Three Women Including A Pregnant Died In Tractor-trolley-bolero Collision – ट्रैक्टर-ट्राली-बोलेरो की टक्कर में एक गर्भवती सहित तीन महिलाओं की मौत


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ट्रैक्टर-ट्राली-बोलेरो की टक्कर में एक गर्भवती सहित तीन महिलाओं की मौत
सलेमपुर (देवरिया)। कोतवाली क्षेत्र के भगड़ा भवानी मंदिर के पास बुधवार की देर रात गन्ना से भरी एक ट्रैक्टर-ट्राली और बोलेरो की टक्कर में एक गर्भवती सहित तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि एक महिला व एक पुरुष घायल हैं। घटना के बाद करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने वाहनों को हटाया।
सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के मझौलीराज कस्बा के नोनिया टोला निवासी अलाउद्दीन अपनी गर्भवती पत्नी सहेना (22) वर्ष को बुधवार की रात करीब 10:30 बजे बोलेरो से सीएचसी लेकर जा रहे थे। बोलेरो में परिवार की सबीना (30), सोनी (32) और रेहाना थे। अभी वे लोग सलेमपुर-मैरवा मार्ग पर भगड़ा भवानी मंदिर के पास पहुंचे कि सड़क पर बने ब्रेकर पर बोलेरो उछलकर सामने से आ रही गन्ना लदी ट्रैक्टर ट्राली से भिड़ गई। जिसमें अलाउद्दीन और रेहाना को छोड़कर तीनों महिलाओं की घटना स्थल पर मौत हो गई। घायलों की चीत्कार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और वाहन में फंसे सभी को निकालने में जुट गए।
लोगों ने घटना की सूचना कोतवाली पुलिस को दी। मौके पर कोतवाल नवीन कुमार मिश्रा पहुंच गए। उन्होंने सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जहां डॉक्टर ने सबीना, सोनी और सहेना को मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। घटना के बाद बोलेरो और ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गए। हादसे में वाहन के परखच्चे उड़ गए, जिसके चलते करीब एक घंटे तक सलेमपुर मैरवा मार्ग पर आवागमन ठप हो गया। इस बावत कोतवाल नवीन कुमार मिश्र ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल पहुंचा दिया गया है।
पल भर में नौ बच्चों के सर से उठा मां का साया
सलेमपुर। किसे पता था एक बच्चे को जन्म देने जिस प्रसूता को लेकर जो महिलाएं जा रही हैं उनके भी बच्चे अनाथ हो जाएंगे। पल भर में एक ही साथ एक परिवार की तीन महिलाओं की जान चली गई। मृतक सबिना के जरीना, अरमान, सलमान व रूबी बच्चें हैं। वहीं मृतक सोनी के सद्दाम, सविना, रियाज, सकिना व मुस्कान बच्चें हैं। सभी बच्चें अपनी मां को खोने के बाद बदहवास थे।
डॉक्टर देख कर ली होती भर्ती तो सम्भत: बच गई होती तीनों की जान
सलेमपुर। पत्नी को प्रसव पीड़ा से तड़पते देख अलाउद्दीन बुधवार की दोपहर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर गए थे। लेकिन ड्यूटी पर तैनात महिला कर्मी ने प्रसव में देर होने की बात कह प्रसूता को घर भेज दी। अगर महिला कर्मी किसी डॉक्टर से सलाह लेकर प्रसूता को भर्ती कर लिया होता तो, शायद एक ही परिवार के तीन महिलाओं की जान नहीं गई होती।
पिता बनने का सपना रह गया अधूरा, पत्नी का भी छूटा साथ
सलेमपुर। मझौलीराज के नोनिया टोला निवासी अलाउद्दीन का पिता बनने का सपना अधूरा रह गया। दो साल पहले उसकी शादी सहेना से हुई थी। अलाउद्दीन की पत्नी के प्रसव का समय आया तो हादसे में उसकी पत्नी की जान चली गई। पत्नी के साथ गर्भ में उसके बच्चे की भी जान चली गई। वह बच्चे के जन्म को लेकर काफी उत्साहित था। पत्नी प्रसव को लेकर वह अपनी बहन रेहाना को भी बुलाया था। लेकिन सड़क हादसे में उसके पिता बनने का सपना अधूरा रह गया।

