City Worried Of 4 Friends Death – श्मशान से कब्रिस्तान तक पसरा सन्नाटा


90 अबरेज के जनाजे में उमड़ी भीड़ 91 डीपी पर लगी अबरेज और रुद्रांश की फोटो 92 मृतकों के संवेदना जताने पह
– फोटो : DEORIA

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श्मशान से कब्रिस्तान तक पसरा सन्नाटा
चार दोस्तों की अर्थी के साथ उठा अबरेज का जनाजा
अरबाज और रुद्रेश की दोस्ती की मिसाल दे रहे मोहल्ले के युवक
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। बृहस्पतिवार की रात कुशीनगर जिले के रामपुर बगहा में हुए सड़क हादसे ने रुद्रपुर को गम के आंसुओं को डूबो दिया है। हादसे के शिकार पांच युवकों में चार हिंदू और एक मुसलमान था। शुक्रवार को एक गाड़ी से रुद्रपुर पहुंचे पांच दोस्तों के पार्थिव शरीर को देखकर लोगों की आंखें छलछला गईं। श्मशान से लेकर कब्रिस्तान तक सन्नाटा पसरा रहा। एक ही समय पांच घरों में चीख-पुकार मच गई। अलग-अलग घरों से चार दोस्तों की अर्थी के साथ अरबाज का जनाजा निकला।
प्यारेलाल, रुद्रेश, जित्तू और अभिषेक की शवयात्रा में नगर के सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं, पूर्वी तिवारी टोला से निकले अबरेज के जनाजे में बड़ी तादाद में लोग शामिल हुए। श्मशान घाट पर 18 से 25 वर्ष के बीच चारों दोस्तों का एक साथ दाह संस्कार हुआ तो मोहल्ले के लोगों की आंखें नम हो गईं। पूर्वी तिवारी टोला वार्ड के रहने वाले रुद्रेश उर्फ सुंदरम और अबरेज उर्फ राज की दोस्तों का मुहल्ले के युवकों ने मिसाल पेश की। उन्होंने कहा कि दोनों में गहरी दोस्ती थी। दोनों एक-दूसरे से मिले बिना रह नहीं सकते थे। अभी कुछ दिन पहले ही दोनों ने अपने व्हाट्सएप आईडी की डीपी बदली थी। उनकी डीपी पर दोनों की दिलकश अंदाज में फोटो लगा देखकर लोगों के मुंह से आह निकल रही है। मृतकों के घर संवेदना जताने वालों की भीड़ लग रही है। नगर में शनिवार को महाराणा प्रताप शिक्षण संस्थान, प्रत्युष विहार सहित कई संस्थानों में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया।
दीपावली नहीं मनाएंगे रुद्रपुर के लोग
रुद्रपुर। नगर के पांच होनहार युवकों की सड़क हादसे में मौत से पूरा क्षेत्र आहत है। नगर के लोगों ने इस हृदयविदारक घटना को लेकर दीपावली त्योहार नहीं मनाने का फैसला किया है। लोग सोशल मीडिया पर शोक संवेदना पोस्ट कर मातम भरे माहौल में दीपावली नहीं मानने की अपील कर रहे हैं। सत्यप्रकाश गुप्ता, राणा प्रताप सिंह, मदन उपाध्याय आदि ने कहा कि पांच होनहार युवकों को खोकर यह नगर खुशियां कैसे मनाएगा। जिनके घरों के लाडले नहीं हैं उस घर में उजाला कैसे हो सकता है। उन्होंने आम लोगों से मृतकों के नाम पर सिर्फ दीया जलाकर श्रद्धांजलि देने और पटाखे आदि नहीं फोड़ने की अपील की। संवाद

श्मशान से कब्रिस्तान तक पसरा सन्नाटा

चार दोस्तों की अर्थी के साथ उठा अबरेज का जनाजा

अरबाज और रुद्रेश की दोस्ती की मिसाल दे रहे मोहल्ले के युवक

संवाद न्यूज एजेंसी

रुद्रपुर। बृहस्पतिवार की रात कुशीनगर जिले के रामपुर बगहा में हुए सड़क हादसे ने रुद्रपुर को गम के आंसुओं को डूबो दिया है। हादसे के शिकार पांच युवकों में चार हिंदू और एक मुसलमान था। शुक्रवार को एक गाड़ी से रुद्रपुर पहुंचे पांच दोस्तों के पार्थिव शरीर को देखकर लोगों की आंखें छलछला गईं। श्मशान से लेकर कब्रिस्तान तक सन्नाटा पसरा रहा। एक ही समय पांच घरों में चीख-पुकार मच गई। अलग-अलग घरों से चार दोस्तों की अर्थी के साथ अरबाज का जनाजा निकला।

प्यारेलाल, रुद्रेश, जित्तू और अभिषेक की शवयात्रा में नगर के सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं, पूर्वी तिवारी टोला से निकले अबरेज के जनाजे में बड़ी तादाद में लोग शामिल हुए। श्मशान घाट पर 18 से 25 वर्ष के बीच चारों दोस्तों का एक साथ दाह संस्कार हुआ तो मोहल्ले के लोगों की आंखें नम हो गईं। पूर्वी तिवारी टोला वार्ड के रहने वाले रुद्रेश उर्फ सुंदरम और अबरेज उर्फ राज की दोस्तों का मुहल्ले के युवकों ने मिसाल पेश की। उन्होंने कहा कि दोनों में गहरी दोस्ती थी। दोनों एक-दूसरे से मिले बिना रह नहीं सकते थे। अभी कुछ दिन पहले ही दोनों ने अपने व्हाट्सएप आईडी की डीपी बदली थी। उनकी डीपी पर दोनों की दिलकश अंदाज में फोटो लगा देखकर लोगों के मुंह से आह निकल रही है। मृतकों के घर संवेदना जताने वालों की भीड़ लग रही है। नगर में शनिवार को महाराणा प्रताप शिक्षण संस्थान, प्रत्युष विहार सहित कई संस्थानों में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया।

दीपावली नहीं मनाएंगे रुद्रपुर के लोग

रुद्रपुर। नगर के पांच होनहार युवकों की सड़क हादसे में मौत से पूरा क्षेत्र आहत है। नगर के लोगों ने इस हृदयविदारक घटना को लेकर दीपावली त्योहार नहीं मनाने का फैसला किया है। लोग सोशल मीडिया पर शोक संवेदना पोस्ट कर मातम भरे माहौल में दीपावली नहीं मानने की अपील कर रहे हैं। सत्यप्रकाश गुप्ता, राणा प्रताप सिंह, मदन उपाध्याय आदि ने कहा कि पांच होनहार युवकों को खोकर यह नगर खुशियां कैसे मनाएगा। जिनके घरों के लाडले नहीं हैं उस घर में उजाला कैसे हो सकता है। उन्होंने आम लोगों से मृतकों के नाम पर सिर्फ दीया जलाकर श्रद्धांजलि देने और पटाखे आदि नहीं फोड़ने की अपील की। संवाद

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