Mantra Appe For Jachcha Bachcha – ‘मंत्र’ एप बचाएगा जच्चा-बच्चा की जान


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‘मंत्र’ एप बचाएगा जच्चा-बच्चा की जान
जिले के डिलीवरी सेंटर होंगे डिजिटल, ऑनलाइन हो सकेगी निगरानी
संस्थागत प्रसव की गुणवत्ता में होगा सुधार
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग अब मंत्र एप को व्यवस्था में उतारने जा रहा है। डिलीवरी सेंटर मां नवजात ट्रैकिंग एप (मंत्र) से जुड़कर डिजिटल हो जाएंगे। ऐसे में स्टाफ नर्स को भर्ती गर्भवती का समय व उसकी स्थिति, दिया गया उपचार व प्रसूता को रेफर करने या न करने का कारण समेत अन्य सभी जानकारी एप पर देनी होगी। इसकी ऑनलाइन निगरानी होगी। इससे संस्थागत प्रसव की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, हेल्थ वेलनेस सेंटर्स समेत सभी प्रसव केंद्रों का डिजिटलाइजेशन कर दिया गया है। यहां चल रहे प्रसव केंद्रों को मां नवजात ट्रैकिंग एप से जोड़ा जा रहा है। एप से प्रत्येक प्रसव केंद्र पर हुए प्रसव, आई गर्भवती की तत्काल सेहत की स्थिति, केंद्र पर मिले इलाज का विवरण देखकर उस समय हुई लापरवाही पकड़ी जा सकेगी। एसीएमओ आरसीएच डॉ. बीपी सिंह ने बताया कि अस्पतालों और उपकेंद्रों पर तैनात एएनएम, स्टाफ नर्स और नर्स मेंटर को इस एप के संबंध में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे सभी लाभार्थियों का डाटा ऑनलाइन फीड करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रसव के दौरान गर्भवती को अगर जटिलता होती है, तो उसे मंत्र एप में भरकर उसको जिला चिकित्सालय भेजा जाएगा। प्रसव के बाद नवजात में होनी वाली जटिलताओं को एप पर भरने के बाद उसको उच्च स्वास्थ्य इकाइयों पर संदर्भित किया जाएगा, जहां पर उसे उचित इलाज मिलेगा।
104 डिलीवरी सेंटर होंगे डिजिटल
जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता विश्वनाथ मल्ल ने बताया कि जिले के 104 डिलीवरी सेंटर मां नवजात ट्रैकिंग एप (मंत्र) से जुड़कर डिजिटल हो जाएंगे। महिला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आने पर सबसे पहले इस एप के माध्यम से गर्भवती और नवजात का स्वास्थ्य संबंधी सभी डाटा ऑनलाइन तत्काल भरा जाएगा। एप के माध्यम से ही जिला और प्रदेश स्तर से गर्भवती के प्रसव उपरांत नवजात की मानिटरिंग की जाएगी, अगर कहीं कोई परेशानी आती है तो उसका तत्काल निराकरण किया जाएगा।

‘मंत्र’ एप बचाएगा जच्चा-बच्चा की जान

जिले के डिलीवरी सेंटर होंगे डिजिटल, ऑनलाइन हो सकेगी निगरानी

संस्थागत प्रसव की गुणवत्ता में होगा सुधार

संवाद न्यूज एजेंसी

देवरिया। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग अब मंत्र एप को व्यवस्था में उतारने जा रहा है। डिलीवरी सेंटर मां नवजात ट्रैकिंग एप (मंत्र) से जुड़कर डिजिटल हो जाएंगे। ऐसे में स्टाफ नर्स को भर्ती गर्भवती का समय व उसकी स्थिति, दिया गया उपचार व प्रसूता को रेफर करने या न करने का कारण समेत अन्य सभी जानकारी एप पर देनी होगी। इसकी ऑनलाइन निगरानी होगी। इससे संस्थागत प्रसव की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।

जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, हेल्थ वेलनेस सेंटर्स समेत सभी प्रसव केंद्रों का डिजिटलाइजेशन कर दिया गया है। यहां चल रहे प्रसव केंद्रों को मां नवजात ट्रैकिंग एप से जोड़ा जा रहा है। एप से प्रत्येक प्रसव केंद्र पर हुए प्रसव, आई गर्भवती की तत्काल सेहत की स्थिति, केंद्र पर मिले इलाज का विवरण देखकर उस समय हुई लापरवाही पकड़ी जा सकेगी। एसीएमओ आरसीएच डॉ. बीपी सिंह ने बताया कि अस्पतालों और उपकेंद्रों पर तैनात एएनएम, स्टाफ नर्स और नर्स मेंटर को इस एप के संबंध में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे सभी लाभार्थियों का डाटा ऑनलाइन फीड करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रसव के दौरान गर्भवती को अगर जटिलता होती है, तो उसे मंत्र एप में भरकर उसको जिला चिकित्सालय भेजा जाएगा। प्रसव के बाद नवजात में होनी वाली जटिलताओं को एप पर भरने के बाद उसको उच्च स्वास्थ्य इकाइयों पर संदर्भित किया जाएगा, जहां पर उसे उचित इलाज मिलेगा।

104 डिलीवरी सेंटर होंगे डिजिटल

जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता विश्वनाथ मल्ल ने बताया कि जिले के 104 डिलीवरी सेंटर मां नवजात ट्रैकिंग एप (मंत्र) से जुड़कर डिजिटल हो जाएंगे। महिला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आने पर सबसे पहले इस एप के माध्यम से गर्भवती और नवजात का स्वास्थ्य संबंधी सभी डाटा ऑनलाइन तत्काल भरा जाएगा। एप के माध्यम से ही जिला और प्रदेश स्तर से गर्भवती के प्रसव उपरांत नवजात की मानिटरिंग की जाएगी, अगर कहीं कोई परेशानी आती है तो उसका तत्काल निराकरण किया जाएगा।

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