“Deoria 24 News” Fearing opposition from medical staff, police are unable to lay hands on the gangsters who have blackened the Remedisiver | मेडिकल स्टाफ के विरोध का डर, रेमडेसिविर ब्लैक करने वाले सरगनाओं पर हाथ नहीं डाल पा रही पुलिस

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लखनऊ3 मिनट पहले

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  • सिंडिकेट से जुड़े दो दर्जन से ज्यादा जमाखोरों को पकड़कर पुलिस ने निकाले अहम सुराग
  • दवा व्यपारियों के जरिये प्रदेश भर के ब्लैक मार्केट तक पहुंच रहा जीवनदायिनी इंजेक्शन

उत्तर प्रदेश में कोरोना से बचाव में जीवनदायिनी माने जा रहे रेमडिसिवर इंजेक्शन की काला बाजारी में बड़ी संख्या में मेडिकल स्टाफ और अस्पताल संचालको का हाथ सामने आ रहा है। लखनऊ पुलिस की लगातार हो रही छापेमारियों में पकड़े गए दो दर्जन से ज्यादा इंजेक्शन के जमाखोरों से ऐसे सुराग मिले हैं। लेकिन ब्लैक मार्केट में इंजेक्शन की सप्लाई करने वाले सरगनाओं पर हाथ डालने पर प्रदेश भर में मेडिकल स्टाफ के भारी विरोध सामने आने के डर से पुलिस छोटे जमाखोरों तक कार्रवाई करके ही खामोश है।

लखनऊ पुलिस ने रेमडेसिविर की कालाबाजारी से जुड़े अभी तक जिन लोगों को गिरफ्तार किया उनमें केजीएमयू का संविदाकर्मी, अस्पताल संचालक और कुछ निजी अस्पतालों के नर्सिंग स्टाफ शामिल हैं। इनके पास से कुछ नकली इंजेक्शन पकड़े गए। लेकिन भारी मात्रा में असली रेमडेसिविर की खेप भी इनके कब्जे से बरामद की गई जो निर्धारित मूल्य से करीब 10 गुना ज्यादा रेट पर मरीजों को बेची जा रही थी।

कानपुर से रेमडेसिविर की प्रदेश भर के ब्लैक मार्केट में हो रही सप्लाई

पुलिस अफसरों के मुताबिक पकड़े गए लोगों से पूछताछ में सामने आया कि कानपुर के बड़े दावा व्यापारियों के जरिये रेमडिसिवर इंजेक्शन की प्रदेश भर में ब्लैक मार्केटिंग हो रही है। इन व्यापारियों के तार बड़े निजी मेडिकल संस्थानों और उच्च स्तरीय चिकित्सकों से जुड़े हैं। ऐसे में इन व्यापारियों और उनसे जुड़े लोगों पर हाथ डालने से पूरे प्रदेश में मेडिकल स्टाफ विरोध में खड़ा हो सकता है।

कोविड मरीजों की बढ़ती संख्या की वजह से इलाज और प्रबंधन में मेडिकल स्टाफ की कमी पड़ती जा रही है। इनके विरोध में खड़े होने पर यह संकट और भी गहरा सकता है। यही वजह है कि पुलिस की कार्रवाई छोटे जमाखोरों तक सीमित है और कालाबाजारी पर पूरी तरह शिकंजा नही कस पा रहा है।

28 जमाखोरों से मिला 443 वायल इंजेक्शन

इससे पहले लखनऊ पुलिस ने 22 अप्रैल नाका थानाक्षेत्र में पहली करवाई करके 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर इनके कब्जे से 34 वायल रेमडिसिवर इंजेक्शन बरामद किया। इसके बाद गोमतीनगर, ठाकुरगंज, मानकनगर, अमीनाबाद और बंथरा पुलिस ने छापेमारी कर 24 आरोपियों को पकड़ा। पुलिस अबतक कुल 28 आरोपियों को पकड़कर 483 वायल रेमडेसिवर बरामद कर चुकी है। अफसरों का कहना है कि लगातार चल रही कार्रवाई में हर रोज कालाबाजारी करने वाले पकड़े जा रहे हैं।

एडीसीपी पश्चिमी राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि बड़ी संख्या में रेमडेसिविर बरामद कर पकड़े गए आरोपियों से पता चला कि कानपुर से इसकी सप्लाई हो रही है। इससे जुड़े बड़े व्यापारियों तक पहुचने के लिए कानपुर पुलिस की मदद ली जा रही है।

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