Flud – बाढ़ की चपेट में बरहज के चार वार्ड और पांच ग्राम पंचायतें


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बाढ़ की चपेट में बरहज के चार वार्ड और पांच ग्राम पंचायतें
खतरे के निशान से 1.30 मीटर ऊपर बह रही सरयू, परसियां देवार और भदिला प्रथम में लगाई गईं चार-चार नावें
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। पिछले चार दिनों से सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इससे बरहज के चार वार्ड और पांच ग्राम पंचायतें बाढ़ की चपेट में आ गईं हैं। नदी खतरे के निशान से 1.30 मीटर ऊपर बह रही है। वहीं प्रशासन ने नदी पार के परसियां-विशुनपुर देवार और भदिला प्रथम के लोगों के आवागमन के लिए चार-चार नावें लगाईं हैं।
सरयू नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। नदी खतरे के निशान 66.50 से 1.30 मीटर ऊपर 67.80 पर बह रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने से नगर के जहाज घाट, रगरगंज, पटेलनगर, आजाद नगर दक्षिणी वार्ड के साथ ही कटइलवा, नौकाटोला, कुवाइच टोला, भदिला प्रथम, परसियां-विशुनपुर देवार के 10 टोलों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। जिससे लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। जवाहिर, मुखलाल, चंदन, संजय कुमार, मंजनाथ आदि का कहना है कि बाढ़ का मंजर अभी समाप्त नहीं हुआ था। दोबारा नदी के उफान पर आने से काफी नुकसान हो रहा है। मवेशियों के लिए चारा का संकट गहरा गया है। इससे रबी की फसल भी प्रभावित होगी। इस संबंध में एई अशोक द्विवेदी ने बताया कि उत्तराखंड और नेपाल से सात लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिससे स्थिति उत्पन्न हुई है। दो-तीन दिनों में हालात के सामान्य होने की उम्मीद है। आपदा से निपटने के लिए तैयारियां पूर्ण हैं।
भदिला प्रथम गांव टापू बना
बरहज। पिछले चार दिनों से सरयू के जलस्तर में बेतहाशा हुई वृद्धि से नदी का पानी खेतों के रास्ते गांवों तक पहुंच गया है। चारो ओर पानी ही पानी हो गया है। सरयू में आई बाढ़ से राप्ती भी उफान पर है। रामजानकी मार्ग और कपरवार के बिनवापुरी गांव के निकट सड़क तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। भदिला प्रथम गांव टापू बना हुआ है। प्रशासन ने नदी पार के परसियां-विशुनपुर देवार और भदिला प्रथम के लोगों के आवागमन के लिए चार-चार नावें लगाया है।
छित्तुपुर रेग्युलेटर में रिसाव से जलमग्न हो रही फसल
भागलपुर। सरयू नदी का जलस्तर 24घंटे के अंदर पल पल बदलता रहा। नदी शनिवार शाम को स्थिर हो गई, जिससे तटवर्ती इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली। रविवार सुबह नदी ने दोबारा रफ्तार पकड़ ली। केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के कर्मचारियों के अनुसार, नदी रविवार शाम 65 मीटर 21 सेमी पर पहुंच गई है। ये रेग्युलेटर पर अंकित खतरे के निशान से 91 सेमी ऊपर है। पिछले चौबीस घंटे में नदी में 21 सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वहीं मईल भागलपुर बंधे पर स्थित छित्तुपुर रेग्युलेटर में हो रहे रिसाव से जमुआर नाला उफान पर है। जिससे पिपरा बांध,गोंडौली, पिपरा पाठक, नरियांव, देवासिया, छित्तूपुर गांवों के किसानों की फसल डूब रही हैं। विभाग ने रेग्युलेटर को बंद नहीं कराया तो जमुआर नाले के पानी से तटवर्ती गांवों के बांगर की जमीन भी जलमग्न हो जाएगी। जिससे रबी की फसल की बुआई पर संकट पैदा हो जायेगा। बाढ़ खंड के जेई एमपी सिंह ने बताया कि रेग्युलेटर में झाड़ झंखाड़ फंस जाने से पानी का रिसाव हो रहा है। जल्द ही रिसाव बंद करा दिया जाएगा।

