Google search engine

पंचायत भवन की घटिया गुणवत्ता पर डीएम ने जतायी नाराजगी, पंचायत सचिव निलंबित

Deoria News:देवरिया टाइम्स। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने आज शासन के दिशा-निर्देश के क्रम में सदर ब्लॉक के बरवा ग्राम पंचायत में आयोजित हुए प्रथम ग्राम चौपाल में जन समस्याओं की सुनवाई की। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर की समस्याओं का समाधान ग्राम स्तर पर ही करना ग्राम चौपाल का मुख्य उद्देश्य है। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक शुक्रवार को हर ब्लॉक के दो-दो ग्राम पंचायतों में ग्राम चौपाल का आयोजन किया जाएगा, जिसमें समस्त विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे और जन समस्याओं का समाधान करेंगे।


ग्राम चौपाल के दौरान विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी गई। स्वयं सहायता समूह की लीलावती देवी ने उपस्थित लोगों को अपने समूह की गतिविधियों के संबन्ध में अवगत कराया। उन्होंने सीसीएल होने के बावजूद 2 साल से समूह के खाते में पैसा न आने की शिकायत की, जिस पर जिलाधिकारी ने जिला विकास अधिकारी रवि शंकर राय को आवश्यक कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया।


जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत में जल जीवन मिशन के तहत कनेक्शन होने के संबन्ध में पूछा तो ग्रामीणों ने बताया कि पाइपलाइन बिछ गई है, लेकिन अभी सभी घरों में पानी की सप्लाई नहीं शुरू हुई है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से पंचायत भवन तक आने वाली मार्ग को पिच मार्ग के रूप में विकसित करने की मांग की जिसपर उन्होंने प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया।
संजू देवी ने राशन कार्ड के संबन्ध में तथा रामभवन ने किसान सम्मान निधि के संबन्ध में शिकायत की, वहीं रामध्यान ने अंत्योदय कार्ड की मांग की। जिलाधिकारी ने समस्त मांगों पर कार्यवाही हेतु आश्वस्त किया।


जिलाधिकारी ने सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं जैसे मनरेगा, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, किसान सम्मान निधि, स्कूल, आंगनबाड़ी आदि के संबन्ध में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान सदर ब्लॉक के बीडीओ, एडीओ पंचायत चंद्रभूषण नाथ तिवारी, एडीओ कॉपरेटिव सौरभ, राम प्रकाश त्रिपाठी, विजेता यादव, पंचायत सचिव सत्येंद्र यादव सहित विभिन्न लोग उपस्थित थे।

पंचायत भवन की घटिया गुणवत्ता पर डीएम ने जतायी नाराजगी, पंचायत सचिव निलंबित,तकनीकी समिति करेगी परियोजना की जांच

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ग्राम चौपाल के तहत जनसमस्याओं को सुनवाई करने आज ग्राम पंचायत बरवा पहुंचे। वहां उन्होंने प्रथम दृष्टया पंचायत भवन के निर्माण की घटिया गुणवत्ता मिलने पर गहरी नाराजगी जतायी तथा उत्तरदायित्व तय करते हुए पंचायत सचिव सत्येंद्र यादव को निलंबित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने घटिया वर्कमैनशिप एवं फिनिशिंग की जाँच हेतु तकनीकी समिति का गठन करने का भी निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने वर्ष 2020 में 10.71 लाख रुपये की लागत से बने नवीन पंचायत भवन की खराब गुणवत्ता पर एडीओ पंचायत तथा पंचायत सेक्रेटरी को कड़ी फटकार लगाई। डीएम ने हाल में लगे नए दरवाजे के मानकविहीन हैंडल तथा खराब गुणवत्ता के प्लाय के प्रयोग पर गहरा असन्तोष व्यक्त किया। डीएम के हाथ लगाते ही पंचायत भवन की खिड़की उखड़ गए। निरीक्षण के समय शौचालय में पानी नहीं आ रहा था।
जिलाधिकारी ने पूरे पंचायत भवन परिसर को चारदीवारी बनाकर सुरक्षित करने का निर्देश दिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here