Maha Yojana For City – शहर को मिलेगी दो बाईपास सड़कों की सौगात


ख़बर सुनें

शहर को मिलेगी दो बाईपास सड़कों की सौगात
दिसंबर के बाद महायोजना 2031 का खाका हो जाएगा तैयार
बैतालपुर से रुद्रपुर मार्ग और बैतालपुर से कसया मार्ग तक बनेगी बाईपास सड़क
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। सब कुछ ठीक रहा तो विनियमित क्षेत्र की महायोजना 2031 दिसंबर के बाद शहर में लागू हो जाएगी। इसका खाका बनकर तैयार हो चुका है। महायोजना को अंतिम रूप देने के लिए हाल ही में डीएम की अध्यक्षता में बैठक प्रस्तावित है। महायोजना लागू होने के बाद शहर को दो बाईपास सड़कों की सौगात मिलेगी। इससे जाम की समस्या से शहरवासियों को निजात मिल सकेगी। इसके अलावा शहर का नियोजित विकास संभव होगा, पार्क, सड़कों का चौड़ीकरण, औद्योगिक एवं व्यावसायिक क्षेत्र चिह्नित किए जाएंगे। महायोजना तैयार करने की जिम्मेदारी कोलकाता की एक कंपनी को प्रदेश सरकार ने सौंपी है, जिसने पूरा खाका तैयार कर लिया है।
साल-दर-साल शहर बदल रहा है। इस समय शहर की आबादी तकरीबन डेढ़ लाख तक पहुंच गई है। बीते पांच सालों में शहर की सूरत ही बदल गई। शहर का दायरा बढ़कर गांवों तक पहुंच गया है। वैसे तो नगर पालिका क्षेत्र की सीमा छोड़कर मास्टर प्लान के दायरे में 71 राजस्व गांव है।ं लेकिन सिर्फ कागज में ही हैं। यहां तेजी से आबादी बस रही है। सड़कें दस से 12 फीट की बनाई जा रही है। जो आने वाले दिनों में लोगों के लिए मुसीबत खड़ी कर सकती है। नियम है कि आबादी वाले क्षेत्रों में मकान बनवाने से पहले छह फीट छोड़कर ही मकान का निर्माण कराया जाए। वहीं, अविकसित क्षेत्र में मकान 15-15 फीट आमने-सामने छोड़कर यानी 30 फीट छोड़कर मकान बनाए जाएं, लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है। यही कारण है कि शहर बढ़ता जा रहा है और सुविधाएं नहीं बढ़ रही हैं। मास्टर प्लान के जेई आरके श्रीवास्तव का कहना है कि महायोजना लागू करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जल्द ही नगर नियोजक के साथ बैठक के बाद इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
2001 के बाद नहीं बनी महायोजना
मास्टर प्लान देवरिया शहर में वर्ष 1982 में लागू हुआ। 1984 में 2001 तक के लिए महायोजना बनी, लेकिन इसके बाद महायोजना संशोधित नहीं की गई। पुराने मास्टर प्लान से ही सब कुछ संचालित होता रहा, शहर का दायरा बढ़ने के बावजूद भी मास्टर प्लान का दायरा नहीं बढ़ सका। शहर से लेकर शहर के बाहर कॉलोनियां बस गईं, जहां नियम कानून को ताक पर रखकर मकानों का निर्माण करा लिया गया। शहर की सड़कें अतिक्रमण से संकरी हो गईं। अमृत योजना के तहत केंद्र सरकार की योजना के क्रम में प्रदेश सरकार ने महायोजना का खाका तैयार करने के लिए कोलकाता की एक कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी। सूत्रों की मानें तो महायोजना का खाका तैयार करने के लिए तीस लाख खर्च किया जा रहा है। महायोजना गोरखपुर प्लानिंग ऑफिस के अफसर नगर नियोजक हितेश कुमार ने तैयार की है।
इनसेट
30 से अधिक सड़कें चौड़ी की जाएंगी
महायोजना में बैतालपुर से रुद्रपुर जाने वाले मार्ग तक और बैतालपुर से कसया मार्ग तक दो बाईपास सड़कों का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा 30 से अधिक सड़कों का चौड़ीकरण, पार्कों का निर्माण, आवासीय कॉलोनियां, व्यावसायिक कॉलोनियां, औद्योगिक क्षेत्र का प्रपोजल तैयार किया गया है। अतिक्रमण से सड़कों को मुक्त कराया जाएगा। उदाहरण के तौर पर मोतीलाल रोड और मालवीय रोड की चौड़ाई 80 फीट है। वर्तमान में ये सड़कें सिकुड़ कर 40 से 50 फीट में सिमट गईं हैं।
क्या कहते है लोग
मानचित्रकार इंजीनियर बीडी पाठक का कहना है कि महायोजना शहर के विकास के लिए जरूरी है। शहर विकसित होता जा रहा है सड़कें संकरी होती जा रही है। महायोजना लागू होने से आवासीय, कामर्शियल एवं अन्य लैंड यूज का निर्धारण हो जाएगा, जिससे विकास को गति मिलेगी। सड़कों की चौड़ाई बढ़ जाएगी। मानचित्रकार अवधेश श्रीवास्तव का कहना है कि शहर की आबादी बढ़ने लगी हैं। कॉलोनियां अनियोजित तरीके से बस रही हैं। राजस्व गांवों में मोहल्ले की सड़कें 12 फीट से कम की बन रही है। इसकी वजह से भविष्य में संकट खड़ा हो सकता है। प्रापर्टी डीलर मनोज दीक्षित का कहना है कि महायोजना लागू होने से किसानों को फायदा होगा। उनकी कृषि योग्य जमीन का लैंड यूज आवासीय में परिवर्तित होगा। कॉलोनियां नई बसेंगी और शहर में कॉलोनियां नियोजित तरीके से बसेंगी।
कोट:
महायोजना का खाका बनकर तैयार हो गया है। शीघ्र ही डीएम की अध्यक्षता में बैठक कर इसकी समीक्षा की जाएगी। बृहस्पतिवार को महायोजना को लेकर एक समीक्षा बैठक होनी थीं, जो टल गई है। नगर नियोजक ने पूरी प्लानिंग तैयार कर ली है। इसमें सड़कों का चौड़ीकरण, अतिक्रमण एवं नए सड़कों का निर्माण सहित अन्य प्रपोजल शामिल हैं।
-सौरभ सिंह, एसडीएम सदर/नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र देवरिया

