Prisoner dies in Etawah Jail: Husband was arrested for murder of wife, family members created ruckus by accusing him of murder | पत्नी का हत्या के आरोप में बंद था पति, हत्या का आरोप लगाकर परिवार वालों ने काटा हंगामा

इटावाएक घंटा पहले

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दीपक शाक्य की फाइल फोटो।

इटावा जिला जेल में एक कैदी की संदिग्ध हालात में मौत के बाद हड़कंप मच गया। उसके परिवारी जनों ने हत्या की आशंका जताते हुए जेल अफसरों पर हत्या का मामला दर्ज कर कार्यवाही की मांग की है। जिस कैदी की मौत हुई है उसका नाम दीपक शाक्य है, जो इटावा जिले के भरथना थाना क्षेत्र के अंतर्गत बाहरपुरा गांव का निवासी था।

दीपक की पत्नी मेघा ने 2 जनवरी को फांसी लगाकर के जान दे दी जिसके बाद उसके परिजनों ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया जिसके आधार पर 3 जनवरी को दीपक ओर उसके पिता को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया।

अस्पताल में इलाज के दौरान गई जान

5 जनवरी को शाम 9 बजे के करीब इटावा जिला जेल से दीपक को घायल अवस्था में मुख्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर राजकीय संयुक्त चिकित्सालय लेकर पहुंचाया गया। जेल अफसरों ने इस बात की जानकारी दें कि दीपक पेड़ से गिरने से घायल हो गया है लेकिन यह वह बता पाने की स्थिति में नहीं है कि दीपक आखिरकार पेड़ से कैसे गिरा इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

आज दीपक के परिजनों को टेलीफोन के जरिए उसकी मौत की जानकारी दी गई तो परिवारी जनों के साथ साथ में उसके काफी परिचित जिला अस्पताल पहुंचे। जिन्होंने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि जेल के भीतर दीपक की हत्या करके उसको मौत के घाट उतारा गया है।

जेल अफसरों को बताया मौत का जिम्मेदार

दीपक के चचेरे भाई गौरव ने बताया कि जो शख्स 3 जनवरी को सही सलामत जेल में दाखिल हुआ हो और आखिरकार ऐसा क्या उसके साथ घटित हो गया कि जो 2 दिन के भीतर ही उसकी जान चली गई हो। जाहिर है कि जेल के भीतर जरूर ऐसा कुछ ना कुछ हुआ है जिसके चलते दीपक की मौत हुई है। मौत को लेकर के जेल के अफसर हर हाल में जिम्मेदार हैं। उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई अमल में लाई जाए।

पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

दीपक के परिजनों के जिला अस्पताल में हंगामा करने की सूचना मिलने के बाद इटावा के नगर मजिस्ट्रेट राजेंद्र प्रसाद, उप जिलाधिकारी राजेश वर्मा, सीओ सिटी अमित कुमार सिंह समेत कई अफसर पुलिस बल के साथ गुस्साए लोगों को समझाने के लिए पहुंचे जिन्होंने इस बात का भरोसा दिया कि पूरे प्रकरण की जांच मजिस्ट्रेट स्तर के अफसर से कराई जाएगी और शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल से कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अगर जेल कर्मी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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