Case On 27 In Wrong Maps Of Buildings – नक्शे के विपरीत भवन बनाने वालों पर बढ़ी सख्ती


ख़बर सुनें

नक्शे के विपरीत भवन बनाने वालों पर बढ़ी सख्ती
अब तक चले भवनों के सर्वे अभियान में 27 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। विनियमित क्षेत्र में बिना नक्शा पास कराए और स्वीकृत नक्शा के विपरीत भवन बनाने वालों पर कार्रवाई होने लगी है। नियत प्राधिकारी एसडीएम सदर की ओर कराए जा रहे सर्वे में तमाम जगहों पर मास्टर प्लान की अनदेखी उजागर हो रही है। जिसपर अबतक 27 भवन स्वामियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आगे इस अभियान को और प्रभावी बनाने की तैयारी चल रही है।
विनियमित क्षेत्र में नगर पालिका समेत आसपास के 63 गांव शामिल हैं। यहां भवन बनाने से पहले नियत प्राधिकारी कार्यालय से नक्शा पास कराने का नियम है। लेकिन ज्यादातर लोग या तो बिना नक्शा पास कराए भवन बना लेते हैं या फिर नक्शा के अनुकूल भवन निर्माण नहीं कराते। एक अनुमान के मुताबिक विनियमित क्षेत्र में 25 प्रतिशत भवनों का नक्शा नियत प्राधिकारी कार्यालय से स्वीकृत नहीं है। करीब 30 प्रतिशत भवन स्वामियों ने नक्शा के विपरीत भवन निर्माण कराया है।
इनसेट
कई रसूखदार भी आ सकते हैं जद में
ठीक से सर्वे हो तो तमाम बड़े लोगों पर मुकदमा की कार्रवाई हो सकती है। इसमें कुछ राजनैतिक लोग भी शामिल हैं। जिन्होंने विभागीय तालमेल से सड़क कब्जा कर भवन बना लिया है। शहर में कई शापिंग काम्प्लेक्स और स्कूल, मास्टर प्लान के नियमों के विपरीत बने हैं। अग्निशमन विभाग से एनओसी मिले बिना नियत प्राधिकारी कार्यालय से इनका नक्शा पास कर दिया गया है।
इनसेट
सर्वे के लिए सेक्टरवार गठित है टीम
विनियमित क्षेत्र के नक्शे को विभाजित कर 14 सेक्टर बनाए गए हैं। इसमें सर्वे के लिए मानचित्रकार और इंजीनियरों की अलग-अलग टीम गठित की गई है। ये प्रतिदिन क्षेत्र में जाकर भवनों का सर्वे कर रहे हैं। बिना मानचित्र स्वीकृत कराए व मानचित्र के विपरीत हो रहे भवन निर्माण की सूचना संकलित कर नियत प्राधिकारी कार्यालय को दे रहे हैं। यहां से भवन स्वामियों को नोटिस भेजा जा रहा है।
कोट:
विनियमित क्षेत्र में मानकविहीन भवनों को चिह्नित करने के लिए टीम बनाई गई है। जो लोग बिना नक्शा पास कराए या नक्शे के विपरीत भवन निर्माण कराए हैं उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। अब तक 27 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
– सौरभ सिंह, एसडीएम सदर

नक्शे के विपरीत भवन बनाने वालों पर बढ़ी सख्ती

अब तक चले भवनों के सर्वे अभियान में 27 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

संवाद न्यूज एजेंसी

देवरिया। विनियमित क्षेत्र में बिना नक्शा पास कराए और स्वीकृत नक्शा के विपरीत भवन बनाने वालों पर कार्रवाई होने लगी है। नियत प्राधिकारी एसडीएम सदर की ओर कराए जा रहे सर्वे में तमाम जगहों पर मास्टर प्लान की अनदेखी उजागर हो रही है। जिसपर अबतक 27 भवन स्वामियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आगे इस अभियान को और प्रभावी बनाने की तैयारी चल रही है।

विनियमित क्षेत्र में नगर पालिका समेत आसपास के 63 गांव शामिल हैं। यहां भवन बनाने से पहले नियत प्राधिकारी कार्यालय से नक्शा पास कराने का नियम है। लेकिन ज्यादातर लोग या तो बिना नक्शा पास कराए भवन बना लेते हैं या फिर नक्शा के अनुकूल भवन निर्माण नहीं कराते। एक अनुमान के मुताबिक विनियमित क्षेत्र में 25 प्रतिशत भवनों का नक्शा नियत प्राधिकारी कार्यालय से स्वीकृत नहीं है। करीब 30 प्रतिशत भवन स्वामियों ने नक्शा के विपरीत भवन निर्माण कराया है।

इनसेट

कई रसूखदार भी आ सकते हैं जद में

ठीक से सर्वे हो तो तमाम बड़े लोगों पर मुकदमा की कार्रवाई हो सकती है। इसमें कुछ राजनैतिक लोग भी शामिल हैं। जिन्होंने विभागीय तालमेल से सड़क कब्जा कर भवन बना लिया है। शहर में कई शापिंग काम्प्लेक्स और स्कूल, मास्टर प्लान के नियमों के विपरीत बने हैं। अग्निशमन विभाग से एनओसी मिले बिना नियत प्राधिकारी कार्यालय से इनका नक्शा पास कर दिया गया है।

इनसेट

सर्वे के लिए सेक्टरवार गठित है टीम

विनियमित क्षेत्र के नक्शे को विभाजित कर 14 सेक्टर बनाए गए हैं। इसमें सर्वे के लिए मानचित्रकार और इंजीनियरों की अलग-अलग टीम गठित की गई है। ये प्रतिदिन क्षेत्र में जाकर भवनों का सर्वे कर रहे हैं। बिना मानचित्र स्वीकृत कराए व मानचित्र के विपरीत हो रहे भवन निर्माण की सूचना संकलित कर नियत प्राधिकारी कार्यालय को दे रहे हैं। यहां से भवन स्वामियों को नोटिस भेजा जा रहा है।

कोट:

विनियमित क्षेत्र में मानकविहीन भवनों को चिह्नित करने के लिए टीम बनाई गई है। जो लोग बिना नक्शा पास कराए या नक्शे के विपरीत भवन निर्माण कराए हैं उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। अब तक 27 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

– सौरभ सिंह, एसडीएम सदर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *