The flight was canceled due to the absence of ILS Cat-3, the new terminal has to be completed by December 31. kanpur | आईएलएस कैट-3 नहीं होने से रद्द हुयी थी उड़ान, नए टर्मिनल को 31 दिसंबर तक होना है पूरा

कानपुरएक घंटा पहलेलेखक: शलभ आनंद बाजपेयी

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चकेरी एयरपोर्ट

यदि समय रहते चकेरी एयरपोर्ट के विस्तार का कार्य हो जाता तो पीएम की फ्लाइट चकेरी एयरपोर्ट से उड़ान भर सकती थी। सूचना के अनुसार मोदी के फ्लाइट कैंसिल होने के बाद पीएमओ और एविएशन मिनिस्ट्री ने इंटरनल जांच बैठाई है। जिसकी रिपोर्ट आने वाले सात दिनों में एयरपोर्ट अथॉरिटी को सौपनी है।

आईएलएस की वजह से ही पीएम की फ्लाइट हुई कैंसिल…
आपको बता दें मंगलवार को पीएम नरेंद्र मोदी कानपुर दौरे पर थे। उनके स्पेशल प्लेन ने चकेरी के एयरपोर्ट में लैंड तो कर ली लेकिन यहां से टेक ऑफ नहीं कर पाई। इसकी मुख्य वजह यहां के एयरपोर्ट में आईएलएस कैट-3 की सुविधा का न होना। अगर यह सुविधा होती तो मोदी की फ्लाइट कैंसिल न होती।

पीएमओ की फ्लाइट कैंसिल होने जांच बैठी…
जानकारी के अनुसार पीएम मोदी की स्पेशल फ्लाइट जो मंगलवार शाम को लो विजिबिलिटी के कारण कैंसिल हुई थी, उस पर पीएमओ और एविएशन मिनिस्ट्री ने इंटरनल जांच बैठाई है। साथ ही एयरपोर्ट अथॉरिटी और चकेरी एयरपोर्ट से लिखित में इसका स्पष्टीकरण मांगा है। यह भी पूछा गया है कि जब चकेरी एयरपोर्ट के कार्यों में इतना विलंब क्यों हो रहा है। इसकी रिपोर्ट आने वाले सात दिनों के भीतर जमा करनी है।

कौन लगाएगा आईएलएस कैट-3…
जानकारों की मानें तो चकेरी में नया आईएलएस कैट-1 इंडियन एयरफोर्स को इनस्टॉल करना है। इसकी फाइल रक्षा मंत्रालय के पास काफी पहले से पड़ी है। रही बात आईएलएस कैट-3 तो उसके लिए चकेरी एयरपोर्ट को कम से कम 6 से 8 सालों का इंतजार करना पड़ सकता है क्योंकि ऐसा ही देश के अन्य हवाई अड्डों के साथ ही हुआ था।

आईएलएस कैट-3 से लैस हो जाना चाहिए था चकेरी एयरपोर्ट…
जानकारों की मानें तो पिछले कई सालों से चकेरी एयरपोर्ट से फ्लाइट तो शुरू होती है लेकिन ज्यादा दिन तक अपनी सेवाएं नहीं दे पाती। इसका मुख्य कारण चकेरी एयरपोर्ट पर अच्छी सुविधाओं का न होना है। सबसे बड़ी बात तो यह है यहाँ के एयरपोर्ट में आइएलएस सिस्टम कैट-1 टेक्नोलॉजी का लगा हुआ है। वो भी काफी पुराना हो गया है। कई बार तो वो भी ठीक से काम नहीं करता जिसकी वजह से ठंड और बारिश के मौसम में कई बार फ्लाइट को रद्द करना पड़ता है।

31 दिसंबर तक पूरा होना था कार्य…
आपको बता दें चकेरी के नए बन रहे टर्मिनल का काम 31 दिसंबर तक पूरा होना था, लेकिन यह मुमकिन नहीं हो पाया। यह कार्य पहले 30 सितम्बर तक पूरा होना था, लेकिन कोरोना काल की वजह से इसे बढ़ा कर 31 दिसंबर तक करने की प्रशासन ने घोषणा कर दी थी।

रनवे के एनओसी के मिनिस्ट्री में लटकी फाइल…
एयरफोर्स स्टेशन चकेरी से लिंक निर्माण करने के लिए मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस में पिछले 8 महीने से फाइल लटकी हुई है। लेकिन उस पर किसी का ध्यान नहीं है। इसके अलावा पुराने एयरपोर्ट को नए से जोड़ने के लिए भी कुछ जमीन एयरफोर्स की लगेगी उसका भी प्रस्ताव अभी तक अप्रूव नहीं हो पाया है। ऐसे में 31 दिसंबर तक एयरपोर्ट का काम पूरा होना किसी भी सूरत में संभव नही हो सकता।

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