“Deoria 24 News” all male members of a family died due to corona in gorakhpur

परिवार में कोरोना ने 18 अप्रैल को दस्तक दी। जब सबसे छोटे बेटे सर्वेश में लक्षण दिखने लगे। उसे तेज बुखार चढ़ने लगा। सांस फूलने लगी। हालत बिगड़ी तो पिता रामानंद और बड़े बेट प्रदीप ने छोटे भाई को मोहद्दीपुर में निजी अस्पताल में भर्ती कराया। बीते 20 अप्रैल को कोरोना की पुष्टि हुई। दो दिन बाद सर्वेश की इलाज के दौरान मौत हो गई। उसकी अभी शादी नहीं हुई थी।

इसी बीच पिता की भी तबीयत बिगड़ने लगी। तेज बुखार के साथ उनकी भी सांस फूलने लगी। उन्हें भी उसी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। छोटे बेटे की मौत के दो दिन बाद ही इलाज के दौरान पिता की भी मौत हो गई। पिता की मौत के रिश्तेदारों ने एहतियातन प्रदीप की कोरोना जांच कराई। रिपोर्ट पॉजिटिव रही। परिजनों ने उन्हें 26 अप्रैल को एयरपोर्ट के पास स्थित 100 बेड टीबी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां वह छह दिन मौत से जंग लड़ते रहे। दो मई की सुबह प्रदीप दूबे भी यह जंग हार गए। परिवार में चिताओं को मुखाग्नि देने वाला कोई नहीं बचा। प्रदीप के बहनोई सुनील और अरुण ने अंतिम संस्कार करवाया।

परिवार में बची है सिर्फ वृद्ध महिला

ब्रह्मपुर का एक सुखी परिवार महज चंद दिनों में ही खत्म हो गया। बीते 23 फरवरी को प्रदीप की पत्नी भी का भी निधन हुआ था। उन्हें गुर्दे और लिवर की बीमारी थी। अब परिवार में सिर्फ प्रदीप की 65 वर्षीय मां ही बची है।

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