शहर को मिलेगी दो बाईपास सड़कों की सौगात

दिसंबर के बाद महायोजना 2031 का खाका हो जाएगा तैयार

बैतालपुर से रुद्रपुर मार्ग और बैतालपुर से कसया मार्ग तक बनेगी बाईपास सड़क

अमर उजाला ब्यूरो

देवरिया। सब कुछ ठीक रहा तो विनियमित क्षेत्र की महायोजना 2031 दिसंबर के बाद शहर में लागू हो जाएगी। इसका खाका बनकर तैयार हो चुका है। महायोजना को अंतिम रूप देने के लिए हाल ही में डीएम की अध्यक्षता में बैठक प्रस्तावित है। महायोजना लागू होने के बाद शहर को दो बाईपास सड़कों की सौगात मिलेगी। इससे जाम की समस्या से शहरवासियों को निजात मिल सकेगी। इसके अलावा शहर का नियोजित विकास संभव होगा, पार्क, सड़कों का चौड़ीकरण, औद्योगिक एवं व्यावसायिक क्षेत्र चिह्नित किए जाएंगे। महायोजना तैयार करने की जिम्मेदारी कोलकाता की एक कंपनी को प्रदेश सरकार ने सौंपी है, जिसने पूरा खाका तैयार कर लिया है।

साल-दर-साल शहर बदल रहा है। इस समय शहर की आबादी तकरीबन डेढ़ लाख तक पहुंच गई है। बीते पांच सालों में शहर की सूरत ही बदल गई। शहर का दायरा बढ़कर गांवों तक पहुंच गया है। वैसे तो नगर पालिका क्षेत्र की सीमा छोड़कर मास्टर प्लान के दायरे में 71 राजस्व गांव है।ं लेकिन सिर्फ कागज में ही हैं। यहां तेजी से आबादी बस रही है। सड़कें दस से 12 फीट की बनाई जा रही है। जो आने वाले दिनों में लोगों के लिए मुसीबत खड़ी कर सकती है। नियम है कि आबादी वाले क्षेत्रों में मकान बनवाने से पहले छह फीट छोड़कर ही मकान का निर्माण कराया जाए। वहीं, अविकसित क्षेत्र में मकान 15-15 फीट आमने-सामने छोड़कर यानी 30 फीट छोड़कर मकान बनाए जाएं, लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है। यही कारण है कि शहर बढ़ता जा रहा है और सुविधाएं नहीं बढ़ रही हैं। मास्टर प्लान के जेई आरके श्रीवास्तव का कहना है कि महायोजना लागू करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जल्द ही नगर नियोजक के साथ बैठक के बाद इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

