No Obey Of Master Plan – मास्टर प्लान : जुर्माना भरो और गलती दोहराओ


परमार्थी पोखरा स्थित एक माल के सामने सड़क पर खड़ी बाइक। संवाद
– फोटो : DEORIA

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मास्टर प्लान : जुर्माना भरो और गलती दोहराओ
शहर में 25 से अधिक शॉपिंग कांप्लेक्स के भवन स्वामी भर चुके हैं जुर्माना
नहीं कर रहे मास्टर प्लान के कायदे-कानून का पालन
बेसमेंट में पार्किंग होनी चाहिए तो चलवा रहे दुकानें
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर में मास्टर प्लान के खेल निराले हैं। जुर्माना भरो और गलती दोहराओ की तर्ज पर नियत प्राधिकारी कार्यालय पूंजीपतियों से कायदे-कानून का पालन करा रहा है। दो साल पहले जिन शॉपिंग कांप्लेक्स के भवन स्वामियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया उनसे जुर्माना भरवाकर फिर वही गलती दोहराने की छूट दे दी गई है। नतीजतन, स्वीकृत मानचित्र के मुताबिक बेसमेंट में जहां पार्किंग होनी चाहिए, वहां दुकानें चल रही हैं।
शहर में छोटे-बड़े करीब 50 से अधिक शॉपिंग कांप्लेक्स खुले हैं। इनमें कुछ का नक्शा पास नहीं है तो कुछ ऐसे भी हैं, जिनका स्वीकृत नक्शे के विपरीत भवन निर्माण हुआ है। वर्ष 2018 में बिना वाहन पार्किंग वाले होटल, अस्पताल व शॉपिंग कांप्लेक्स के खिलाफ अमर उजाला ने अभियान चलाया था। इसके बाद मास्टर प्लान के जिम्मेदारों की नींद खुली। बिना नक्शा वाले और स्वीकृत नक्शा के विपरीत भवन निर्माण कराने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। करीब 25 होटल और शॉपिंग कांप्लेक्स भी इस जद में आए। इनके बेसमेंट को खाली कराकर वाहन पार्किंग की व्यवस्था कराई गई। विभाग ने जुर्माने के रूप में दोगुना विकास शुल्क जमा कराते हुए इनका शमन मानचित्र स्वीकृत कर दिया। मामला सुलझा तो भवन स्वामियों ने बेसमेंट को किराए पर देकर दुकानें खोलवा दी हैं। शॉपिंग कांप्लेक्स में आए ग्राहक अपने वाहन सड़कों पर खड़े कर रहे हैं। इसके चलते जगह-जगह जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है।
इनसेट
यह है नक्शा पास कराने का नियम
शॉपिंग माल बनाने के लिए सबसे पहले जमीन के कागजात और उसका नक्शा नियत प्राधिकारी कार्यालय को देना होता है। विभाग नक्शे की गहन जांच के दौरान यह सुनिश्चित करता है कि पार्किंग की सुविधा है या नहीं। बिना पार्किंग के कोई भी व्यावसायिक नक्शा स्वीकृत नहीं किया जा सकता। वाहन पार्किंग के लिए शॉपिंग मॉल के बराबर एरिया निर्धारित की जाती है। लिहाजा आम तौर पर बेसमेंट में ही पार्किंग की सुविधा दी जाती है। नक्शा स्वीकृत करने के बदले चार रुपये प्रति वर्ग फीट के हिसाब से विकास शुल्क व 50 रुपये वर्ग मीटर के हिसाब से मानचित्र शुल्क जमा करना होता है।
इनसेट
ऐसे हो रहा नक्शे का उल्लंघन
शॉपिंग मॉल का नक्शा पास कराने के लिए लोग जमीन के कागजात के अलावा जरूरी धनराशि नगर विकास विभाग के जेई व बाबुओं के पास जमा कर देते हैं। विभाग नियमों के मुताबिक नक्शा पास कर देता है, मगर इसके बाद कोई भी कर्मचारी यह देखने निर्माण स्थल पर नहीं जाता कि नक्शे के अनुरूप काम हो रहा है या नहीं। यही कारण है कि नक्शे में भले ही पार्किंग हो, लेकिन मौके पर उनका वजूद नहीं है। कुछ ने किराए पर पार्किंग की जगह ले रखी है, लेकिन वह भी मानक के अनुरूप नहीं है।
इनसेट
रोजाना घंटों जाम झेलते हैं लोग
शहर के सबसे व्यस्त क्षेत्रों में शुमार कोऑपरेटिव बैंक से हनुमान मंदिर रोड का आलम यह है कि यहां वाहनों की पार्किंग सड़क पर ही होती है। रोड पर घुसने के बाद हनुमान मंदिर तक सड़क अवैध पार्किंग के जाम में जकड़ी हुई है। लोग इधर जाने से बचते हैं। यही हाल रुद्रपुर मोड़ और सलेमपुर रोड की तरफ स्थित शॉपिंग कांप्लेक्स का भी है।
वर्जन
अवर अभियंता को विनियमित क्षेत्र को बिना नक्शा वाले और नक्शा के विपरीत निर्माण वाले भवनों को चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए टीम भी गठित की गई है। मास्टर प्लान के नियमों का पालन हर किसी से कराया जाएगा। शॉपिंग कांप्लेक्स की जांच के लिए मैं जेई को रिमाइंडर करूंगा।
– सौरभ सिंह, एसडीएम सदर/नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र।

