Health Depatment Preaparing For Third Wave – संभावित तीसरी लहर तैयारी में जुटा महकमा


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संभावित तीसरी लहर तैयारी में जुटा महकमा
कोरोना का एक केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। संभावित तीसरी लहर से निपटने की तैैयारी में स्वास्थ्य महकमा जुट गया है। मॉक ड्रिल के माध्यम से तैयारियों को परखा जा रहा है। त्योहार बीतते ही संक्रमण बढ़ने की आशंका को देखते और एक पॉजिटिव केस मिलने पर विभाग सतर्क हो गया है। जांच के साथ ही वैक्सीनेशन का कार्य तेज कर दिया गया है।
कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर को लेकर आशंका व्यक्त की जा रही है। इसमें बच्चों के सर्वाधिक प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। कोविड को लेकर लोग बेपरवाह हो गए हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अपनी तैयारी में जुटा है। जिला अस्पताल स्थित 250 बेड के कोविड अस्पताल के अलावा चार सामुदायिक केंद्रों पर पीकू वार्ड बनाया गया है। इन केंद्रों पर मॉक ड्रिल कर जहां तैयारियों को परखा गया, वहीं संसाधनों की टेस्टिंग की गई। पिछली बार महामारी के दौरान ऑक्सीजन की कमी से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बड़ी समस्या का तकरीबन समाधान हो गया है। हालांकि, प्लांट को चलाने के लिए ऑपरेटर की कमी है। इसके अलावा अन्य संसाधन व दवाएं उपलब्ध हैं।
यहां बने हैं पीकू वार्ड
देवरिया। एमसीएच विंग में बने कोविड अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 57 बेड का पीकू वार्ड बनाया गया है। इसमें 20 बेड का आईसीयू तथा 37 बेड ऑक्सीजनयुक्त हैं। इसके अलावा सीएचसी लार में बीस बेड तथा रुद्रपुर, गौरीबाजार व पिपरादौला कदम में 12-12 बेड का पीकू वार्ड बनाया गया है। यहां इस्तेमाल होने वाले उपकरण व दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
विभाग के पास मौजूद संसाधन
देवरिया। स्वास्थ्य विभाग के पास 62 वेंटीलेटर, 651 ऑक्सीजन कांसंट्रेटर, जिसमें दस लीटर प्रति मिनट का 95 व पांच लीटर प्रति मिनट का 556 शामिल है। सभी सोलह सीएचसी व दस पीएचसी पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा 32 वाईपैप मशीन तथा 121 डी टाइप ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध है।
आक्सीजन के सात प्लांट स्थापित
देवरिया। ऑक्सीजन के सात प्लांट स्थापित किए गए हैं। इसमें सीएचसी रुद्रपुर में 250 लीटर प्रति मिनट, आईपीएल शुगर मिल के सहयोग से पिपरा दौला कदम में पांच सौ लीटर प्रति मिनट तथा जिला अस्पताल के एमसीएच विंग परिसर में पीएम केयर फंड के सहयोग से एक हजार लीटर प्रति मिनट क्षमता का प्लांट क्रियाशील है। इस प्लांट से सिलिंडर भी भरा जा सकता है। यहीं पीपुल डेमोक्रेसिव फाउंडेशन से एक लीटर प्रति मिनट का प्लांट स्थापित हो रहा है, जो जल्द क्रियाशील हो जाएगा।
90 कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण
देवरिया। पीकू वार्ड में ड्यूटी के लिए चिकित्सक सहित 90 स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। डॉ. मुकेश कुुमार, डॉ. अमित, नर्स मेंटर ज्योति तिवारी व जिला अस्पताल की स्टाफ नर्स रीमा यादव ने मास्टर ट्रेनर के रूप में लखनऊ में कोविड पीकू की व्यवस्था के लिए प्रशिक्षण प्राप्त किया। इन्होंने तीन बैच में चिकित्सक, स्टाफ नर्स, सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ आफिसर) प्रशिक्षण दिया। इसके अलावा शासन द्वारा जूम के माध्यम से भी चिकित्सकों व पैैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया है।
कोट
संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारी की गई है। संसाधन से लैस चार सीएचसी में पीकू वार्ड के अलावा एमसीएच विंग में वार्ड बनाया गया है। वेंटीलेटर व ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध हैं। हर जगह संसाधन व दवा पर्याप्त मात्रा में हैं। सात ऑक्सीजन प्लांट में छह क्रियाशील है। ऑपरेटर सहित कुछ और डिमांड की गई है।
-डॉ. बीपी सिंह, एसीएमओ

