Mock Dril – पीआईसीयू में मॉक ड्रिल से जांची गई कोरोना की तीसरी लहर से बचाव की तैयारी


कोरोना की सम्भावित तीसरी लहर को देखते हुए एमसीएच विंग मे बने पीकू वार्ड की तैयारियो को परखा गया। ?
– फोटो : DEORIA

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पीआईसीयू में मॉक ड्रिल से जांची गई कोरोना की तीसरी लहर से बचाव की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बचाव की तैयारियां जानने के लिए शनिवार को जिला अस्पताल के पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट) में मॉक ड्रिल हुई। इस दौरान जिले की नोडल अधिकारी अस्पताल के संसाधनों से रूबरू भी हुईं। इसके साथ ही जिले में स्थापित अन्य चार पीकू वार्ड में भी मॉकड्रिल का आयोजन हुआ।
कोरोना को लेकर शासन व प्रशासन सतर्क है। संभावित तीसरी लहर में बच्चों के सर्वाधिक प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। इसे देखते हुए मेडिकल कालेज से संबद्ध बाबू मोहन सिंह जिला अस्पताल के करीब 250 बेड की एमसीएच विंग में बच्चों के लिए 57 बेड का वार्ड बनाया गया है। इसकी तैयारी को लेकर शनिवार को मॉकड्रिल हुई।
सुबह दस बजे से तैयारियों को अंतिम रूप देने में स्वास्थ्य कर्मी जुटे थे। इसी बीच जिले की नोडल अधिकारी व आरएफपीटीसी (रीजनल फेमिली प्लानिंग ट्रेनिंग सेंटर) की प्रधानाचार्य डॉ. नुपूर श्रीवास्तव, सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय, एमसीएच विंग के नोडल अधिकारी एवं जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एचके मिश्रा के साथ पहुंचीं और मॉकड्रिल शुरू हुई। एंबुलेंस से डमी मरीज पहुंचा। वह खांसी, बुखार से पीड़ित था। जांच में बुखार के साथ ही ऑक्सीजन लेबल कम होने पर उसे ऑक्सीजन मॉस्क लगाने के बाद स्ट्रेचर से पीआईसीयू में पहुंचाया गया। यहां तत्काल उसका इलाज शुरू कर दिया गया। इस दौरान नोडल अधिकारी ने सभी गतिविधियों को बारीकी से देखा और परखा। उन्होंने पीआईसीयू में उपलब्ध संसाधनों व व्यवस्था का जायजा लिया। दवा की उपलब्धता को भी देखा। उन्होंने चिकित्सक तथा पैरामेडिकल स्टाफ के प्रशिक्षण के बारे में जानकारी ली और उनसे पूछताछ भी की। इस दौरान डॉ. तैयब अली, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. विनोद कुमार, स्टाफ नर्स विंध्यवासिनी रावत, चांदनी सिंह, कविता राय, रविकिरन, वंदना, ममता चौहान, फार्मासिस्ट सुधीर श्रीवास्तव, एलटी विश्वभान सिंह, पूर्णवासी, राकेश कुमार मिश्र, वार्ड ब्वाय धर्मेंद्र जायसवाल, विवेक पांडेय, लोकेंद्र यादव, अमित उपाध्याय, मुकेश सिंह, रामअशीष आदि मौजूद रहे। इसके अलावा नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. संजय चंद ने सीएचसी लार में बने बीस बेड के पीआईसीयू में भी तैयारियों का जायजा लिया। इसी तरह सीएचसी रुद्रपुर में नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद, पिपरा दौला कदम में डॉ. बीपी सिंह व गौरीबाजार में डॉ. सुरेंद्र चौधरी ने तैयारियों का जायजा लिया। सभी अस्पतालों में 12-12 बेड का पीआईसीयू स्थापित है।
पीकू वार्ड में यह थी व्यवस्था
पीआईसीयू में दस बेड लगे थे। यहां वेंटीलेटर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, पाइपैप, एचएफएनसी मॉनीटर, इंफ्ल्यूजन पंप सहित अन्य संसाधन मौजूद थे। दवा भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध थी। वार्ड के समीप नर्सजे स्टेशन पर भी स्वास्थ्य कर्मी तैनात थे।
नोडल अधिकारी ने ऑक्सीजन प्लांट भी देखा
मॉकड्रिल के बाद नोडल अधिकारी ने ऑक्सीजन की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी ली। बताया गया कि परिसर में स्थापित दो ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील हैं, जबकि एक प्लांट की मशीन आ गई है और स्टॉल किया जा रहा। वह भी जल्द शुरू हो जाएगा। इसके अलावा महिला व पुरूष अस्पताल में भी एक-एक प्लांट क्रियाशील है।

