“Deoria 24 News” Mama Bhanja Burnt Dead Body Found In Uttar Pradesh’s Jalaun District | पांच दिनों से लापता मामा-भांजे का मिला जला शव; जूते और कपड़ों से मिली पहचान

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जालौन10 मिनट पहले

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परिवार ने पुलिस पर लगाया लापरवाही बरतने का आरोप। - Dainik Bhaskar

परिवार ने पुलिस पर लगाया लापरवाही बरतने का आरोप।

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में बीते पांच दिनों से लापता मामा-भांजे का जला हुआ शव बरामद हुआ है। दोनों 29 अप्रैल से लापता थे। परिजनों ने जूते और कपड़ों से दोनों की पहचान की है। फिलहाल परिवार ने पुलिस वालों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।

परिजनों ने नामजद दी थी तहरीर
यह पूरा मामला उरई कोतवाली इलाके के कांशीराम कालोनी से जुड़ा हुआ है। यहां का रहने वाला 25 साल का राशिद और उसका मामा इंद्रा नगर निवासी नसीम के साथ 29 अप्रैल को संदिग्ध हालात में लापता हो गए थे। परिजनों ने दोनों को खोजने का प्रयास किया, लेकिन उनका कहीं पता न लगा। जिस पर लापता होने की जानकारी उसके परिजनों ने उरई कोतवाली जाकर दी। साथ ही इंदिरा नगर के रहने वाले रफीक एवं अनीश पर अगवा करने का आरोप लगाते हुई नामजद तहरीर दी।

लेकिन उरई कोतवाली के प्रभारी विनोद पांडेय ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उल्टा युवकों के लापता होने पर स्वजनों पर ही आरोप लगाते हुए उन्हें दुत्कार कर कोतवाली से भगा दिया। इसके बाद व राशिद व नसीम के परिजन उरई कोतवाली और पुलिस के अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे पर पुलिस ने कोई भी सुनवाई नही की।

CM से लगाई गुहार, तब हरकत में आई पुलिस

जिसके चलते परेशान परिवार वालों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर मामले की शिकायत की। जिसके बाद पुलिस एक्टिव हुई और मामले की गंभीरता लेते हुए नामजद लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इस दौरान आरोपी टूट गए और उनकी निशान देही पर उरई कोतवाली पुलिस ने सिरसा कलार क्षेत्र के जंगलों में पहुंची। जहां दो जली हुई लाश बरामद की। जब परिजनों से पुलिस ने जले हुए शवों की शिनाख्त कराई तो वह मामा भांजे के शव निकले। इनकी शिनाख्त जूतों व कपड़े से हो सकी। हालांकि आरोपियों ने हत्या कर शव को जलाया है या नहीं? इसका खुलासा अभी पुलिस ने नहीं किया है। इसके अलावा हत्या के कारणों का भी अभी पता नहीं चला है।

पहले पकड़ पुलिस करती सख्ती तो नहीं जाती जान

इसके बाद से पुलिस पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस ने शिकायत के दिन ही आरोपियों को पकड़ लिया होता, तो उनके भाई और बेटे की हत्या न हुई होती। फिलहाल इस मामले में पुलिस ने चुप्पी साध रखी है कोई भी पुलिस अधिकारी कुछ भी बोलने से कतरा रहा है।

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