Memorandom Given To Bsa – जूनियर शिक्षण प्रबंधक संघ ने बीएसए को सौंपा ज्ञापन


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जूनियर शिक्षण प्रबंधक संघ ने बीएसए को सौंपा ज्ञापन
देवरिया। शासनादेश के बावजूद कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यालयों के खोलने के विरोध में प्राइवेट स्कूल संचालक भी आ गए। बुधवार को जूनियर शिक्षण प्रबंधक संघ ने मान्यता में आ रही दिक्कतों एवं स्कूल खोलने वाले संचालकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए बीएसए को ज्ञापन सौंपा।
शहर में प्राइवेट स्कूल संचालक कोरोना काल के बाद से ही परेशान हैं। इधर 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक पुन: स्कूल बंद कर दिए जाने से इनका शैक्षणिक कार्य पुन: प्रभावित होने लगा है। इन्हें डर है कि कोरोना के केस आगे इसी तरह बढ़ते गए तो स्कूल पुन: बंद होने से उनकी मुश्किलें बढ़ेंगी। इधर, शहर के ऐसे कई नामी स्कूल शासन के आदेश के बावजूद खुल रहे हैं। जूनियर शिक्षण प्रबंधक संघ बुधवार को बीएसए से मिला। संगठन की अध्यक्ष संगीता सिंह ने ज्ञापन सौंपा। बताया कि पिछले दो साल से कोरोना काल ने सबसे ज्यादा स्कूल संचालकों को परेशान किया है। 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक पुन: स्कूलों को बंद किए जाने से छात्रों का पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। प्राइवेट स्कूल संचालकों को मान्यता लेने में तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बंदी की घोषणा के बावजूद शहर के कई बड़े स्कूल अभी भी खुल रहे हैं, जबकि छोटे स्कूल संचालकों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने 14 जनवरी के बाद कोई अवकाश न घोषित करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में कई स्कूलों के संचालक शामिल रहे।

जूनियर शिक्षण प्रबंधक संघ ने बीएसए को सौंपा ज्ञापन

देवरिया। शासनादेश के बावजूद कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यालयों के खोलने के विरोध में प्राइवेट स्कूल संचालक भी आ गए। बुधवार को जूनियर शिक्षण प्रबंधक संघ ने मान्यता में आ रही दिक्कतों एवं स्कूल खोलने वाले संचालकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए बीएसए को ज्ञापन सौंपा।

शहर में प्राइवेट स्कूल संचालक कोरोना काल के बाद से ही परेशान हैं। इधर 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक पुन: स्कूल बंद कर दिए जाने से इनका शैक्षणिक कार्य पुन: प्रभावित होने लगा है। इन्हें डर है कि कोरोना के केस आगे इसी तरह बढ़ते गए तो स्कूल पुन: बंद होने से उनकी मुश्किलें बढ़ेंगी। इधर, शहर के ऐसे कई नामी स्कूल शासन के आदेश के बावजूद खुल रहे हैं। जूनियर शिक्षण प्रबंधक संघ बुधवार को बीएसए से मिला। संगठन की अध्यक्ष संगीता सिंह ने ज्ञापन सौंपा। बताया कि पिछले दो साल से कोरोना काल ने सबसे ज्यादा स्कूल संचालकों को परेशान किया है। 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक पुन: स्कूलों को बंद किए जाने से छात्रों का पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। प्राइवेट स्कूल संचालकों को मान्यता लेने में तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बंदी की घोषणा के बावजूद शहर के कई बड़े स्कूल अभी भी खुल रहे हैं, जबकि छोटे स्कूल संचालकों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने 14 जनवरी के बाद कोई अवकाश न घोषित करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में कई स्कूलों के संचालक शामिल रहे।

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