष संपत्ति जब्त थी, जिसे कोर्ट ने रिलीज कर दिया है।

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