Varanasi – Devotees said – will start the new year by bowing their heads in Baba’s court | श्रद्धालु बोले- बाबा दरबार में माथा टेक नए साल की करेंगे शुरुआत

वाराणसी17 मिनट पहले

नए साल पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब।

NEW YEAR का जश्न अपने-अपने अंदाज में लोग 31 दिसंबर की आधी रात से ही मना रहे हैं। वहीं इस नए साल को मंगलमय बनाने के लिए शिव भक्तों ने 1 जनवरी 2022 के दिन को बाबा भोलेनाथ के नाम कर दिया। 1 जनवरी की सुबह करीब 2 बजे से ही लोगों की लंबी लाइनें लग गई और पूरे दिन कतार में खड़े होकर सभी ने देवाधिदेव महादेव का दर्शन किया। आने वाला साल 2022 सुख, शांति और समृद्धि के साथ ही यह साल निरोग भरा हो, ऐसी लोगों ने मुरादें भी मांगी। प्रशासनिक आंकड़ों की मानें तो नए साल के पहले दिन ही करीब तीन लाख से अधिक शिव भक्तों ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर महादेव के दर पर माथा टेका।

भोर से ही हरहर महादेव, बमबम बोल रहा है काशी के उद्घोष के साथ लोगों ने भगवान शिव का दर्शन किया।

हरहर महादेव के नारों से गूंज उठा काशी
भोर से ही हरहर महादेव, बमबम बोल रहा है काशी के उद्घोष के साथ लोग भगवान शिव के दर्शन को उमड़ पड़े। छत्तीसगढ़ राज्य के भिलाई के रहने वाले नागेंद्र सिंह ने बताया कि नए साल की शुरुआत हम बाबा के दरबार से करना चाहेंगे। उन्होंने बताया कि अपने परिवार के साथ वे काशी आए हुए हैं। नागेंद्र सिंह बताते हैं कि मैंने भगवान शंकर से यही मांगा है कि यह साल सभी देशवासियों के लिए खुशहाली भरा हो। कोरोना की तीसरी लहर ओमिक्रॉन भी हम भारतवासियों का कुछ बिगड़ न पाए।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन के लिए नए साल पर 2 बजे से ही लगातार शिव भक्तों का सिलसिला जारी रहा। लोगों ने मंदिर प्रशासन पर अव्यवस्था का आरोप लगाया।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन के लिए नए साल पर 2 बजे से ही लगातार शिव भक्तों का सिलसिला जारी रहा। लोगों ने मंदिर प्रशासन पर अव्यवस्था का आरोप लगाया।

मंदिर प्रशासन की दिखी भारी लापरवाही
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन के लिए नए साल पर 2 बजे से ही लगातार शिव भक्तों का सिलसिला जारी रहा। जैसे ही मंगला आरती पूरी हुई, इसके बाद भक्तों का रेला मंदिर में उमड़ पड़ा। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया भक्तों की भीड़ और ज्यादा बढ़ती गई। दर्शन को आए गोरखपुर निवासी राजेश द्विवेदी ने कहा कि इतनी ज्यादा भीड़ का अनुमान कहीं न कहीं मंदिर प्रशासन को रहा होगा, लेकिन इनके वॉलिंटियर्स भी सही से बात कर नहीं कर रहे हैं और मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था भी बहुत ही लचर है। महाराष्ट्र से आए देवानंद पाटील उनकी पत्नी शिवानी पाटिल ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का जबसे लोकार्पण हुआ दिल में तमन्ना थी कि मंदिर चलेंगे। उन्होंने बताया कि प्लान बनाया और साल के पहले दिन ही दर्शन करने के लिए हम यहां आ गए। दर्शन करने के लिए काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा, यहां मंदिर प्रशासन बहुत ज्यादा लापरवाह है।
भारी जाम का सामना लोगों ने किया
सुबह 8 बजे से ही भक्तों की भीड़ लग गई थी। शहर के अंदर से जाम से लोग परेशान दिखे। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर जाने वाला हर मार्ग जाम में तब्दील हो गया था। स्थिति यह थी कि लहुराबीर से विश्वनाथ मंदिर जाने में लोगों को करीब 3 से 4 घंटे तक लग रहे थे। इस रूट पर ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त दिखी।

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