Driving Lisence – स्थायी डीएल चाहिए तो अगले साल का करें इंतजार


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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस(डीएल) की चाह रखने वाले आवेदकों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। लर्निंग डीएल बनवाने के बाद स्थायी डीएल के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले आवेदकों को अगले साल जनवरी व फरवरी माह की तिथि बायोमेट्रिक टेस्ट के लिए मिल रही है। खास बात यह है कि सिफारिश भी काम नहीं आ रही है। वहीं समस्या को जानते हुए भी अधिकारी निर्धारित स्लॉट को बढ़ाने की पहल नहीं कर रहे हैं।
एआरटीओ कार्यालय में स्थायी व रिन्यूअल डीएल के लिए आने वाले आवेदकों को हो रही कठिनाइयों को सुनने वाला फिलहाल कोई नहीं है। वर्तमान में प्रतिदिन लर्निंग डीएल के लिए 225, रिन्यूअल के लिए 45 और स्थायी डीएल के लिए केवल 36 आवेदन ही स्वीकार किए जा रहे हैं। लर्निंग डीएल के आवेदकों को ऑनलाइन परीक्षा के लिए तो उसी दिन या एक या दो दिन बाद की तिथि मिल जा रही है। वहीं स्थाई डीएल के लिए तीन से चार माह बाद की तिथि दी जा रही है। विदेश जाने के कई इच्छुक लोग डीएल के लिए घर पर ही रहकर इंतजार करने को मजबूर हैं। घांटी के मुकेश श्रीवास्तव ने बताया कि विदेश जाना है, लेकिन स्थाई डीएल के फरवरी माह तक इंतजार करना है।
सख्ती बढ़ने से बढ़ी है लाइसेंस के आवेदकों की संख्या
यातायात नियमों में सख्ती के चलते डीएल के आवेदकों की संख्या एकाएक बढ़ गई है। कोरोना संक्रमण के चलते भी कामकाज प्रभावित रहने से लोग पहले ही परेशानी झेल चुके हैं। अब प्रतिदिन 300 से अधिक आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं, जबकि आवेदन करने वालों की संख्या हजारों में है।
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जिले में डेढ़ लाख से अधिक हैं लाइसेंस धारक
जनपद में वर्तमान में दोपहिया व चारपहिया वाहनों की संख्या करीब पांच लाख को छूने को है। इसके बावजूद लाइसेंस धारकों की संख्या केवल डेढ़ से पौने दो लाख के करीब है। एक दशक पूर्व में गोरखपुर और कुशीनगर से भी कई लोगों ने डीएल बनवा लिए थे।
जनपद में एक ही आरआई होने से एक दिन में केवल 36 स्थायी डीएल के ही आवेदन स्वीकार किए जाते हैं। स्लॉट निर्धारित होने से यह दिक्कतें हो रही हैं। स्थाई डीएल और रिन्यूअल के आवेदकों को हो रही कठिनाई से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।
– राजीव चतुर्वेदी, एआरटीओ प्रशासन

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देवरिया। स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस(डीएल) की चाह रखने वाले आवेदकों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। लर्निंग डीएल बनवाने के बाद स्थायी डीएल के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले आवेदकों को अगले साल जनवरी व फरवरी माह की तिथि बायोमेट्रिक टेस्ट के लिए मिल रही है। खास बात यह है कि सिफारिश भी काम नहीं आ रही है। वहीं समस्या को जानते हुए भी अधिकारी निर्धारित स्लॉट को बढ़ाने की पहल नहीं कर रहे हैं।

एआरटीओ कार्यालय में स्थायी व रिन्यूअल डीएल के लिए आने वाले आवेदकों को हो रही कठिनाइयों को सुनने वाला फिलहाल कोई नहीं है। वर्तमान में प्रतिदिन लर्निंग डीएल के लिए 225, रिन्यूअल के लिए 45 और स्थायी डीएल के लिए केवल 36 आवेदन ही स्वीकार किए जा रहे हैं। लर्निंग डीएल के आवेदकों को ऑनलाइन परीक्षा के लिए तो उसी दिन या एक या दो दिन बाद की तिथि मिल जा रही है। वहीं स्थाई डीएल के लिए तीन से चार माह बाद की तिथि दी जा रही है। विदेश जाने के कई इच्छुक लोग डीएल के लिए घर पर ही रहकर इंतजार करने को मजबूर हैं। घांटी के मुकेश श्रीवास्तव ने बताया कि विदेश जाना है, लेकिन स्थाई डीएल के फरवरी माह तक इंतजार करना है।

सख्ती बढ़ने से बढ़ी है लाइसेंस के आवेदकों की संख्या

यातायात नियमों में सख्ती के चलते डीएल के आवेदकों की संख्या एकाएक बढ़ गई है। कोरोना संक्रमण के चलते भी कामकाज प्रभावित रहने से लोग पहले ही परेशानी झेल चुके हैं। अब प्रतिदिन 300 से अधिक आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं, जबकि आवेदन करने वालों की संख्या हजारों में है।

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जिले में डेढ़ लाख से अधिक हैं लाइसेंस धारक

जनपद में वर्तमान में दोपहिया व चारपहिया वाहनों की संख्या करीब पांच लाख को छूने को है। इसके बावजूद लाइसेंस धारकों की संख्या केवल डेढ़ से पौने दो लाख के करीब है। एक दशक पूर्व में गोरखपुर और कुशीनगर से भी कई लोगों ने डीएल बनवा लिए थे।

जनपद में एक ही आरआई होने से एक दिन में केवल 36 स्थायी डीएल के ही आवेदन स्वीकार किए जाते हैं। स्लॉट निर्धारित होने से यह दिक्कतें हो रही हैं। स्थाई डीएल और रिन्यूअल के आवेदकों को हो रही कठिनाई से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।

– राजीव चतुर्वेदी, एआरटीओ प्रशासन

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