संभावित तीसरी लहर तैयारी में जुटा महकमा

कोरोना का एक केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क

संवाद न्यूज एजेंसी

देवरिया। संभावित तीसरी लहर से निपटने की तैैयारी में स्वास्थ्य महकमा जुट गया है। मॉक ड्रिल के माध्यम से तैयारियों को परखा जा रहा है। त्योहार बीतते ही संक्रमण बढ़ने की आशंका को देखते और एक पॉजिटिव केस मिलने पर विभाग सतर्क हो गया है। जांच के साथ ही वैक्सीनेशन का कार्य तेज कर दिया गया है।

कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर को लेकर आशंका व्यक्त की जा रही है। इसमें बच्चों के सर्वाधिक प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। कोविड को लेकर लोग बेपरवाह हो गए हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अपनी तैयारी में जुटा है। जिला अस्पताल स्थित 250 बेड के कोविड अस्पताल के अलावा चार सामुदायिक केंद्रों पर पीकू वार्ड बनाया गया है। इन केंद्रों पर मॉक ड्रिल कर जहां तैयारियों को परखा गया, वहीं संसाधनों की टेस्टिंग की गई। पिछली बार महामारी के दौरान ऑक्सीजन की कमी से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बड़ी समस्या का तकरीबन समाधान हो गया है। हालांकि, प्लांट को चलाने के लिए ऑपरेटर की कमी है। इसके अलावा अन्य संसाधन व दवाएं उपलब्ध हैं।

यहां बने हैं पीकू वार्ड

देवरिया। एमसीएच विंग में बने कोविड अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 57 बेड का पीकू वार्ड बनाया गया है। इसमें 20 बेड का आईसीयू तथा 37 बेड ऑक्सीजनयुक्त हैं। इसके अलावा सीएचसी लार में बीस बेड तथा रुद्रपुर, गौरीबाजार व पिपरादौला कदम में 12-12 बेड का पीकू वार्ड बनाया गया है। यहां इस्तेमाल होने वाले उपकरण व दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

विभाग के पास मौजूद संसाधन

देवरिया। स्वास्थ्य विभाग के पास 62 वेंटीलेटर, 651 ऑक्सीजन कांसंट्रेटर, जिसमें दस लीटर प्रति मिनट का 95 व पांच लीटर प्रति मिनट का 556 शामिल है। सभी सोलह सीएचसी व दस पीएचसी पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा 32 वाईपैप मशीन तथा 121 डी टाइप ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध है।

आक्सीजन के सात प्लांट स्थापित

देवरिया। ऑक्सीजन के सात प्लांट स्थापित किए गए हैं। इसमें सीएचसी रुद्रपुर में 250 लीटर प्रति मिनट, आईपीएल शुगर मिल के सहयोग से पिपरा दौला कदम में पांच सौ लीटर प्रति मिनट तथा जिला अस्पताल के एमसीएच विंग परिसर में पीएम केयर फंड के सहयोग से एक हजार लीटर प्रति मिनट क्षमता का प्लांट क्रियाशील है। इस प्लांट से सिलिंडर भी भरा जा सकता है। यहीं पीपुल डेमोक्रेसिव फाउंडेशन से एक लीटर प्रति मिनट का प्लांट स्थापित हो रहा है, जो जल्द क्रियाशील हो जाएगा।

90 कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण

देवरिया। पीकू वार्ड में ड्यूटी के लिए चिकित्सक सहित 90 स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। डॉ. मुकेश कुुमार, डॉ. अमित, नर्स मेंटर ज्योति तिवारी व जिला अस्पताल की स्टाफ नर्स रीमा यादव ने मास्टर ट्रेनर के रूप में लखनऊ में कोविड पीकू की व्यवस्था के लिए प्रशिक्षण प्राप्त किया। इन्होंने तीन बैच में चिकित्सक, स्टाफ नर्स, सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ आफिसर) प्रशिक्षण दिया। इसके अलावा शासन द्वारा जूम के माध्यम से भी चिकित्सकों व पैैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया है।

कोट

संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारी की गई है। संसाधन से लैस चार सीएचसी में पीकू वार्ड के अलावा एमसीएच विंग में वार्ड बनाया गया है। वेंटीलेटर व ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध हैं। हर जगह संसाधन व दवा पर्याप्त मात्रा में हैं। सात ऑक्सीजन प्लांट में छह क्रियाशील है। ऑपरेटर सहित कुछ और डिमांड की गई है।

-डॉ. बीपी सिंह, एसीएमओ

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