Surgery – सैफई में होगी पुनिता के न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट की सर्जरी


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सैफई में होगी पुनिता के न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट की सर्जरी
आरबीएसके टीम ने इलाज के लिए भेजा आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बैतालपुर ब्लॉक के औराचौरी गांव में बंसराज की आठ माह की बेटी पुनिता जन्मजात विकृति न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट (तंत्रिका ट्यूब दोष) की बीमारी से पीड़ित है। बीमारी सामने आने के बाद बैतालपुर की आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) टीम ने स्क्रीनिंग के बाद इलाज के लिए सैफई भेजा। चिकित्सकों ने जांच करने के बाद बच्ची को सर्जरी के लिए बुलाया है। औसतन 20 हजार नवजात शिशुओं में से एक को यह बीमारी होती है।
आठ माह पहले पुनिता के सिर के नीचे पीछे गर्दन पर एक बड़ी रसोली देखकर सबके होश उड़ गए। बंसराज अपनी बेटी को लेकर इलाज के लिए सीएचसी पहुंचे। आरबीएसके के चिकित्सक डॉ. अहमद जमाल सिद्दीकी, डॉ. अल्पना, फार्मासिस्ट आलमीन अली, एएनएम सुनीता देवी की टीम ने बच्ची की जांच की। इसमें नवजात में जन्मजात विकृति न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट की बीमारी सामने आई है। चिकित्सकों की टीम ने बच्ची के पिता को बताया इस बीमारी का ऑपरेशन से इलाज संभव है। इस बीमारी का इलाज सरकार की ओर से निशुल्क आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई में होता है। चिकित्सकों की टीम ने बच्ची को सैफई रेफर कर दिया। परिजन बच्ची को लेकर 28 अक्तूबर को सैफई गए। जांच के बाद वहां के चिकित्सकों ने बच्ची को सर्जरी के लिए बुलाया है।
15 नवंबर को होगी पुनिता की सर्जरी
पुनिता के पिता बंसराज ने बताया कि आरबीएसके टीम बैतालपुर की मदद से बच्ची को इलाज के लिए आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई लेकर गए। जहां डॉ. हनुमान प्रसाद प्रजापति ने पुनिता की जांच की। पिता ने बताया कि डॉ. प्रजापति ने पुनिता को सर्जरी के लिए बुलाया है और पंद्रह नवंबर को सर्जरी करने की बात कही है।
ऐसे होती है यह बीमारी
गर्भावस्था के दौरान तीन सप्ताह में न्यूरल ट्यूब आकार लेने लगते हैं। महिला बीमारी से ग्रस्त होने से न्यूरल ट्यूब में ग्रोथ होना रुक जाता है और न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट की बीमारी हो जाती है। इसका एक कारण गर्भवस्था में धूम्रपान करना भी है। क्योंकि धूम्रपान न्यूरल ट्यूब बंद कर देता है और इससे ग्रोथ रुक जाती है।

सैफई में होगी पुनिता के न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट की सर्जरी

आरबीएसके टीम ने इलाज के लिए भेजा आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई

संवाद न्यूज एजेंसी

देवरिया। बैतालपुर ब्लॉक के औराचौरी गांव में बंसराज की आठ माह की बेटी पुनिता जन्मजात विकृति न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट (तंत्रिका ट्यूब दोष) की बीमारी से पीड़ित है। बीमारी सामने आने के बाद बैतालपुर की आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) टीम ने स्क्रीनिंग के बाद इलाज के लिए सैफई भेजा। चिकित्सकों ने जांच करने के बाद बच्ची को सर्जरी के लिए बुलाया है। औसतन 20 हजार नवजात शिशुओं में से एक को यह बीमारी होती है।

आठ माह पहले पुनिता के सिर के नीचे पीछे गर्दन पर एक बड़ी रसोली देखकर सबके होश उड़ गए। बंसराज अपनी बेटी को लेकर इलाज के लिए सीएचसी पहुंचे। आरबीएसके के चिकित्सक डॉ. अहमद जमाल सिद्दीकी, डॉ. अल्पना, फार्मासिस्ट आलमीन अली, एएनएम सुनीता देवी की टीम ने बच्ची की जांच की। इसमें नवजात में जन्मजात विकृति न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट की बीमारी सामने आई है। चिकित्सकों की टीम ने बच्ची के पिता को बताया इस बीमारी का ऑपरेशन से इलाज संभव है। इस बीमारी का इलाज सरकार की ओर से निशुल्क आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई में होता है। चिकित्सकों की टीम ने बच्ची को सैफई रेफर कर दिया। परिजन बच्ची को लेकर 28 अक्तूबर को सैफई गए। जांच के बाद वहां के चिकित्सकों ने बच्ची को सर्जरी के लिए बुलाया है।

15 नवंबर को होगी पुनिता की सर्जरी

पुनिता के पिता बंसराज ने बताया कि आरबीएसके टीम बैतालपुर की मदद से बच्ची को इलाज के लिए आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई लेकर गए। जहां डॉ. हनुमान प्रसाद प्रजापति ने पुनिता की जांच की। पिता ने बताया कि डॉ. प्रजापति ने पुनिता को सर्जरी के लिए बुलाया है और पंद्रह नवंबर को सर्जरी करने की बात कही है।

ऐसे होती है यह बीमारी

गर्भावस्था के दौरान तीन सप्ताह में न्यूरल ट्यूब आकार लेने लगते हैं। महिला बीमारी से ग्रस्त होने से न्यूरल ट्यूब में ग्रोथ होना रुक जाता है और न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट की बीमारी हो जाती है। इसका एक कारण गर्भवस्था में धूम्रपान करना भी है। क्योंकि धूम्रपान न्यूरल ट्यूब बंद कर देता है और इससे ग्रोथ रुक जाती है।

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