School Manager Commit Suicide In Deoria – देवरिया: फंदे से लटक कर स्कूल प्रबंधक ने दी जान, सात पेज का सुसाइड नोट लिख पत्नी से मांगी माफी


संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 30 Nov 2021 01:09 PM IST

सार

अमित यादव ने प्रबंधकीय विवाद में आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने उनके पास से सात पेज का सुसाइड नोट बरामद की है, जिसकी जांच की जा रही है।

मृतक अमित यादव। (फाइल फोटो)

मृतक अमित यादव। (फाइल फोटो)
– फोटो : अमर उजाला।

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विस्तार

देवरिया जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां रुद्रपुर नगर से सटे अहलादपुर मरकड़ी गांव के एक स्कूल प्रबंधक ने फंदे से लटक कर जान दे दी। घटना के पीछे परिवार के बीच प्रबंधकीय विवाद बताया जा रहा है। घटना स्थल से पुलिस को सात पेज का सुसाइड नोट मिला है। जिसकी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।

अहलादपुर मरकड़ी गांव के हरीशचंद यादव का छोटा बेटा अमित यादव (35) मझने पुल के समीप एलबीआर स्कूल के प्रबंधक थे। वह चार साल पहले स्कूल की स्थापना कर संचालित कर रहे थे। स्कूल में प्रबंधक तंत्र के उत्तराधिकार को लेकर विवाद बताया जा रहा है।

सोमवार की रात स्कूल परिसर में स्थित आवास के कमरे में करीब नौ बजे पत्नी ने फंदे से लटकता शव देख शोर मचाना शुरू किया। रस्सी का फंदा बना कर छत की कुंडी से वह लटक गए थे। बगल में मेज पर सात पेज का सुसाइड नोट मिला। जिसमे छह पेज लाल और एक पेज नीली स्याही से लिखा है।

उन्होंने आत्महत्या करने के लिए स्कूल के प्रबंधकीय विवाद को बताया। परिजनों से स्कूल के प्रबंधकीय को लेकर एक महीने से विवाद चल रहा है। जिसको लेकर तीन दिन पूर्व स्कूल में भी बहस हुई थी। घटना के बाद सुसाइड नोट में विवाद के आरोपी परिजन फरार हो गए।

प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह ने कहा कि घटना स्थल पर मिले सुसाइड नोट की लिखावट और किसी परिस्थिति में लिखा गया है, इसकी जांच की जा रही है। घटना के पीछे सुसाइड नोट के मुताबिक प्रबंधकीय विवाद है। पुलिस गहनता से जांच कर रही है। अभी कोई तहरीर नहीं मिली है।

नीतू माफ करना, बेटी का ख्याल रखना

प्रबंधक अमित यादव के शव के जगह में मिले सात पेज के सुसाइड नोट में उन्होंने आत्म हत्या करने के बाद पत्नी नीतू से माफी मांगी है। सुसाइड नोट के कुछ अंश – नीतू मुझे क्षमा करना, बेटी का ख्याल रखना। मेरे शरीर को बेटी आराध्या ही मुखाग्नि देगी, तो मुझे शांति मिलेगी। मेरा सपना है, बेटी अधिकारी बने। परिजन बेटी को उसका हक, अधिकार जरूर दे देंगे।

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