Dhan Kharid – धान बेचने वाले किसानों को नहीं मिला भुगतान, अगली फसल की बुआई बाधित


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धान बेचने वाले किसानों को नहीं मिला भुगतान, अगली फसल की बुआई बाधित
खरीद के 72 घंटे के भीतर भुगतान का है निर्देश, अब तक 76 किसानों ने बेचा है 169.620 एमटी धान
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले धान बेचने वाले और गन्ना किसानों किसानों की हालत एक समान हो गई है। भुगतान न होने से किसान चिंतित हैं कि वे रबी की फसलों की बुआई कैसे करें। यह हाल तब है जब धान खरीद के 72 घंटे के भीतर भुगतान का शासन की ओर से निर्देश है।
किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के लिए जिले में एक नवंबर से धान की खरीद शुरू हो चुकी है। 13 दिन में सभी क्रय केंद्रों को मिलाकर 169.620 मीट्रिक टन की धान खरीद हुई है। 76 किसानों ने अपना धान क्रय केंद्रों पर बेचा है लेकिन अबतक किसी को भुगतान के नाम एक भी रुपया नहीं मिला है। किसान रबी की बुवाई को लेकर चिंतित हैं। वह समझ नहीं पा रहे कि कहां से खाद-बीज खरीदें और कैसे खेत की जुताई कराएं।
44 क्रय केंद्रों पर शुरू ही नहीं हुई धान की खरीद
जिले में किसानों से धान खरीद के लिए छह समितियों के कुल 105 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इसमें महज 61 क्रय केंद्रों पर ही अबतक धान की खरीद हो पाई है। 44 क्रय केंद्र ऐसे हैं छटाक भर धान नहीं खरीदा जा सका है। शासन ने इस बार जिले में 9811 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इस समिति पर इतना बकाया
समिति – बकाया (लाख में)
खाद्य विभाग – 11.90
पीसीएफ – 6.85
यूपीएसएस – 8.28
पीसीयू – 5.30
मंडी समिति – 0.58
कुल – 32.91
किसानों ने बताई परेशानी
रामपुर खास के गणेश राव बोले, मैंने विपणन शाखा के क्रय केंद्र पर दस दिन पूर्व 45 क्विंटल धान बेचा। मगर अभी तक उसका भुगतान मेरे खाते में नहीं आया है। भुगतान फंसने के कारण गेहूं बुआई के लिए खाद और बीज नहीं खरीद पा रहा हूं। नरहरी पट्टी के विशाल गिरी बोले, मैंने विपणन शाखा के क्रय केंद्र पर 7.60 क्विंटल धान बेचा है। उसका भुगतान नहीं हो पाया है। रुपये के अभाव में खेत की जुताई नहीं हो पा रही है। गेहूं का बीज और खाद भी खरीदना है।
यह है धान बेचने की प्रक्रिया
धान विक्रय से पूर्व कृषक को खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होता है। फिर किसान क्रय केंद्र पर अपना धान बेचने के लिए ले जाते हैं। क्रय केंद्र पर ई-पॉप मशीन के माध्यम से खरीदारी हो रही है। किसानों का अंगूठा लगता है। यह प्रक्रिया पूरी होने के 72 घंटो के भीतर पीएफएमएस के माध्यम से किसानों के बैंक खाते में भुगतान होता है।
मशीन ठीक से नहीं कर रही काम, भुगतान में हो रही समस्या
धान में नमी के कारण खरीद सुस्त थी। दो-तीन दिन से तेजी आई है। ई-पॉप मशीन के ठीक से काम नहीं करने के कारण भुगतान में समस्या आ रही थी। कुछ किसानों का आधार लिंक नहीं होने के कारण भुगतान में दिक्कत आई है। ई-पॉप मशीन अपडेट हो रहे हैं। जल्द ही किसानों के खाते में भुगतान चला जाएगा।
– रामबालक राम, प्रभारी जिला खाद्य विपणन अधिकारी।

