Police Beaten Lawyer – रिटायर्ड जज केअधिवक्ता पुत्र की पिटाई के मामले में डीएम ने बैठाई जांच


दीवानी न्यायालय गेट पर अधिवक्ताओं से वार्ता करते सीजीएम। संवाद

दीवानी न्यायालय गेट पर अधिवक्ताओं से वार्ता करते सीजीएम। संवाद
– फोटो : DEORIA

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पुलिस पर अधिवक्ता को बांधकर पीटने का आरोप
दीवानी कचहरी में आक्रोशित अधिवक्ताओं ने पुलिसकर्मियों को दौड़ाया
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर के उमानगर निवासी रिटायर्ड जज दुर्गा प्रसाद जायसवाल के अधिवक्ता पुत्र विष्णु जायसवाल की कोतवाली में पुलिस ने बुधवार की देर रात बांधकर पिटाई कर दी। इससे आक्रोशित अधिवक्ताओं ने बृहस्पतिवार की दोपहर में कलेक्ट्रेट में नारेबाजी की। पुलिस और अधिवक्ताओं में धक्का-मुक्की हुई। दीवानी अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सिंहासन गिरी ने सदर एसडीएम और कोतवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। जबकि आक्रोशित अधिवक्ताओं ने दीवानी कचहरी में पुलिसकर्मियों को दौड़ा लिया। किसी तरह वह भाग कर छिप गए। मामले में डीएम ने जांच बैठा दी है। उधर, एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने बताया कि मामले में तीन सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है।
शहर के सिविल लाइंस रोड पर रामजानकी मंदिर के सामने दुकानें बनी हैं, जिसमें अधिवक्ता विष्णु जायसवाल की भी दुकान है। अधिवक्ता के अनुसार दुकान के संबंध में दीवानी न्यायालय में मुकदमा लंबित है। विपक्षी जो अपने को समाजसेवी कहते हैं। आरोप है कि प्रशासनिक अफसरों एवं पुलिस को अपने प्रभाव में लेकर अधिवक्ता को बिना कारण बताए बुधवार की शाम को घर से उठाकर कोतवाली में बैठा दिए। पूछने पर वह गाली देते हुए पिटाई करने लगे, जिससे अधिवक्ता बेहोश हो गए। होश आने पर बृहस्पतिवार की सुबह चार बजे छोड़ दिया गया।
बृहस्पतिवार की सुबह दीवानी न्यायालय पहुंचे तो उनकी चोट देखकर अन्य अधिवक्ता आक्रोशित हो गए। दीवानी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सिंहासन गिरी पूर्व अध्यक्ष सुशील मिश्रा कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बृज बांके तिवारी पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता संघ सुभाष चंद्र राव, अशोक दीक्षित, हरिहर मिश्र, मनोज राय, दिव्यांश त्रिपाठी, अभिषेक मिश्रा, शिव कुमार मणि, सुनील दुबे, जयशील शुक्ल, अजीत तिवारी, अनिल सिंह, देवेंद्र सिंह, काजी मुहम्मद, प्रमोद यादव, एमएन मिश्र, सुरेंद्र त्रिपाठी, मनोज मिश्रा, रामप्रवेश सिंह, प्रेमनारायण मणि, प्रकाश तिवारी निराला, सुयश सिंह, कलेक्ट्रेट अधिवक्ता संघ के सचिव प्रीतम मिश्रा सहित सैकड़ों अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए डीएम ऑफिस पहुंचे। वहां एसडीएम सदर अपने चेंबर में बैठे थे, अधिवक्ताओं ने उनके खिलाफ नारेबाजी की। सूचना पर कई थानों की फोर्स पहुंच पहुंच गई। अधिवक्ता शहर कोतवाल अनुज कुमार सिंह और एसडीएम सौरभ सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगे। अधिवक्ताओं ने डीएम को प्रार्थनापत्र दिया और घायल अधिवक्ता का मेडिकल कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन मेडिकल नहीं हो रहा था। न्यायिक अधिकारियों के हस्तक्षेप पर मेडिकल हुआ। अधिवक्ता ने बांधकर मारने-पीटने का आरोप लगाया है। उधर, जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने अधिवक्ता की पिटाई के मामले में मजिस्ट्रियल जांच का आदेश दिया है। इसमें सीआरओ अमृल लाल बिंद, एसडीएम गजेंद्र कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सोनकर, दीवानी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सिंहासन गिरि को जांच कमेटी में रखा गया है। मजिस्ट्रियल जांच कमेटी ने जांच भी शुरू कर दी है। जो अपनी रिपोर्ट बहुत जल्द डीएम को सौंप देगी। सीओ सदर श्रीयश त्रिपाठी और एसओजी ने जिस जगह से अधिवक्ता को उठाने की बात कही जा रही है। वहां पहुंचकर सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच में जुटी हुई है।
कोट:
मामले में विष्णु जायसवाल के प्रार्थनापत्र पर प्रकरण में जांच के लिए टीम गठित की गई है। इसमें प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के अलावा सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सिंहासन गिरी को शामिल किया गया है। तीन दिसंबर तक रिपोर्ट मांगी गई है। जांच रिपोर्ट में आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-आशुतोष निरंजन, डीएम

