Power Corporation does not have enough electricity meters, waiting for new connections | पावर कॉरपोरेशन के पास उपलब्ध नहीं हैं पर्याप्त बिजली मीटर, नए कनेक्शन में इंतजार

बुलंदशहर34 मिनट पहले

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बुलंदशहर में उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा बिजली कनेक्शन

बुलंदशहर में पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों की लापरवाही के कारण जनपद के 10 हजार से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को हर माह लाखों रुपए का झटका लग रहा है। पावर कारपोरेशन के पास पर्याप्त मात्रा में मीटर उपलब्ध नहीं होने के कारण इन उपभोक्ताओं को अतिरिक्त बिल चुकाना पड़ रहा है। इसके अलावा नए कनेक्शन लेने के लिए भी महीनों का इंतजार करना पड़ रहा है।

विभाग की लापरवाही आई सामने

जिले के पावर कारपोरेशन को बिजली मीटर की आपूर्ति करने वाली तीन कंपनियों और अफसरों की लापरवाह कार्यशैली का खामियाजा जनपद के 10 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं को उठाना पड़ रहा है। करीब दो साल से यह कंपनियां विभागीय आपूर्ति को पूरा नहीं कर पा रही हैं। विभाग की तरफ से एक हजार मीटर के सापेक्ष महज 100 मीटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस का नतीजा यह हो रहा है कि उपभोक्ताओं के खराब होने वाले मीटरों को बदला ही नहीं जा पा रहा है। मीटर नहीं बदले जाने से इन उपभोक्ताओं से फिक्स चार्ज वसूला जा रहा है, जोकि सामान्यतः बिल से दोगुना होता है। इसके अलावा रोजाना नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने वाले करीब 100 से अधिक उपभोक्ताओं को भी महीनों का इंतजार करना पड़ रहा है।

दोगुना बिल चुका रहे हैं उपभोक्ता

जनपद के करीब 10 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को हर माह करीब दोगुना बिल चुकाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। पावर कारपोरेशन दो किलोवाट भार के इन उपभोक्ताओं से हर माह फिक्स चार्ज के नाम पर 990 रुपए वसूलता है, जबकि इस समय दो किलोवाट भार के उपभोक्ता का सामान्यतः बिल करीब 350 से 550 तक ही आ पाता है।

विभागीय मापदण्ड पर फेल हो रही कंपनी

निगम में बिजली मीटरों की आपूर्ति दुरस्त करने के लिए लगातार टेंडर निकाले जा रहे हैं। बड़ी संख्या में बिजली मीटर बनाने वाली फर्मों द्वारा आवेदन भी किए जा रहे हैं। विभाग की तकनीकी जांच में इन कंपनियों के मीटरों को विभाग के मापदण्ड पर खरा नहीं माना जा रहा। तकनीकी जांच में फेल होने के बाद इन कम्पनियों के आवेदन निरस्त हो रहे हैं, जिसके कारण मीटर का संकट गहराता जा रहा है। वर्तमान में तीन कंपनियों द्वारा ही मीटरों की आपूर्ति की जा रही है, जोकि विभागीय मांग के अनुसार काफी कम है।

दो साल से मीटरों का संकट

पावर कारपोरेशन के एई मीटर विकास शर्मा ने बताया कि पिछले दो साल से विभाग में बिजली मीटरों का संकट है। इसके कारण ही खराब मीटरों को नहीं बदला जा रहा है। नए कनेक्शन भी आवंटित करने में अनावश्यक देरी हो रही है। मीटरों की आपूर्ति सुधारने के लिए लगातार टेंडर निकालकर कंपनियों को आवेदित किया जा रहा है, लेकिन तकनीकी जांच में पास नहीं होने के कारण अधिकांश कंपनियों के आवेदन निरस्त हो रहे हैं।

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