Government Workers Protested – शिक्षकों-कर्मचारियों ने भरी कलेक्ट्रेट में हुंकार


कर्मचारी शिक्षक अधिकारी एवं पेंशनर्स अधिकार मंच की ओर से पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कलेक?

कर्मचारी शिक्षक अधिकारी एवं पेंशनर्स अधिकार मंच की ओर से पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कलेक?
– फोटो : DEORIA

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शिक्षकों-कर्मचारियों ने भरी कलेक्ट्रेट में हुंकार
मांगों के समर्थन में की नारेेबाजी, विभिन्न विभागों के कर्मचारी, महाविद्यालयों के शिक्षक भी रहे शामिल
मांगें नहीं मानने पर 30 नवंबर को लखनऊ में आंदोलन को दी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। पुरानी पेंशन बहाली सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पेंशनर्स मंच के तत्वावधान में धरना-प्रदर्शन आयोजित हुआ। जनपद के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों, अधिकारियों एवं बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा से जुड़े हजारों शिक्षकों ने इसमें भाग लिया। कलेक्ट्रेट में चार घंटे तक चले धरने में संगठन के पदाधिकारी प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए पर खूब गरजे। अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित मांगों का ज्ञापन एसडीएम सदर सौरभ सिंह को सौंपा।
संगठन के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि सरकार शिक्षकों व कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों को अनसुना कर रही है। साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल में केवल दगाबाजी व धोखा देने का कार्य किया गया। सांसदों, विधायकों को वेतन और पेंशन दोनों दिया जा रहा है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह भेदभाव लोकतंत्र के लिए खतरा है। जिला संयोजक अशोक कुमार पांडेय ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली, कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था, सभी पदों पर नियुक्ति, पदोन्नति, संविदा कर्मचारियों को स्थायी करने, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानजनक मानदेय की मांग जब तक पूरी नहीं होती, हमारा संघर्ष जारी रहेगा। जिला सह संयोजक अवधेश सिंह ने कहा कि यह आंदोलन सरकार के पुन:सत्ता की चाह रखने को आईना दिखाएगा। शिक्षकों-कर्मचारियों के संघर्ष का अनुशासन अब जवाब दे रहा है। महासचिव सुमंत यादव ने कहा कि मांगें नहीं मानने पर 30 नवंबर को अपने हक के लिए संगठन के पदाधिकारी लखनऊ के लिए कूच करेंगे। महाविद्यालय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. विनय कुमार रावत ने कहा कि जिले के शिक्षक व कर्मचारी अगले चुनाव में अपने मुद्दे पर सरकार को सहयोग देने का कार्य करेंगे, ऐसा नहीं करने वाली सरकार को उखाड़ फेंका जाएगा। मंत्री डॉ. वाचस्पति द्विवेदी ने कहा कि मांगें नहीं मानने पर विधानसभा चुनाव में सबक सिखाया जाएगा। धरने में महेंद्र जायसवाल, दिनेश कुमार त्रिपाठी, रामनिवास यादव, दीपक सिंह, महाविद्यालयी शिक्षक संघ के संयुक्त मंत्री डॉ. विवेक मिश्र, गुआक्टा प्रतिनिधि डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. अजय मिश्र, डॉ. बृजेश पांडेय, डॉ. शैलेंद्र राव, डॉ. देंवेंद्र मिश्र, डॉ. अशोक सिंह, डॉ. भूपेश मणि, डॉ. अमरेश तिवारी, डॉ. सुरेंद्र शर्मा, डॉ. रामप्रीत मणि, डॉ. अमरेंद्र, डॉ. सुभाष चंद्र, डॉ. केके ओझा, डॉ. मनीष, डॉ. संतोष यादव, डॉ. दिनेश शर्मा, डॉ. अरुण कुमार, श्रीराम तिवारी, मनोज पांडेय, सूर्यप्रकाश, फेकूलाल, आशुतोष शाह, रमेश प्रताप यादव, गायत्री तिवारी, नीरजा सिंह, सरिता जायसवाल, जयमती, शिखा जायसवाल, सुजाता तिवारी, अमृता मिश्रा, दुर्गा जायसवाल, रविंद्र पांडेय, शशांक मिश्रा, शिवचंद, विनीता तिवारी, अरुण दूबे, संदीप पटवा, अमितेश बरनवाल आदि शामिल रहे।