पुलिस पर अधिवक्ता को बांधकर पीटने का आरोप

दीवानी कचहरी में आक्रोशित अधिवक्ताओं ने पुलिसकर्मियों को दौड़ाया

संवाद न्यूज एजेंसी

देवरिया। शहर के उमानगर निवासी रिटायर्ड जज दुर्गा प्रसाद जायसवाल के अधिवक्ता पुत्र विष्णु जायसवाल की कोतवाली में पुलिस ने बुधवार की देर रात बांधकर पिटाई कर दी। इससे आक्रोशित अधिवक्ताओं ने बृहस्पतिवार की दोपहर में कलेक्ट्रेट में नारेबाजी की। पुलिस और अधिवक्ताओं में धक्का-मुक्की हुई। दीवानी अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सिंहासन गिरी ने सदर एसडीएम और कोतवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। जबकि आक्रोशित अधिवक्ताओं ने दीवानी कचहरी में पुलिसकर्मियों को दौड़ा लिया। किसी तरह वह भाग कर छिप गए। मामले में डीएम ने जांच बैठा दी है। उधर, एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने बताया कि मामले में तीन सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है।

शहर के सिविल लाइंस रोड पर रामजानकी मंदिर के सामने दुकानें बनी हैं, जिसमें अधिवक्ता विष्णु जायसवाल की भी दुकान है। अधिवक्ता के अनुसार दुकान के संबंध में दीवानी न्यायालय में मुकदमा लंबित है। विपक्षी जो अपने को समाजसेवी कहते हैं। आरोप है कि प्रशासनिक अफसरों एवं पुलिस को अपने प्रभाव में लेकर अधिवक्ता को बिना कारण बताए बुधवार की शाम को घर से उठाकर कोतवाली में बैठा दिए। पूछने पर वह गाली देते हुए पिटाई करने लगे, जिससे अधिवक्ता बेहोश हो गए। होश आने पर बृहस्पतिवार की सुबह चार बजे छोड़ दिया गया।

बृहस्पतिवार की सुबह दीवानी न्यायालय पहुंचे तो उनकी चोट देखकर अन्य अधिवक्ता आक्रोशित हो गए। दीवानी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सिंहासन गिरी पूर्व अध्यक्ष सुशील मिश्रा कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बृज बांके तिवारी पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता संघ सुभाष चंद्र राव, अशोक दीक्षित, हरिहर मिश्र, मनोज राय, दिव्यांश त्रिपाठी, अभिषेक मिश्रा, शिव कुमार मणि, सुनील दुबे, जयशील शुक्ल, अजीत तिवारी, अनिल सिंह, देवेंद्र सिंह, काजी मुहम्मद, प्रमोद यादव, एमएन मिश्र, सुरेंद्र त्रिपाठी, मनोज मिश्रा, रामप्रवेश सिंह, प्रेमनारायण मणि, प्रकाश तिवारी निराला, सुयश सिंह, कलेक्ट्रेट अधिवक्ता संघ के सचिव प्रीतम मिश्रा सहित सैकड़ों अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए डीएम ऑफिस पहुंचे। वहां एसडीएम सदर अपने चेंबर में बैठे थे, अधिवक्ताओं ने उनके खिलाफ नारेबाजी की। सूचना पर कई थानों की फोर्स पहुंच पहुंच गई। अधिवक्ता शहर कोतवाल अनुज कुमार सिंह और एसडीएम सौरभ सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगे। अधिवक्ताओं ने डीएम को प्रार्थनापत्र दिया और घायल अधिवक्ता का मेडिकल कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन मेडिकल नहीं हो रहा था। न्यायिक अधिकारियों के हस्तक्षेप पर मेडिकल हुआ। अधिवक्ता ने बांधकर मारने-पीटने का आरोप लगाया है। उधर, जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने अधिवक्ता की पिटाई के मामले में मजिस्ट्रियल जांच का आदेश दिया है। इसमें सीआरओ अमृल लाल बिंद, एसडीएम गजेंद्र कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सोनकर, दीवानी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सिंहासन गिरि को जांच कमेटी में रखा गया है। मजिस्ट्रियल जांच कमेटी ने जांच भी शुरू कर दी है। जो अपनी रिपोर्ट बहुत जल्द डीएम को सौंप देगी। सीओ सदर श्रीयश त्रिपाठी और एसओजी ने जिस जगह से अधिवक्ता को उठाने की बात कही जा रही है। वहां पहुंचकर सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच में जुटी हुई है।

कोट:

मामले में विष्णु जायसवाल के प्रार्थनापत्र पर प्रकरण में जांच के लिए टीम गठित की गई है। इसमें प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के अलावा सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सिंहासन गिरी को शामिल किया गया है। तीन दिसंबर तक रिपोर्ट मांगी गई है। जांच रिपोर्ट में आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

-आशुतोष निरंजन, डीएम

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