2001 के बाद नहीं बनी महायोजना

मास्टर प्लान देवरिया शहर में वर्ष 1982 में लागू हुआ। 1984 में 2001 तक के लिए महायोजना बनी, लेकिन इसके बाद महायोजना संशोधित नहीं की गई। पुराने मास्टर प्लान से ही सब कुछ संचालित होता रहा, शहर का दायरा बढ़ने के बावजूद भी मास्टर प्लान का दायरा नहीं बढ़ सका। शहर से लेकर शहर के बाहर कॉलोनियां बस गईं, जहां नियम कानून को ताक पर रखकर मकानों का निर्माण करा लिया गया। शहर की सड़कें अतिक्रमण से संकरी हो गईं। अमृत योजना के तहत केंद्र सरकार की योजना के क्रम में प्रदेश सरकार ने महायोजना का खाका तैयार करने के लिए कोलकाता की एक कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी। सूत्रों की मानें तो महायोजना का खाका तैयार करने के लिए तीस लाख खर्च किया जा रहा है। महायोजना गोरखपुर प्लानिंग ऑफिस के अफसर नगर नियोजक हितेश कुमार ने तैयार की है।

इनसेट

30 से अधिक सड़कें चौड़ी की जाएंगी

महायोजना में बैतालपुर से रुद्रपुर जाने वाले मार्ग तक और बैतालपुर से कसया मार्ग तक दो बाईपास सड़कों का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा 30 से अधिक सड़कों का चौड़ीकरण, पार्कों का निर्माण, आवासीय कॉलोनियां, व्यावसायिक कॉलोनियां, औद्योगिक क्षेत्र का प्रपोजल तैयार किया गया है। अतिक्रमण से सड़कों को मुक्त कराया जाएगा। उदाहरण के तौर पर मोतीलाल रोड और मालवीय रोड की चौड़ाई 80 फीट है। वर्तमान में ये सड़कें सिकुड़ कर 40 से 50 फीट में सिमट गईं हैं।

क्या कहते है लोग

मानचित्रकार इंजीनियर बीडी पाठक का कहना है कि महायोजना शहर के विकास के लिए जरूरी है। शहर विकसित होता जा रहा है सड़कें संकरी होती जा रही है। महायोजना लागू होने से आवासीय, कामर्शियल एवं अन्य लैंड यूज का निर्धारण हो जाएगा, जिससे विकास को गति मिलेगी। सड़कों की चौड़ाई बढ़ जाएगी। मानचित्रकार अवधेश श्रीवास्तव का कहना है कि शहर की आबादी बढ़ने लगी हैं। कॉलोनियां अनियोजित तरीके से बस रही हैं। राजस्व गांवों में मोहल्ले की सड़कें 12 फीट से कम की बन रही है। इसकी वजह से भविष्य में संकट खड़ा हो सकता है। प्रापर्टी डीलर मनोज दीक्षित का कहना है कि महायोजना लागू होने से किसानों को फायदा होगा। उनकी कृषि योग्य जमीन का लैंड यूज आवासीय में परिवर्तित होगा। कॉलोनियां नई बसेंगी और शहर में कॉलोनियां नियोजित तरीके से बसेंगी।

कोट:

महायोजना का खाका बनकर तैयार हो गया है। शीघ्र ही डीएम की अध्यक्षता में बैठक कर इसकी समीक्षा की जाएगी। बृहस्पतिवार को महायोजना को लेकर एक समीक्षा बैठक होनी थीं, जो टल गई है। नगर नियोजक ने पूरी प्लानिंग तैयार कर ली है। इसमें सड़कों का चौड़ीकरण, अतिक्रमण एवं नए सड़कों का निर्माण सहित अन्य प्रपोजल शामिल हैं।

-सौरभ सिंह, एसडीएम सदर/नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र देवरिया

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*