ट्रैक्टर-ट्राली-बोलेरो की टक्कर में एक गर्भवती सहित तीन महिलाओं की मौत

सलेमपुर (देवरिया)। कोतवाली क्षेत्र के भगड़ा भवानी मंदिर के पास बुधवार की देर रात गन्ना से भरी एक ट्रैक्टर-ट्राली और बोलेरो की टक्कर में एक गर्भवती सहित तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि एक महिला व एक पुरुष घायल हैं। घटना के बाद करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने वाहनों को हटाया।

सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के मझौलीराज कस्बा के नोनिया टोला निवासी अलाउद्दीन अपनी गर्भवती पत्नी सहेना (22) वर्ष को बुधवार की रात करीब 10:30 बजे बोलेरो से सीएचसी लेकर जा रहे थे। बोलेरो में परिवार की सबीना (30), सोनी (32) और रेहाना थे। अभी वे लोग सलेमपुर-मैरवा मार्ग पर भगड़ा भवानी मंदिर के पास पहुंचे कि सड़क पर बने ब्रेकर पर बोलेरो उछलकर सामने से आ रही गन्ना लदी ट्रैक्टर ट्राली से भिड़ गई। जिसमें अलाउद्दीन और रेहाना को छोड़कर तीनों महिलाओं की घटना स्थल पर मौत हो गई। घायलों की चीत्कार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और वाहन में फंसे सभी को निकालने में जुट गए।

लोगों ने घटना की सूचना कोतवाली पुलिस को दी। मौके पर कोतवाल नवीन कुमार मिश्रा पहुंच गए। उन्होंने सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जहां डॉक्टर ने सबीना, सोनी और सहेना को मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। घटना के बाद बोलेरो और ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गए। हादसे में वाहन के परखच्चे उड़ गए, जिसके चलते करीब एक घंटे तक सलेमपुर मैरवा मार्ग पर आवागमन ठप हो गया। इस बावत कोतवाल नवीन कुमार मिश्र ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल पहुंचा दिया गया है।

पल भर में नौ बच्चों के सर से उठा मां का साया

सलेमपुर। किसे पता था एक बच्चे को जन्म देने जिस प्रसूता को लेकर जो महिलाएं जा रही हैं उनके भी बच्चे अनाथ हो जाएंगे। पल भर में एक ही साथ एक परिवार की तीन महिलाओं की जान चली गई। मृतक सबिना के जरीना, अरमान, सलमान व रूबी बच्चें हैं। वहीं मृतक सोनी के सद्दाम, सविना, रियाज, सकिना व मुस्कान बच्चें हैं। सभी बच्चें अपनी मां को खोने के बाद बदहवास थे।

डॉक्टर देख कर ली होती भर्ती तो सम्भत: बच गई होती तीनों की जान

सलेमपुर। पत्नी को प्रसव पीड़ा से तड़पते देख अलाउद्दीन बुधवार की दोपहर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर गए थे। लेकिन ड्यूटी पर तैनात महिला कर्मी ने प्रसव में देर होने की बात कह प्रसूता को घर भेज दी। अगर महिला कर्मी किसी डॉक्टर से सलाह लेकर प्रसूता को भर्ती कर लिया होता तो, शायद एक ही परिवार के तीन महिलाओं की जान नहीं गई होती।

पिता बनने का सपना रह गया अधूरा, पत्नी का भी छूटा साथ

सलेमपुर। मझौलीराज के नोनिया टोला निवासी अलाउद्दीन का पिता बनने का सपना अधूरा रह गया। दो साल पहले उसकी शादी सहेना से हुई थी। अलाउद्दीन की पत्नी के प्रसव का समय आया तो हादसे में उसकी पत्नी की जान चली गई। पत्नी के साथ गर्भ में उसके बच्चे की भी जान चली गई। वह बच्चे के जन्म को लेकर काफी उत्साहित था। पत्नी प्रसव को लेकर वह अपनी बहन रेहाना को भी बुलाया था। लेकिन सड़क हादसे में उसके पिता बनने का सपना अधूरा रह गया।

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