Target Of 455 Marriage – सामूहिक विवाह में 455 जोड़े जुटाने का लक्ष्य


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सामूहिक विवाह में 455 जोड़े जुटाने का लक्ष्य
नवंबर के शुभ मुहूर्त में गरीब कन्याओं की कराई जाएगी शादी
डीएम ने ब्लॉक व नगर निकायों को जोड़ा जुटाने का दिया लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोविड-19 संक्रमण के कारण सुस्त पड़ी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को शासन से हरी झंडी मिल गई है। नवंबर में शुभ मुहूर्त पर युवक-युवतियां सात फेरे लेंगे। डीएम ने सभी ब्लॉक व नगर निकायों को मिलाकर 455 जोड़े जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। ब्लॉक 25 जोड़े व नगर निकाय पांच-पांच जोड़े जुटाएंगे।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। इस योजना के तहत सरकार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग व सामान्य वर्ग के गरीब व्यक्ति की पुत्रियों की शादी का पूरा खर्च उठाती है। योजना की शुरुआत अक्तूबर 2017 में हुई थी। इसके बाद विभिन्न शुभ मुहूर्तों में सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए गए। अप्रैल 2019 में कोविड संक्रमण आने के बाद सामूहिक विवाह समारोह के आयोजनों पर ब्रेक लग गया। संक्रमण की रफ्तार कम होने पर जुलाई माह में विधानसभावार 99 जोड़ों की शादी रचाई गई थी। गोवर्धन पूजा के बाद शुभ मुहूर्त शुरू होने पर शासन की ओर से सामूहिक विवाह के लिए तिथि तय की जाएगी।
प्रत्येक जोड़े पर खर्च होंगे 51 हजार रुपये
सरकार समाज कल्याण विभाग को प्रत्येक जोड़ों के हिसाब से 51 हजार की धनराशि मुहैया करा रही है। इसमें 35 हजार रुपये कन्या के खाते में भेजे जाएंगे। दस हजार रुपये में कन्या को गृहस्थी का सामान दिया जाएगा। छह हजार रुपये सामूहिक विवाह के आयोजन पर खर्च होगा।
कोट
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 455 जोड़ों की शादी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए सभी ब्लॉकों को 25-25 जोड़े व नगर निकायों को 5-5 जोड़े जुटाने का लक्ष्य आवंटित किया गया है। नवंबर माह में समारोह आयोजित किया जाना है।
– जैसवार लालबहादुर, जिला समाज कल्याण अधिकारी।

सामूहिक विवाह में 455 जोड़े जुटाने का लक्ष्य

नवंबर के शुभ मुहूर्त में गरीब कन्याओं की कराई जाएगी शादी

डीएम ने ब्लॉक व नगर निकायों को जोड़ा जुटाने का दिया लक्ष्य

संवाद न्यूज एजेंसी

देवरिया। कोविड-19 संक्रमण के कारण सुस्त पड़ी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को शासन से हरी झंडी मिल गई है। नवंबर में शुभ मुहूर्त पर युवक-युवतियां सात फेरे लेंगे। डीएम ने सभी ब्लॉक व नगर निकायों को मिलाकर 455 जोड़े जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। ब्लॉक 25 जोड़े व नगर निकाय पांच-पांच जोड़े जुटाएंगे।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। इस योजना के तहत सरकार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग व सामान्य वर्ग के गरीब व्यक्ति की पुत्रियों की शादी का पूरा खर्च उठाती है। योजना की शुरुआत अक्तूबर 2017 में हुई थी। इसके बाद विभिन्न शुभ मुहूर्तों में सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए गए। अप्रैल 2019 में कोविड संक्रमण आने के बाद सामूहिक विवाह समारोह के आयोजनों पर ब्रेक लग गया। संक्रमण की रफ्तार कम होने पर जुलाई माह में विधानसभावार 99 जोड़ों की शादी रचाई गई थी। गोवर्धन पूजा के बाद शुभ मुहूर्त शुरू होने पर शासन की ओर से सामूहिक विवाह के लिए तिथि तय की जाएगी।

प्रत्येक जोड़े पर खर्च होंगे 51 हजार रुपये

सरकार समाज कल्याण विभाग को प्रत्येक जोड़ों के हिसाब से 51 हजार की धनराशि मुहैया करा रही है। इसमें 35 हजार रुपये कन्या के खाते में भेजे जाएंगे। दस हजार रुपये में कन्या को गृहस्थी का सामान दिया जाएगा। छह हजार रुपये सामूहिक विवाह के आयोजन पर खर्च होगा।

कोट

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 455 जोड़ों की शादी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए सभी ब्लॉकों को 25-25 जोड़े व नगर निकायों को 5-5 जोड़े जुटाने का लक्ष्य आवंटित किया गया है। नवंबर माह में समारोह आयोजित किया जाना है।

– जैसवार लालबहादुर, जिला समाज कल्याण अधिकारी।

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