बाढ़ की चपेट में बरहज के चार वार्ड और पांच ग्राम पंचायतें

खतरे के निशान से 1.30 मीटर ऊपर बह रही सरयू, परसियां देवार और भदिला प्रथम में लगाई गईं चार-चार नावें

संवाद न्यूज एजेंसी

बरहज। पिछले चार दिनों से सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इससे बरहज के चार वार्ड और पांच ग्राम पंचायतें बाढ़ की चपेट में आ गईं हैं। नदी खतरे के निशान से 1.30 मीटर ऊपर बह रही है। वहीं प्रशासन ने नदी पार के परसियां-विशुनपुर देवार और भदिला प्रथम के लोगों के आवागमन के लिए चार-चार नावें लगाईं हैं।

सरयू नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। नदी खतरे के निशान 66.50 से 1.30 मीटर ऊपर 67.80 पर बह रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने से नगर के जहाज घाट, रगरगंज, पटेलनगर, आजाद नगर दक्षिणी वार्ड के साथ ही कटइलवा, नौकाटोला, कुवाइच टोला, भदिला प्रथम, परसियां-विशुनपुर देवार के 10 टोलों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। जिससे लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। जवाहिर, मुखलाल, चंदन, संजय कुमार, मंजनाथ आदि का कहना है कि बाढ़ का मंजर अभी समाप्त नहीं हुआ था। दोबारा नदी के उफान पर आने से काफी नुकसान हो रहा है। मवेशियों के लिए चारा का संकट गहरा गया है। इससे रबी की फसल भी प्रभावित होगी। इस संबंध में एई अशोक द्विवेदी ने बताया कि उत्तराखंड और नेपाल से सात लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिससे स्थिति उत्पन्न हुई है। दो-तीन दिनों में हालात के सामान्य होने की उम्मीद है। आपदा से निपटने के लिए तैयारियां पूर्ण हैं।

भदिला प्रथम गांव टापू बना

बरहज। पिछले चार दिनों से सरयू के जलस्तर में बेतहाशा हुई वृद्धि से नदी का पानी खेतों के रास्ते गांवों तक पहुंच गया है। चारो ओर पानी ही पानी हो गया है। सरयू में आई बाढ़ से राप्ती भी उफान पर है। रामजानकी मार्ग और कपरवार के बिनवापुरी गांव के निकट सड़क तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। भदिला प्रथम गांव टापू बना हुआ है। प्रशासन ने नदी पार के परसियां-विशुनपुर देवार और भदिला प्रथम के लोगों के आवागमन के लिए चार-चार नावें लगाया है।

छित्तुपुर रेग्युलेटर में रिसाव से जलमग्न हो रही फसल

भागलपुर। सरयू नदी का जलस्तर 24घंटे के अंदर पल पल बदलता रहा। नदी शनिवार शाम को स्थिर हो गई, जिससे तटवर्ती इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली। रविवार सुबह नदी ने दोबारा रफ्तार पकड़ ली। केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के कर्मचारियों के अनुसार, नदी रविवार शाम 65 मीटर 21 सेमी पर पहुंच गई है। ये रेग्युलेटर पर अंकित खतरे के निशान से 91 सेमी ऊपर है। पिछले चौबीस घंटे में नदी में 21 सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

वहीं मईल भागलपुर बंधे पर स्थित छित्तुपुर रेग्युलेटर में हो रहे रिसाव से जमुआर नाला उफान पर है। जिससे पिपरा बांध,गोंडौली, पिपरा पाठक, नरियांव, देवासिया, छित्तूपुर गांवों के किसानों की फसल डूब रही हैं। विभाग ने रेग्युलेटर को बंद नहीं कराया तो जमुआर नाले के पानी से तटवर्ती गांवों के बांगर की जमीन भी जलमग्न हो जाएगी। जिससे रबी की फसल की बुआई पर संकट पैदा हो जायेगा। बाढ़ खंड के जेई एमपी सिंह ने बताया कि रेग्युलेटर में झाड़ झंखाड़ फंस जाने से पानी का रिसाव हो रहा है। जल्द ही रिसाव बंद करा दिया जाएगा।

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