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देवरिया टाइम्स – हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी विश्व की सबसे बड़ी रेल यात्रा, जागृति रेल यात्रा उद्यम से देश निर्माण का संकल्प लेकर भारत भ्रमण पर अग्रसर है, अमृत काल में आयोजित यात्रा को इस वर्ष “जागृति अमृत काल यात्रा” नाम दिया गया है। मंगलवार को यात्रा का पड़ाव देवरिया में था। देवरिया में यात्रा का आगमन सुबह-सुबह ही हो गया। देवरियावासियों ने देश-विदेश के यात्रियों का स्वागत भव्यता के साथ किया।

◆यात्रा में शामिल सभी युवा यात्रियों ने ग्रामसभा बरपार व आस-पास के गांव का भ्रमण किया, तथा ग्रामिणों से चर्चा करके स्वरोजगार की दिशा में मुलभुत समस्याओं को समझा और समाधान पर चर्चा की। दोपहर में सभी ने गांव के अपने इस अनुभव को कागज पर उकेरा और बना दिया एक बिजनेस मॉडल। इस बिजनेस मॉडल का प्रदर्शन सभी अन्य यात्री और स्थानीय लोगों के मध्य किया गया। यात्रा के अंतिम पड़ाव पर विजेता की घोषणा होगी। आज सुबह सभी यात्री देवरिया से प्रस्थान करेंगे अपने अगले पड़ाव की ओर जो है दिल्ली। बिज ज्ञान ट्री प्रतियोगिता के दौरान यात्रियों को संबोधित करने पहूंचे देवरिया जिलाधिकारी श्री जितेंद्र प्रताप सिंह जी ने सभी यात्रियों का स्वागत किया व उनके बिजनेस मॉडल के बारे में जानकारी ली। इस दौरान सभी यात्रियों ने यात्री गीत गाकर जिलाधिकारी जी को धन्यवाद ज्ञापित किया।

◆यात्रा के संस्थापक शशांक मणि ने कहा कि जागृति रेल यात्रा पिछले 14 वर्षों से उद्यमिता से देश निर्माण का संकल्प लेकर 24 दिसंबर से 08 जनवरी तक चल रही है। उन्होंने बताया कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने 73वे स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से हर भारतीय के लिए 15 पर्यटन स्थल का भ्रमण करने, इनोवेशन और शोध को जीवन शैली बनाने और 75 वीं वर्षगांठ पर 5 प्रण देकर हमारी विरासत पर गर्व करने और विकसित राष्ट्र बनने का अह्वान किया हैं। इस अह्वान को हम यात्रा के माध्यम से पिछले 14 वर्षों से कार्यान्वित कर रहे हैं। जैसा कि हम जानते हैं भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप संचालक है। जागृति ने अपना योगदान देते हुए 14 वर्षों में 1000 से ज्यादा उद्यमी बनाए हैं जो अपना स्टार्टअप चला रहे हैं और 7000 से ज्यादा लोगों को उद्यमिता से प्रभावित किया है।

◆यात्रा का परिचय – जागृति यात्रा 24 दिसंबर से लेकर 08 जनवरी तक देश-विदेश के 500 युवाओं को भारत भ्रमण पर ले जाती है। यात्रा का मुख्य उद्देश्य है उद्यम से भारत निर्माण। इस यात्रा में हम ऐसे सफल सामाजिक उद्यमियों से भेंट करते और सीखते हैं जिन्होंने अपना उद्यम स्थापित किया और सफलतापूर्वक संचालित करते हुए स्वरोजगार दे रहे हैं। यात्रा का संचालन पिछले 14 वर्षों से हो रहा है, 7000 से ज्यादा पूर्व यात्रियों का एक समूह इसके माध्यम से बना है। इस समूह में 40 प्रतिशत महिलाएं है और इनमें से 28 प्रतिशत यात्रियों ने अपना उद्यम स्थापित किया है और उसका संचालन कर रहे हैं।

◆बरगद क्रांति जो कि ग्रामसभा बरपार में स्थित बरगद से प्रेरित है, इस क्रांति में देवरिया, नागपुर, गंजाम और कन्याकुमारी में उद्यमिता केंद्र सहित मुम्बई में एक शोध केंद्र संचालित किया जाएगा। हमारा लक्ष्य है कि इस क्रांति के माध्यम से लगभग 3 करोड़ लोगों को प्रभावित करें और इसके साथ उद्यमों के लिए 5-6 हजार करोड़ निवेश करें। उद्यमिता का यह अभियान जन-जन तक पहूंचे, लेकिन आपके सहयोग के बिना यह संभव नहीं है। जागृति टीम आपको कल पत्रकारवार्ता के लिए सादर आमंत्रित करती है, कृपया पत्रकारवार्ता में पधार कर देश निर्माण की इस अनुठी पहल में हमारे सहयोगी बनें।

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