शिक्षकों-कर्मचारियों ने भरी कलेक्ट्रेट में हुंकार

मांगों के समर्थन में की नारेेबाजी, विभिन्न विभागों के कर्मचारी, महाविद्यालयों के शिक्षक भी रहे शामिल

मांगें नहीं मानने पर 30 नवंबर को लखनऊ में आंदोलन को दी चेतावनी

संवाद न्यूज एजेंसी

देवरिया। पुरानी पेंशन बहाली सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पेंशनर्स मंच के तत्वावधान में धरना-प्रदर्शन आयोजित हुआ। जनपद के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों, अधिकारियों एवं बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा से जुड़े हजारों शिक्षकों ने इसमें भाग लिया। कलेक्ट्रेट में चार घंटे तक चले धरने में संगठन के पदाधिकारी प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए पर खूब गरजे। अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित मांगों का ज्ञापन एसडीएम सदर सौरभ सिंह को सौंपा।

संगठन के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि सरकार शिक्षकों व कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों को अनसुना कर रही है। साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल में केवल दगाबाजी व धोखा देने का कार्य किया गया। सांसदों, विधायकों को वेतन और पेंशन दोनों दिया जा रहा है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह भेदभाव लोकतंत्र के लिए खतरा है। जिला संयोजक अशोक कुमार पांडेय ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली, कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था, सभी पदों पर नियुक्ति, पदोन्नति, संविदा कर्मचारियों को स्थायी करने, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानजनक मानदेय की मांग जब तक पूरी नहीं होती, हमारा संघर्ष जारी रहेगा। जिला सह संयोजक अवधेश सिंह ने कहा कि यह आंदोलन सरकार के पुन:सत्ता की चाह रखने को आईना दिखाएगा। शिक्षकों-कर्मचारियों के संघर्ष का अनुशासन अब जवाब दे रहा है। महासचिव सुमंत यादव ने कहा कि मांगें नहीं मानने पर 30 नवंबर को अपने हक के लिए संगठन के पदाधिकारी लखनऊ के लिए कूच करेंगे। महाविद्यालय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. विनय कुमार रावत ने कहा कि जिले के शिक्षक व कर्मचारी अगले चुनाव में अपने मुद्दे पर सरकार को सहयोग देने का कार्य करेंगे, ऐसा नहीं करने वाली सरकार को उखाड़ फेंका जाएगा। मंत्री डॉ. वाचस्पति द्विवेदी ने कहा कि मांगें नहीं मानने पर विधानसभा चुनाव में सबक सिखाया जाएगा। धरने में महेंद्र जायसवाल, दिनेश कुमार त्रिपाठी, रामनिवास यादव, दीपक सिंह, महाविद्यालयी शिक्षक संघ के संयुक्त मंत्री डॉ. विवेक मिश्र, गुआक्टा प्रतिनिधि डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. अजय मिश्र, डॉ. बृजेश पांडेय, डॉ. शैलेंद्र राव, डॉ. देंवेंद्र मिश्र, डॉ. अशोक सिंह, डॉ. भूपेश मणि, डॉ. अमरेश तिवारी, डॉ. सुरेंद्र शर्मा, डॉ. रामप्रीत मणि, डॉ. अमरेंद्र, डॉ. सुभाष चंद्र, डॉ. केके ओझा, डॉ. मनीष, डॉ. संतोष यादव, डॉ. दिनेश शर्मा, डॉ. अरुण कुमार, श्रीराम तिवारी, मनोज पांडेय, सूर्यप्रकाश, फेकूलाल, आशुतोष शाह, रमेश प्रताप यादव, गायत्री तिवारी, नीरजा सिंह, सरिता जायसवाल, जयमती, शिखा जायसवाल, सुजाता तिवारी, अमृता मिश्रा, दुर्गा जायसवाल, रविंद्र पांडेय, शशांक मिश्रा, शिवचंद, विनीता तिवारी, अरुण दूबे, संदीप पटवा, अमितेश बरनवाल आदि शामिल रहे।

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