If Police Active Than Teenager Would Have Been Alive In Gorakhpur – देवरिया: पुलिस सक्रिय रहती तो जीवित होती किशोरी, कई दिनों से युवक कर रहा था ब्लैकमेल


अमर उजाला ब्यूरो, देवरिया।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 25 Oct 2021 01:09 PM IST

सार

खुखुंदू थाना क्षेत्र के एक गांव में किशोरी के खुदकुशी का मामला सामने आया है। दो दिन पूर्व आरोपी युवक द्वारा बवाल किए जाने के बाद 112 नंबर पर सूचना देने पर पुलिस टीम पहुंची।

प्रतीकात्मक तस्वीर
– फोटो : अमर उजाला

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देवरिया जिले के खुखुंदू क्षेत्र में एक किशोरी (छात्रा) को उसके सहपाठी द्वारा ब्लैकमेल करने के मामले में जब पिता बुलाए गए स्थान पर पहुंचे तो युवक ने दो दिन पूर्व बवाल किया था। 112 नंबर पर सूचना पर पुलिस भी पहुंची। धीरे-धीरे लोग जान गए कि अमुक युवक छात्रा को ब्लैक मेल कर रहा था। यह चर्चा आसपास होने लगी। इसे किशोरी इसे बर्दाश्त नहीं कर पाई और जान दे दी। हालांकि पुलिस इस मामले में चुप्पी साध बैठ गई। परिवार वालों का कहना है कि काश पुलिस इस मामले को गंभीरता से लिया होता और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई होती तो शायद किशोरी ऐसा कदम नहीं उठाती।

पुलिस की मामूली चूक से हंसते खेलते परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। यह हाल तब है जब किशोरियों व महिलाओं की सुरक्षा के लिए हर थाने पर महिला कांस्टेबलों की तैनाती की गई है। एंटी रोमियो दस्ता भी बना है। 22 अक्तूबर को मामला जगजाहिर होने पर किशोरी सदमे में आ गई और उसने लोकलाज के भय से दुनिया से नाता तोड़ लिया।

उधर आरोपी आरोपी युवक अभी भी पुलिस गिरफ्त से कोसों दूर है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि दो दिन पूर्व जहां बवाल हुआ था। वह दूसरे थाना क्षेत्र में पड़ता है।

सीओ कपिलमुनि सिंह ने कहा कि किशोरी के आत्महत्या की सूचना मिली थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इसके अलावा अभी परिजनों ने कोई बात नहीं बताई है। अब रही बात स्थानीय पुलिस को सूचना देने के बाद भी कार्रवाई नहीं करने की तो परिजनों को उनसे मिलना चाहिए था।

 

विस्तार

देवरिया जिले के खुखुंदू क्षेत्र में एक किशोरी (छात्रा) को उसके सहपाठी द्वारा ब्लैकमेल करने के मामले में जब पिता बुलाए गए स्थान पर पहुंचे तो युवक ने दो दिन पूर्व बवाल किया था। 112 नंबर पर सूचना पर पुलिस भी पहुंची। धीरे-धीरे लोग जान गए कि अमुक युवक छात्रा को ब्लैक मेल कर रहा था। यह चर्चा आसपास होने लगी। इसे किशोरी इसे बर्दाश्त नहीं कर पाई और जान दे दी। हालांकि पुलिस इस मामले में चुप्पी साध बैठ गई। परिवार वालों का कहना है कि काश पुलिस इस मामले को गंभीरता से लिया होता और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई होती तो शायद किशोरी ऐसा कदम नहीं उठाती।

पुलिस की मामूली चूक से हंसते खेलते परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। यह हाल तब है जब किशोरियों व महिलाओं की सुरक्षा के लिए हर थाने पर महिला कांस्टेबलों की तैनाती की गई है। एंटी रोमियो दस्ता भी बना है। 22 अक्तूबर को मामला जगजाहिर होने पर किशोरी सदमे में आ गई और उसने लोकलाज के भय से दुनिया से नाता तोड़ लिया।

उधर आरोपी आरोपी युवक अभी भी पुलिस गिरफ्त से कोसों दूर है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि दो दिन पूर्व जहां बवाल हुआ था। वह दूसरे थाना क्षेत्र में पड़ता है।

सीओ कपिलमुनि सिंह ने कहा कि किशोरी के आत्महत्या की सूचना मिली थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इसके अलावा अभी परिजनों ने कोई बात नहीं बताई है। अब रही बात स्थानीय पुलिस को सूचना देने के बाद भी कार्रवाई नहीं करने की तो परिजनों को उनसे मिलना चाहिए था।

 

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