धान बेचने वाले किसानों को नहीं मिला भुगतान, अगली फसल की बुआई बाधित

खरीद के 72 घंटे के भीतर भुगतान का है निर्देश, अब तक 76 किसानों ने बेचा है 169.620 एमटी धान

संवाद न्यूज एजेंसी

देवरिया। जिले धान बेचने वाले और गन्ना किसानों किसानों की हालत एक समान हो गई है। भुगतान न होने से किसान चिंतित हैं कि वे रबी की फसलों की बुआई कैसे करें। यह हाल तब है जब धान खरीद के 72 घंटे के भीतर भुगतान का शासन की ओर से निर्देश है।

किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के लिए जिले में एक नवंबर से धान की खरीद शुरू हो चुकी है। 13 दिन में सभी क्रय केंद्रों को मिलाकर 169.620 मीट्रिक टन की धान खरीद हुई है। 76 किसानों ने अपना धान क्रय केंद्रों पर बेचा है लेकिन अबतक किसी को भुगतान के नाम एक भी रुपया नहीं मिला है। किसान रबी की बुवाई को लेकर चिंतित हैं। वह समझ नहीं पा रहे कि कहां से खाद-बीज खरीदें और कैसे खेत की जुताई कराएं।

44 क्रय केंद्रों पर शुरू ही नहीं हुई धान की खरीद

जिले में किसानों से धान खरीद के लिए छह समितियों के कुल 105 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इसमें महज 61 क्रय केंद्रों पर ही अबतक धान की खरीद हो पाई है। 44 क्रय केंद्र ऐसे हैं छटाक भर धान नहीं खरीदा जा सका है। शासन ने इस बार जिले में 9811 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है।

इस समिति पर इतना बकाया

समिति – बकाया (लाख में)

खाद्य विभाग – 11.90

पीसीएफ – 6.85

यूपीएसएस – 8.28

पीसीयू – 5.30

मंडी समिति – 0.58

कुल – 32.91

किसानों ने बताई परेशानी

रामपुर खास के गणेश राव बोले, मैंने विपणन शाखा के क्रय केंद्र पर दस दिन पूर्व 45 क्विंटल धान बेचा। मगर अभी तक उसका भुगतान मेरे खाते में नहीं आया है। भुगतान फंसने के कारण गेहूं बुआई के लिए खाद और बीज नहीं खरीद पा रहा हूं। नरहरी पट्टी के विशाल गिरी बोले, मैंने विपणन शाखा के क्रय केंद्र पर 7.60 क्विंटल धान बेचा है। उसका भुगतान नहीं हो पाया है। रुपये के अभाव में खेत की जुताई नहीं हो पा रही है। गेहूं का बीज और खाद भी खरीदना है।

यह है धान बेचने की प्रक्रिया

धान विक्रय से पूर्व कृषक को खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होता है। फिर किसान क्रय केंद्र पर अपना धान बेचने के लिए ले जाते हैं। क्रय केंद्र पर ई-पॉप मशीन के माध्यम से खरीदारी हो रही है। किसानों का अंगूठा लगता है। यह प्रक्रिया पूरी होने के 72 घंटो के भीतर पीएफएमएस के माध्यम से किसानों के बैंक खाते में भुगतान होता है।

मशीन ठीक से नहीं कर रही काम, भुगतान में हो रही समस्या

धान में नमी के कारण खरीद सुस्त थी। दो-तीन दिन से तेजी आई है। ई-पॉप मशीन के ठीक से काम नहीं करने के कारण भुगतान में समस्या आ रही थी। कुछ किसानों का आधार लिंक नहीं होने के कारण भुगतान में दिक्कत आई है। ई-पॉप मशीन अपडेट हो रहे हैं। जल्द ही किसानों के खाते में भुगतान चला जाएगा।

– रामबालक राम, प्रभारी जिला खाद्य विपणन अधिकारी।

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