Budget – बजट मिले तो बने मलिन बस्तियों की 102 सड़कें


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बजट मिले तो बने मलिन बस्तियों की 102 सड़कें
65 प्रस्ताव है इस वित्तीय वर्ष के, तीन साल बीता 37 परियोजनाओं को नहीं मिली दूसरी किस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मुख्यमंत्री नगरीय अल्प विकसित एवं मलिन बस्ती विकास योजना जिले में ठप हो है। योजना के तहत स्वीकृत परियोजनाओं में बजट का टोटा है। शासन को भेजे गए नए प्रस्ताव ठंडे बस्ते में जा रहे तो वहीं पुरानी परियोजनाएं भी धनाभाव के कारण वर्षों से अधूरी पड़ी हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से अक्तूबर 2017 में मुख्यमंत्री नगरीय अल्प विकसित एवं मलिन बस्ती विकास योजना शुरू की गई। इस योजना के माध्यम से शहरी क्षेत्र की अल्पसंख्यक बाहुल्य बस्तियों व मलिन बस्तियों में सीसी रोड, इंटरलॉकिंग, नाली निर्माण, पेयजल, पथ प्रकाश आदि व्यवस्था की जानी है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में शासन से पहली किस्त मिलते ही जिले के सभी नगर निकायों में सड़क निर्माण कार्य शुरू किया गया। डूडा की ओर से धनराशि की उपयोगिता के संदर्भ में शासन को प्रमाण पत्र भी भेजा गया। तीन साल गुजर गए अब तक विभाग को दूसरी किस्त नहीं मिली। धनाभाव के कारण 37 सड़कों का निर्माण अधर में लटका है।
ठंडे बस्ते में 65 सड़कों का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री नगरीय अल्प विकसित एवं मलिन बस्ती विकास योजना के तहत मौजूदा वित्तीय वर्ष में सांसद और विधायक के प्रस्ताव पर 2039.97 लाख लागत की 65 सड़कों का डीपीआर शासन को भेजी गई है। चार माह से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी इस मद में धनराशि नहीं मिली है। सड़कों का प्रस्ताव ठंड बस्ते में है।
मुख्यमंत्री नगरीय अल्प विकसित एवं मलिन बस्ती विकास योजना के तहत मौजूदा वित्तीय वर्ष में 65 सड़कों का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। अभी तक धनराशि उपलब्ध नहीं हुई है। सत्र 2017-18 में 37 सड1कों के निर्माण के लिए पहली किस्त मिली थी। दूसरी किस्त आवंटन के लिए शासन को उपयोगिता प्रमाण पत्र भेज दिया गया है।
– विनोद कुमार मिश्र, पीओ डूडा।

बजट मिले तो बने मलिन बस्तियों की 102 सड़कें

65 प्रस्ताव है इस वित्तीय वर्ष के, तीन साल बीता 37 परियोजनाओं को नहीं मिली दूसरी किस्त

संवाद न्यूज एजेंसी

देवरिया। मुख्यमंत्री नगरीय अल्प विकसित एवं मलिन बस्ती विकास योजना जिले में ठप हो है। योजना के तहत स्वीकृत परियोजनाओं में बजट का टोटा है। शासन को भेजे गए नए प्रस्ताव ठंडे बस्ते में जा रहे तो वहीं पुरानी परियोजनाएं भी धनाभाव के कारण वर्षों से अधूरी पड़ी हैं।

प्रदेश सरकार की ओर से अक्तूबर 2017 में मुख्यमंत्री नगरीय अल्प विकसित एवं मलिन बस्ती विकास योजना शुरू की गई। इस योजना के माध्यम से शहरी क्षेत्र की अल्पसंख्यक बाहुल्य बस्तियों व मलिन बस्तियों में सीसी रोड, इंटरलॉकिंग, नाली निर्माण, पेयजल, पथ प्रकाश आदि व्यवस्था की जानी है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में शासन से पहली किस्त मिलते ही जिले के सभी नगर निकायों में सड़क निर्माण कार्य शुरू किया गया। डूडा की ओर से धनराशि की उपयोगिता के संदर्भ में शासन को प्रमाण पत्र भी भेजा गया। तीन साल गुजर गए अब तक विभाग को दूसरी किस्त नहीं मिली। धनाभाव के कारण 37 सड़कों का निर्माण अधर में लटका है।

ठंडे बस्ते में 65 सड़कों का प्रस्ताव

मुख्यमंत्री नगरीय अल्प विकसित एवं मलिन बस्ती विकास योजना के तहत मौजूदा वित्तीय वर्ष में सांसद और विधायक के प्रस्ताव पर 2039.97 लाख लागत की 65 सड़कों का डीपीआर शासन को भेजी गई है। चार माह से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी इस मद में धनराशि नहीं मिली है। सड़कों का प्रस्ताव ठंड बस्ते में है।

मुख्यमंत्री नगरीय अल्प विकसित एवं मलिन बस्ती विकास योजना के तहत मौजूदा वित्तीय वर्ष में 65 सड़कों का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। अभी तक धनराशि उपलब्ध नहीं हुई है। सत्र 2017-18 में 37 सड1कों के निर्माण के लिए पहली किस्त मिली थी। दूसरी किस्त आवंटन के लिए शासन को उपयोगिता प्रमाण पत्र भेज दिया गया है।

– विनोद कुमार मिश्र, पीओ डूडा।

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