More than 13 lakh people came to Varanasi in 32 days, photos are showing fear of corona explosion | वाराणसी में 32 दिनों में 13 लाख से ज्यादा लोग आए, तस्वीरें जता रहीं कोरोना विस्फोट की आशंका

वाराणसी38 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

आस्था और उत्साह का यह रेला कोरोना संक्रमण को फैलाने में एक बड़ी अहम भूमिका निभाएगा। इस हुजूम में शामिल लोग तो लापरवाही बरत ही रहे हैं, प्रशासन के जिम्मेदारी अधिकारी भी चुप्पी साध कर मूकदर्शक बने हुए हैं।

वाराणसी में बीते 32 दिनों में देश के अलग-अलग राज्यों से रिकॉर्ड 13 लाख से ज्यादा लोग दर्शन-पूजन और पर्यटन के लिए आए। नववर्ष 2022 की पहली जनवरी को तो सारे रिकॉर्ड ही ध्वस्त हो गए और 5 लाख से ज्यादा लोग काशी आए। इस बीच काशी में 1 जनवरी की शाम तक कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या भी 46 हो गई। इसे लेकर अब स्वास्थ्य विशेषज्ञ चिंतित हैं और उनका कहना है कि मॉस्क और सोशल डिंस्टेंसिंग के नियम के प्रति हमारी घोर लापरवाही हमें बड़ी मुश्किल में डाल सकती है।

BHU के जीन विज्ञानी प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे ने रविवार को दैनिक भास्कर से कहा कि संक्रमण से बचाव का सशक्त माध्यम हमारी खुद की अतिरिक्त सतर्कता है। हम भीड़भाड़ में जाने से बचें और एहतियात बरतते हुए अपने काम करेंगे तभी सुरक्षित रहेंगे और संक्रमण की चेन टूटेगी। प्रो. चौबे ने कहा कि 29 दिसंबर की शाम वाराणसी में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 8 थी। महज 72 घंटे बाद यानी 1 जनवरी की शाम कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 46 हो गई। ऐसे में हमारी लापरवाही हमें एक बड़े संकट में डाल सकती है।

तस्वीरों में देखें हुजूम और लोगों की बेफिक्री…।

1 जनवरी की दोपहर यह गोदौलिया चौराहे का दृश्य है। यहां पैर रखने की भी जगह नहीं थी और ज्यादातर लोगों के चेहरे पर मॉस्क नहीं था। ऐसे में जायजा लगाया जा सकता है कि कोई एक व्यक्ति भी संक्रमित रहा होगा तो उसके संपर्क में आकर अन्य का क्या हाल हुआ होगा।

1 जनवरी की दोपहर यह गोदौलिया चौराहे का दृश्य है। यहां पैर रखने की भी जगह नहीं थी और ज्यादातर लोगों के चेहरे पर मॉस्क नहीं था। ऐसे में जायजा लगाया जा सकता है कि कोई एक व्यक्ति भी संक्रमित रहा होगा तो उसके संपर्क में आकर अन्य का क्या हाल हुआ होगा।

गोदौलिया से श्रीकाशी विश्वनाथ धाम जाने वाले रास्ते पर सुबह से लेकर शाम तक लोगों का हुजूम उमड़ा रहा। लोग आराम से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे, लेकिन एक-दूसरे से धक्कामुक्की करते हुए किसी तरह से बाबा विश्वनाथ के दर्शन करना चाह रहे थे।

गोदौलिया से श्रीकाशी विश्वनाथ धाम जाने वाले रास्ते पर सुबह से लेकर शाम तक लोगों का हुजूम उमड़ा रहा। लोग आराम से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे, लेकिन एक-दूसरे से धक्कामुक्की करते हुए किसी तरह से बाबा विश्वनाथ के दर्शन करना चाह रहे थे।

गोदौलिया से श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के बीच कई बार भीड़ अनियंत्रित हुई। व्यवस्था बनाने में पुलिस भी पूरी तरह से नाकाम रही, लेकिन भीड़ में शामिल लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस भीड़ को लेकर गहरी चिंता जताई है।

गोदौलिया से श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के बीच कई बार भीड़ अनियंत्रित हुई। व्यवस्था बनाने में पुलिस भी पूरी तरह से नाकाम रही, लेकिन भीड़ में शामिल लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस भीड़ को लेकर गहरी चिंता जताई है।

दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती में भी रोजाना शाम के समय लोगों की जबरदस्त भीड़ उमड़ रही है। आरती के आयोजकों की ओर से अपील की जाती है कि लोग मास्क पहनें और सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करें लेकिन कोई ध्यान ही नहीं देता है।

दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती में भी रोजाना शाम के समय लोगों की जबरदस्त भीड़ उमड़ रही है। आरती के आयोजकों की ओर से अपील की जाती है कि लोग मास्क पहनें और सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करें लेकिन कोई ध्यान ही नहीं देता है।

खबरें और भी हैं…

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*