Dhan Kharid – जिले में 62 क्रय केंद्रों पर खरीदा जाएगा धान


ख़बर सुनें

संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जनपद में 62 क्रय केंद्रों पर धान खरीद एक नवंबर से 28 फरवरी 2022 तक होगी। कृषक अपनी सुविधा के अनुसार जनपद या सटे हुए जनपद के किसी केंद्र पर अपना धान बेच सकते हैं। किसान को किसी केंद्र पर एक बार बेचने के बाद धान की शेष मात्रा उसी केंद्र पर बेचनी होगी। धान का समर्थन मूल्य 1940 रुपये प्रति क्विंटल सामान्य प्रजाति का निर्धारित किया गया है। जिलों को 98100.00 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य मिला है। क्रय केंद्र सुबह नौ से शाम पांच बजे तक खुले रहेंगे।
रविवार को डीएम आशुतोष निरंजन ने विकास भवन के गांधी सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में 24 अक्तूबर तक कुल 2495 ऑनलाइन पंजीकरण धान विक्रय के लिए हुआ है। इसका संबंधित तहसील के एसडीएम की ओर से सत्यापन किया जा रहा है। पंजीकरण में आ रही समस्याओं के समाधान के लिए खाद्य विभाग की विपणन शाखा के सभी ब्लॉक गोदामों पर कैंप लगाकर समाधान कराया जा रहा है। यदि कृषक का मोबाइल नंबर से आधार कार्ड लिंक नहीं है तो कैंप में उपस्थित पोस्ट आफिस के कर्मचारियों द्वारा तत्काल कृषक के मोबाइल नंबर से आधार कार्ड लिंक कर दिया जा रहा है। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता, की ओर से रविवार से पंजीकरण कैंप लगाने के लिए आदेश जारी किया गया। धान खरीद प्रारंभ होने के पूर्व तक यह कैंप प्रतिदिन लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि जनपद में कुल 1199 गांठ जूट बोरा धान क्रय के लिए उपलब्ध है, जल्द ही इसकी दूसरी रैक भी मिल जाएगी। इस बार लक्ष्यपूर्ति की समीक्षा में किसानों से क्रय किए जाने के संख्या की भी समीक्षा की जायेगी।
——
पंजीकरण के लिए प्रस्तुत करने होंगे ये अभिलेख
ऑनलाइन पंजीयन के लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, फोटो बैंक की पासबुक, पहचान पत्र, भूमि का रकबा जमीन में अपना हिस्से का रकबा, खाता संख्या, खसरा तथा प्रत्येक भूमि ऑनलाइन खतौनी भी अपलोड होगी। रविवार एवं राजपत्रित अवकाशों को छोड़ कर शेष कार्य दिवसों में क्रय केंद्र खुले रहेंगे। धान विक्रय हेतु पंजीकरण खाद्य विभाग के पोर्टल fcs.up.gov.in पर किया जा सकता है।
यह निर्धारित किया गया है लक्ष्य
खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में शासन द्वारा जनपद का 98100.00 मीट्रिक टन लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसका एजेंसीवार विभाजन कर दिया गया है। जिसमें खाद्य विभाग को 30000मी.टन, पीसीएफ को 35000, यूपीएसएस को 12000, मंडी समिति को 2500, पीसीयू को 16100.00 और खाद्य निगम को 2500 मीट्रिक टन लक्ष्य दिया गया है।

संवाद न्यूज एजेंसी

देवरिया। जनपद में 62 क्रय केंद्रों पर धान खरीद एक नवंबर से 28 फरवरी 2022 तक होगी। कृषक अपनी सुविधा के अनुसार जनपद या सटे हुए जनपद के किसी केंद्र पर अपना धान बेच सकते हैं। किसान को किसी केंद्र पर एक बार बेचने के बाद धान की शेष मात्रा उसी केंद्र पर बेचनी होगी। धान का समर्थन मूल्य 1940 रुपये प्रति क्विंटल सामान्य प्रजाति का निर्धारित किया गया है। जिलों को 98100.00 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य मिला है। क्रय केंद्र सुबह नौ से शाम पांच बजे तक खुले रहेंगे।

रविवार को डीएम आशुतोष निरंजन ने विकास भवन के गांधी सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में 24 अक्तूबर तक कुल 2495 ऑनलाइन पंजीकरण धान विक्रय के लिए हुआ है। इसका संबंधित तहसील के एसडीएम की ओर से सत्यापन किया जा रहा है। पंजीकरण में आ रही समस्याओं के समाधान के लिए खाद्य विभाग की विपणन शाखा के सभी ब्लॉक गोदामों पर कैंप लगाकर समाधान कराया जा रहा है। यदि कृषक का मोबाइल नंबर से आधार कार्ड लिंक नहीं है तो कैंप में उपस्थित पोस्ट आफिस के कर्मचारियों द्वारा तत्काल कृषक के मोबाइल नंबर से आधार कार्ड लिंक कर दिया जा रहा है। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता, की ओर से रविवार से पंजीकरण कैंप लगाने के लिए आदेश जारी किया गया। धान खरीद प्रारंभ होने के पूर्व तक यह कैंप प्रतिदिन लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि जनपद में कुल 1199 गांठ जूट बोरा धान क्रय के लिए उपलब्ध है, जल्द ही इसकी दूसरी रैक भी मिल जाएगी। इस बार लक्ष्यपूर्ति की समीक्षा में किसानों से क्रय किए जाने के संख्या की भी समीक्षा की जायेगी।

——

पंजीकरण के लिए प्रस्तुत करने होंगे ये अभिलेख

ऑनलाइन पंजीयन के लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, फोटो बैंक की पासबुक, पहचान पत्र, भूमि का रकबा जमीन में अपना हिस्से का रकबा, खाता संख्या, खसरा तथा प्रत्येक भूमि ऑनलाइन खतौनी भी अपलोड होगी। रविवार एवं राजपत्रित अवकाशों को छोड़ कर शेष कार्य दिवसों में क्रय केंद्र खुले रहेंगे। धान विक्रय हेतु पंजीकरण खाद्य विभाग के पोर्टल fcs.up.gov.in पर किया जा सकता है।

यह निर्धारित किया गया है लक्ष्य

खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में शासन द्वारा जनपद का 98100.00 मीट्रिक टन लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसका एजेंसीवार विभाजन कर दिया गया है। जिसमें खाद्य विभाग को 30000मी.टन, पीसीएफ को 35000, यूपीएसएस को 12000, मंडी समिति को 2500, पीसीयू को 16100.00 और खाद्य निगम को 2500 मीट्रिक टन लक्ष्य दिया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *