Sage saints held a meeting in Vrindavan, discussed in a closed room for an hour | वृंदावन में साधु-संतों ने की बैठक; एक घंटे तक बंद कमरे में हुई चर्चा

मथुरा35 मिनट पहले

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बैठक में संतों ने न्यायालय में चल रही प्रक्रिया की जानकारी ली और इस मुद्दे को लेकर मंथन किया

अयोध्या में राम मंदिर बनने की शुरुआत होने के बाद अब श्रीकृष्ण जन्मस्थान व शाही ईदगाह का मुद्दा गर्माता जा रहा है। सोमवार को श्रीकृष्ण जन्मस्थान को लेकर साधु-संतों की एक बैठक हुई। बैठक में संतों ने न्यायालय में चल रही प्रक्रिया की जानकारी ली और इस मुद्दे को लेकर मंथन किया। करीब एक घंटे तक चली इस बैठक में 20 से ज्यादा संत, धर्माचार्य और भागवताचार्य उपस्थित हुए।

एक घण्टे तक चली बैठक

वृंदावन के परिक्रमा मार्ग स्थित कृष्ण कृपा धाम में दोपहर करीब साढ़े तीन बजे शुरू हुई बैठक एक घण्टे से ज्यादा समय तक चली। बन्द कमरे में चली बैठक में साधु संत , धर्माचार्य और भगवताचार्यों ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान को लेकर मंथन किया। श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के बैनर तले आयोजित हुई इस बैठक में ब्रज के प्रमुख संतो ने सहभागिता की।

सन्त बोले न्यायिक प्रक्रिया से लड़ेंगे श्री कृष्ण जन्मस्थान की लड़ाई

बैठक की अध्यक्षता महा मंडलेश्वर गीता मनीषी सन्त ज्ञानानन्द महाराज व मलूक पीठाधीस्वर राजेंद्र दास महाराज ने की । करीब एक घंटे तक मंथन करने के बाद बाहर आए संत ज्ञानानन्द महाराज ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर अपने अधिकारों को लेकर जो केस लड़ा जा रहा है उसके सभी तथ्य यहां संतों के सामने रखे गए और सभी संतो ने सहमति जताई है कि अभी कोई आंदोलन नहीं अभी कोई अभियान नहीं लेकिन न्यायालय में जो चल रहा है उस प्रक्रिया को दृढ़ता के साथ आगे बढ़ाया जाए। हरीदासिय सम्प्रदाय के सन्त मनमोहन दास ने बताया कि बैठक में निर्णय हुआ कि श्री कृष्ण जन्म स्थान बनना चाहिए। इसमें सभी को सहयोग करना चाहिए। मुस्लिम समाज को भी सहयोग करना चाहिए। अयोध्या और काशी से भी बृहद मंदिर यहां बनना चाहिए।

कोर्ट की प्रक्रिया पर सभी को विश्वास

बैठक का आयोजन करने वाली संस्था श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि श्री कृष्ण जन्मभूमि को लेकर सभी संतों, धर्माचार्य और भगवताचार्यों कि बैठक हुई। बैठक का मुख्य मुद्दा था कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि का निर्माण हो इसको लेकर गहन चिंतन हुआ मनन हुआ। इस पर सभी ने एक स्वर में कहा कि मन्दिर का निर्माण होना चाहिए इसके लिए रणनीति बनाई जाएगी उसको लेकर एक बैठक आगामी समय मे होगी।

बैठक में मौजूद रहे बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेस्वर पांडे ने बताया कि मंदिर का जो मुद्दा चल रहा है उसमें कैसे पुष्ट साक्ष्यों को रखकर अपना पक्ष रखना चाहिए यह बैठक में रहा। इस बैठक को देखकर आश्चर्य हुआ कि संत किसी भी विषय पर इतना चिंतन विचार करते हैं।

बैठक में यह रहे उपस्थित

श्री कृष्ण कृपा धाम आश्रम में हुई बैठक में महंत फूल डोल दास, संत गोविंदानंद तीर्थ, संत गोपेश बाबा, महंत सुंदर दास, महंत लाड़ली शरण दास, संत बलराम दास, उमेश महाराज, भागवत प्रवक्ता कृष्ण चंद्र शास्त्री, मृदुल कांत शास्त्री, मनोज मोहन शास्त्री, रसिया बाबा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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