मास्टर प्लान : जुर्माना भरो और गलती दोहराओ

शहर में 25 से अधिक शॉपिंग कांप्लेक्स के भवन स्वामी भर चुके हैं जुर्माना

नहीं कर रहे मास्टर प्लान के कायदे-कानून का पालन

बेसमेंट में पार्किंग होनी चाहिए तो चलवा रहे दुकानें

संवाद न्यूज एजेंसी

देवरिया। शहर में मास्टर प्लान के खेल निराले हैं। जुर्माना भरो और गलती दोहराओ की तर्ज पर नियत प्राधिकारी कार्यालय पूंजीपतियों से कायदे-कानून का पालन करा रहा है। दो साल पहले जिन शॉपिंग कांप्लेक्स के भवन स्वामियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया उनसे जुर्माना भरवाकर फिर वही गलती दोहराने की छूट दे दी गई है। नतीजतन, स्वीकृत मानचित्र के मुताबिक बेसमेंट में जहां पार्किंग होनी चाहिए, वहां दुकानें चल रही हैं।

शहर में छोटे-बड़े करीब 50 से अधिक शॉपिंग कांप्लेक्स खुले हैं। इनमें कुछ का नक्शा पास नहीं है तो कुछ ऐसे भी हैं, जिनका स्वीकृत नक्शे के विपरीत भवन निर्माण हुआ है। वर्ष 2018 में बिना वाहन पार्किंग वाले होटल, अस्पताल व शॉपिंग कांप्लेक्स के खिलाफ अमर उजाला ने अभियान चलाया था। इसके बाद मास्टर प्लान के जिम्मेदारों की नींद खुली। बिना नक्शा वाले और स्वीकृत नक्शा के विपरीत भवन निर्माण कराने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। करीब 25 होटल और शॉपिंग कांप्लेक्स भी इस जद में आए। इनके बेसमेंट को खाली कराकर वाहन पार्किंग की व्यवस्था कराई गई। विभाग ने जुर्माने के रूप में दोगुना विकास शुल्क जमा कराते हुए इनका शमन मानचित्र स्वीकृत कर दिया। मामला सुलझा तो भवन स्वामियों ने बेसमेंट को किराए पर देकर दुकानें खोलवा दी हैं। शॉपिंग कांप्लेक्स में आए ग्राहक अपने वाहन सड़कों पर खड़े कर रहे हैं। इसके चलते जगह-जगह जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है।

इनसेट

यह है नक्शा पास कराने का नियम

शॉपिंग माल बनाने के लिए सबसे पहले जमीन के कागजात और उसका नक्शा नियत प्राधिकारी कार्यालय को देना होता है। विभाग नक्शे की गहन जांच के दौरान यह सुनिश्चित करता है कि पार्किंग की सुविधा है या नहीं। बिना पार्किंग के कोई भी व्यावसायिक नक्शा स्वीकृत नहीं किया जा सकता। वाहन पार्किंग के लिए शॉपिंग मॉल के बराबर एरिया निर्धारित की जाती है। लिहाजा आम तौर पर बेसमेंट में ही पार्किंग की सुविधा दी जाती है। नक्शा स्वीकृत करने के बदले चार रुपये प्रति वर्ग फीट के हिसाब से विकास शुल्क व 50 रुपये वर्ग मीटर के हिसाब से मानचित्र शुल्क जमा करना होता है।

इनसेट

ऐसे हो रहा नक्शे का उल्लंघन

शॉपिंग मॉल का नक्शा पास कराने के लिए लोग जमीन के कागजात के अलावा जरूरी धनराशि नगर विकास विभाग के जेई व बाबुओं के पास जमा कर देते हैं। विभाग नियमों के मुताबिक नक्शा पास कर देता है, मगर इसके बाद कोई भी कर्मचारी यह देखने निर्माण स्थल पर नहीं जाता कि नक्शे के अनुरूप काम हो रहा है या नहीं। यही कारण है कि नक्शे में भले ही पार्किंग हो, लेकिन मौके पर उनका वजूद नहीं है। कुछ ने किराए पर पार्किंग की जगह ले रखी है, लेकिन वह भी मानक के अनुरूप नहीं है।

इनसेट

रोजाना घंटों जाम झेलते हैं लोग

शहर के सबसे व्यस्त क्षेत्रों में शुमार कोऑपरेटिव बैंक से हनुमान मंदिर रोड का आलम यह है कि यहां वाहनों की पार्किंग सड़क पर ही होती है। रोड पर घुसने के बाद हनुमान मंदिर तक सड़क अवैध पार्किंग के जाम में जकड़ी हुई है। लोग इधर जाने से बचते हैं। यही हाल रुद्रपुर मोड़ और सलेमपुर रोड की तरफ स्थित शॉपिंग कांप्लेक्स का भी है।

वर्जन

अवर अभियंता को विनियमित क्षेत्र को बिना नक्शा वाले और नक्शा के विपरीत निर्माण वाले भवनों को चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए टीम भी गठित की गई है। मास्टर प्लान के नियमों का पालन हर किसी से कराया जाएगा। शॉपिंग कांप्लेक्स की जांच के लिए मैं जेई को रिमाइंडर करूंगा।

– सौरभ सिंह, एसडीएम सदर/नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र।

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