Chhath Puja 2021: Broken Religious Wall In Festival Of Folk Faith And Nature Worship – Chhath Puja 2021: लोक आस्था और प्रकृति पूजा के महापर्व में टूटी मजहब दीवार, मुस्लिम महिलाओं ने रखा व्रत


संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 10 Nov 2021 01:58 PM IST

सार

बनकटा ब्लॉक के अहिरौली बघेल निवासी उषा पुत्री जफर अली, मरियम पत्नी सोबराती, अजबुन पत्नी हदीस अंसारी, रेहाना पत्नी रंजन अंसारी छठ व्रत रख रही हैं।

Chhath Puja 2021

Chhath Puja 2021
– फोटो : अमर उजाला।

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लोक आस्था और प्रकृति पूजा के महापर्व सूर्यषष्ठी के लिए बड़ी संख्या में लोग तैयारियों में जुटे हैं। देवरिया जिले के भाटपार रानी क्षेत्र के कई गांवों में मुस्लिम समाज की महिलाएं भी इस व्रत को करतीं है।

बनकटा ब्लॉक के अहिरौली बघेल निवासी उषा पुत्री जफर अली, मरियम पत्नी सोबराती, अजबुन पत्नी हदीस अंसारी, रेहाना पत्नी रंजन अंसारी छठ व्रत रख रही हैं। अंजुम आरा पत्नी इस्माईल विगत कई वर्षों से छठ व्रत रखती हैं। कानगोई गांव गाढ़ा निवासी इरशाद अंसारी की पुत्री शबाना खातून, कोठिलवा गांव में रफीक अंसारी से ब्याही हैं और इनकी बहन सायदा खातून पत्नी जमालुद्दीन बिहार में ब्याही हैं जो न केवल छठ पूजा करती हैं बल्कि कोसी भी भरती हैं।

लोहारी बारी की नूरजहां पत्नी अहमद अंसारी, बेगम तारा, हजरा खातून आदि भी पूरे मनोयोग से लोक पर्व छठ मनाती हैं। बंगरा बाजार के लोहारी बारी निवासी अहमद अंसारी भी पत्नी के अस्वस्थ रहने के कारण परंपरा न टूटे, इसलिए सूर्य षष्ठी का व्रत रखते हैं। अहिरौली बघेल की उषा पुत्री जफर अली की शादी बिहार में हुई है।

ससुराल में कोई व्रत नहीं रखता इस कारण वह मायके आकर छठ घाट जाकर पूजन कर व्रत पूरा करती हैं। मदन मोहन मालवीय पीजी कॉलेज के समाजशास्त्र विभाग के डॉ. सुशील पांडेय कहते हैं कि हिन्दू- मुसलमानों में भले ही इबादत पद्धति में अंतर हो, लेकिन दोनों वर्गों के लोग एक दूसरे के त्योहारों को पूरी शिद्दत से मिल जुलकर मनाते हैं। आज के दौर में यह न केवल प्रशंसनीय है बल्कि अनुकरणीय भी है।

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