पीआईसीयू में मॉक ड्रिल से जांची गई कोरोना की तीसरी लहर से बचाव की तैयारी

संवाद न्यूज एजेंसी

देवरिया। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बचाव की तैयारियां जानने के लिए शनिवार को जिला अस्पताल के पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट) में मॉक ड्रिल हुई। इस दौरान जिले की नोडल अधिकारी अस्पताल के संसाधनों से रूबरू भी हुईं। इसके साथ ही जिले में स्थापित अन्य चार पीकू वार्ड में भी मॉकड्रिल का आयोजन हुआ।

कोरोना को लेकर शासन व प्रशासन सतर्क है। संभावित तीसरी लहर में बच्चों के सर्वाधिक प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। इसे देखते हुए मेडिकल कालेज से संबद्ध बाबू मोहन सिंह जिला अस्पताल के करीब 250 बेड की एमसीएच विंग में बच्चों के लिए 57 बेड का वार्ड बनाया गया है। इसकी तैयारी को लेकर शनिवार को मॉकड्रिल हुई।

सुबह दस बजे से तैयारियों को अंतिम रूप देने में स्वास्थ्य कर्मी जुटे थे। इसी बीच जिले की नोडल अधिकारी व आरएफपीटीसी (रीजनल फेमिली प्लानिंग ट्रेनिंग सेंटर) की प्रधानाचार्य डॉ. नुपूर श्रीवास्तव, सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय, एमसीएच विंग के नोडल अधिकारी एवं जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एचके मिश्रा के साथ पहुंचीं और मॉकड्रिल शुरू हुई। एंबुलेंस से डमी मरीज पहुंचा। वह खांसी, बुखार से पीड़ित था। जांच में बुखार के साथ ही ऑक्सीजन लेबल कम होने पर उसे ऑक्सीजन मॉस्क लगाने के बाद स्ट्रेचर से पीआईसीयू में पहुंचाया गया। यहां तत्काल उसका इलाज शुरू कर दिया गया। इस दौरान नोडल अधिकारी ने सभी गतिविधियों को बारीकी से देखा और परखा। उन्होंने पीआईसीयू में उपलब्ध संसाधनों व व्यवस्था का जायजा लिया। दवा की उपलब्धता को भी देखा। उन्होंने चिकित्सक तथा पैरामेडिकल स्टाफ के प्रशिक्षण के बारे में जानकारी ली और उनसे पूछताछ भी की। इस दौरान डॉ. तैयब अली, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. विनोद कुमार, स्टाफ नर्स विंध्यवासिनी रावत, चांदनी सिंह, कविता राय, रविकिरन, वंदना, ममता चौहान, फार्मासिस्ट सुधीर श्रीवास्तव, एलटी विश्वभान सिंह, पूर्णवासी, राकेश कुमार मिश्र, वार्ड ब्वाय धर्मेंद्र जायसवाल, विवेक पांडेय, लोकेंद्र यादव, अमित उपाध्याय, मुकेश सिंह, रामअशीष आदि मौजूद रहे। इसके अलावा नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. संजय चंद ने सीएचसी लार में बने बीस बेड के पीआईसीयू में भी तैयारियों का जायजा लिया। इसी तरह सीएचसी रुद्रपुर में नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद, पिपरा दौला कदम में डॉ. बीपी सिंह व गौरीबाजार में डॉ. सुरेंद्र चौधरी ने तैयारियों का जायजा लिया। सभी अस्पतालों में 12-12 बेड का पीआईसीयू स्थापित है।

पीकू वार्ड में यह थी व्यवस्था

पीआईसीयू में दस बेड लगे थे। यहां वेंटीलेटर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, पाइपैप, एचएफएनसी मॉनीटर, इंफ्ल्यूजन पंप सहित अन्य संसाधन मौजूद थे। दवा भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध थी। वार्ड के समीप नर्सजे स्टेशन पर भी स्वास्थ्य कर्मी तैनात थे।

नोडल अधिकारी ने ऑक्सीजन प्लांट भी देखा

मॉकड्रिल के बाद नोडल अधिकारी ने ऑक्सीजन की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी ली। बताया गया कि परिसर में स्थापित दो ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील हैं, जबकि एक प्लांट की मशीन आ गई है और स्टॉल किया जा रहा। वह भी जल्द शुरू हो जाएगा। इसके अलावा महिला व पुरूष अस्पताल में भी एक-एक प्लांट क्रियाशील है।

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