“Deoria 24 News” BJP’s magic did not work in Etawah, Progressive Samajwadi Party and SP defeated | परिवार जिताने के लिए एक हुए शिवपाल-अखिलेश, मिलकर जीत ले गए 17 सीटें

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इटावा14 मिनट पहले

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उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में समाजवादी पार्टी व प्रगतिशील समाजवादी (लोहिया) ने जिला पंचायत सदस्य वार्डो के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को मिलकर करारी शिकस्त दी है। वहीं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले जिला पंचायत अध्यक्ष सीट पर मुलायम सिंह यादव व शिवपाल सिंह यादव के भाई राजपाल सिंह यादव के पुत्र अभिषेक यादव को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने के लिए चाचा शिवपाल और भतीजे अखिलेश को एक होना पड़ा।

चाचा भतीजे की लड़ाई में भाजपा को मिली थी जीत
सैफई परिवार में चचा भतीजे के झगड़े के चलते 2017 विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। जिसमें इटावा की 3 विधानसभा सीटों में 1 सीट जसवंतनगर की शिवपाल सिंह यादव जीते थे और भर्थना व सदर इटावा विधानसभा सीट पर भाजपा प्रात्याशिओं की जीत हुई थी और सपा को अपने ही गढ़ में हार का सामना करना पड़ा था। मोदी लहर में इटावा लोकसभा 2019 में भाजपा के प्रत्याशी डॉ रामशंकर कठेरिया को इटावा की जनता ने जिताकर लोकसभा भेजा था।

पंचायत चुनाव

पंचायत चुनाव

परिवार की सीट बचाने के लिए शिवपाल और अखिलेश एक हुए

2021 त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में परिवार की सीट बचाने के लिए शिवपाल और अखिलेश एक हुए और दोनों पार्टी के नेताओ ने रणनीति के तहत अपने अपने प्रत्याशी को चुनाव में उतारा जिसका नतीजा यह हुआ कि सत्ताधारी पार्टी को बड़ी करारी हार का सामना करना पड़ा।

समाजवादी पार्टी ने 09 जिला पंचयात सदस्य जीते और प्रसपा ने 08 पंचायत सदस्य जीतकर जिला पंचायत सीट पर फिर से कब्जा जमा लिया। हालांकि जीते हुए सभी प्रत्याशियों को सपा प्रसपा ने अपनी अपनी लिस्ट में शामिल करके उनको प्रत्याशी घोषित किया था।

जिला पंचायत सदस्यों की जीत के बाद सपा-प्रसपा के कार्यकर्ताओं और परिवार में एक तरफ खुशी है। और दूसरी ओर 2022 विधानसभा चुनाव में चचा भतीजे को एक साथ सूबे में चुनाव लड़ने और अखिलेश यादव की नेतृव वाली सरकार बनने की उम्मीद जाग गई है। यह तो आने वाला वक्त तय करेगा कि विधानसभा 2022 चुनाव में चचा भतीजे मिलकर चुनाव लड़ेंगे या एक दूसरे को हराने के लिए।

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